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इटावा : सूफी गायक कैलाश खेर का दावा - यूपी की फिल्म सिटी में किए जाएंगे नायाब प्रयोग

इटावा महोत्सव में रविवार को मेगा नाइट में शामिल होने आए थे कैलाश खेर (दाएं).

इटावा महोत्सव में रविवार को मेगा नाइट में शामिल होने आए थे कैलाश खेर (दाएं).

सूफी गायक कैलाश खेर का कहना है कि वह गायक नहीं हैं, बल्कि भगवान शिव के बावरे भक्त हैं. उनकी पहचान एक ऐसे बावरे भक्त के रूप में की जाए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 28, 2021, 9:50 PM IST
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इटावा. पद्मश्री (Padmashree) और उत्तर प्रदेश फिल्म विकास परिषद के सलाहकार सदस्य सूफी गायक कैलाश खेर (Sufi singer Kailash Kher) ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने प्रदेश में जो नई फिल्म सिटी (Film City) की परिकल्पना की है, वह असाधारण कदम है. इस दिशा में काम शुरू कर दिया गया है. कैलाश खेर इटावा महोत्सव (Etawah Festival) में रविवार को मेगा नाइट में शामिल होने आए थे.

इस मौके पर सूफी गायक कैलाश खेर ने सुमरे सिंह किले पर पत्रकारों से कहा कि इस फिल्म सिटी में संगीत साधना केंद्र और निज की खोज जिसमें शरीर के संगीत को पहचानने की चेतना जागृत हों, ऐसे प्रयोग किए जाएंगे. उनका सपना है कि जिस देश की आध्यात्मिक चेतना को दुनिया में पहचान मिली है, उस भारत भूमि को सभी नमन करें. खेर ने कहा कि स्थानीय मेलों को आज राष्ट्रीय स्तर की पहचान मिल रही है. भारत एक जागृत देश है, ऐसे में इस देश की परम पावन आध्यात्मिक सृजन शक्ति को हमें पहचाना होगा. देशभर में लोग शांति की खोज के लिए भारत का रुख करते हैं. यही कारण है कि आज पूरा विश्व भारत की ओर देख रहा है.

हाल के दिनों में संगीत से जुड़े रियलिटी शो में आए बदलाव को लेकर उन्होंने कहा कि अब मौका है सिर्फ जज बनकर दूसरे की प्रतिभा को न परख रखा जाए, बल्कि नई पीढ़ी को साथ लेकर चला जाए. जिससे नवोदित कलाकारों को कुछ सीखने को मिल सके. उन्होंने संगीत रियलिटी शो म्यूजिक लीग के बारे में कहा कि वे भले उत्तर प्रदेश और दिल्ली के रहने वाले हैं, लेकिन उन्हें मुंबई की टीम का कैप्टन बनाया गया. निश्चित रूप से उत्तर प्रदेश और दिल्ली के लोग भी उन्हें वोट देकर इस लीग मुकाबले में जीत दिलाएंगे.



आधुनिक आध्यात्मिक गीतों को लेकर कैलाश खेर का कहना है कि वह गायक नहीं हैं, बल्कि भगवान शिव के बावरे भक्त हैं. उनकी पहचान एक ऐसे बावरे भक्त के रूप में की जाए, जिससे लोग भारत की आध्यात्मिक चेतना को पहचान कर उसमें रम सकें. उन्होंने शरीर के संगीत की व्याख्या भी अपने ढंग से की. उत्तर प्रदेश में फिल्म सिटी का सपना साकार होने को लेकर उन्होंने कहा कि किसी भी परिकल्पना को पूर्ण होने में समय की आवश्यकता होती है. जल्दबाजी में केवल दूसरों को खुश करने की कोशिश तो पूरी हो सकती है, लेकिन एक बड़ी परिकल्पना के साकार होने के लिए वक्त चाहिए होता है.
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की फिल्म सिटी के लिए मुंबई के कलाकार भी उत्साहित हैं. दुनिया के अलग-अलग देशों के लोग भी इस फिल्म सिटी में शूटिंग के लिए आएंगे. उन्होंने कहा कि क्रिकेट की तर्ज पर अब म्यूजिक लीग भी टीवी पर चालू की गई है. वह मुम्बई वॉरियर्स टीम का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. इस लीग में नए कलाकारों को पूरा मौका दिया गया है. उत्तर प्रदेश के लोगों से उन्होंने गुजारिश की कि वह उनकी टीम को वोट अवश्य करें. उन्होंने कहा कि उनका कैलासा बैंड आधुनिक व अध्यात्म का मिलाजुला संगम है. उन्होंने अपने 15 साल के कॅरिअर में लगभग 1200 गाने गाए हैं. 18 भाषाओं में वह अब तक गा चुके हैं.
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