इटावा पुलिस का बर्बर कारनामा, छापेमारी के नाम पर महिलाओं की पिटाई

इटावा पुलिस पर आरोप है कि उसने छापेमारी के नाम पर घरों में घुसकर महिलाओं, किशोरियों व ग्रामीणों के साथ मारपीट की है

Sandeep Mishra | ETV UP/Uttarakhand
Updated: November 28, 2017, 7:16 PM IST
Sandeep Mishra | ETV UP/Uttarakhand
Updated: November 28, 2017, 7:16 PM IST
इटावा पुलिस पर आरोप है कि उसने छापेमारी के नाम पर घरों में घुसकर महिलाओं, किशोरियों व ग्रामीणों के साथ मारपीट की है. यहीं नहीं घर के सामन तो भी तोड़ दिया और बाहर खड़े वाहनों में भी तोडफोड़ की. पुलिस की इस बर्बरता पूर्ण मारपीट में एक किशोरी, दो महिलाओं व एक युवक समेत चार लोग गम्भीर रूप से घायल हो गए हैं.

पुलिसिया तांडव की यह सनसनीखेज घटना है इटावा के थाना बढ़पुरा के मनकापुरा गांव की. सोमवार रात वाहन चेकिंग के नाम पर थाना बढ़पुरा पुलिस ने एक मोटरसाइकिल को रोका और बाइक के कागज ना होने पर वाहन चालक से 1000 रुपए सुविधा शुल्क की डिमांड करने लगे. पीड़ित की सूचना पर ग्राम मनकापुरा गांव के कुछ सम्भ्रांत लोग भी मौके पर पहुंच गए और थाना बढ़पुरा पुलिस की इस हरकत का विरोध करने लगे.

तभी एक ग्रामीण ने पुलिस का वीडियो बना लिया. ग्रामीणों की इस हरकत को पुलिस ने देख लिया और फिर बढ़पुरा पुलिस ने अपना आपा खो दिया. जिस मोबाइल फोन में पुलिस की रिश्वतखोरी का वीडियो बनाया गया था वो मोबाइल पुलिस ने छीन लिया और मौके से बाइक चालक समेत पांच ग्रामीणों को गिरफ्तार कर लिया. सभी निर्दोष ग्रामीणों पर थाने पर हमला करने जैसी गम्भीर धाराओं में चालान किया.

इसके बाद थाना बढ़पुरा पुलिस मनकापुरा गांव पहुंचीं और पुलिस ने गांव के घरों में महिलाओं, किशोरियों और पुरुषों के साथ जमकर मारपीट भी की. पुलिस ने रायफल की बटो व डंडों से महिलाओं को बुरी तरह मारा.

पीड़ित लोग सदर भाजपा विधायिका सरिता भदौरिया से मिले तब पीड़ितों को लेकर भाजपा विधायक एसएसपी वैभव कृष्ण से मिली. तब एसएसपी घायल महिलाओं और ग्रामीण को इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा. इस मामले में एसएसपी ने जांच के आदेश दे दिए हैं.
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