Etawah Zila Panchayat Chunav Results: अखिलेश-शिवपाल के गठबंधन से टूटा बीजेपी का सपना, 32 साल से कायम है मुलायम परिवार का कब्ज़ा

इटावा जिला पंचायत चुनाव में मुलायम कुनबे का दबदबा

इटावा जिला पंचायत चुनाव में मुलायम कुनबे का दबदबा

Etawah Panchayat Chunav Results 2021: सपा प्रमुख अखिलेश यादव के चचेरे भाई अभिषेक यादव का कहना है कि गठबंबधन के 20 जिला पंचायत सदस्य जीत की ओर हैं. अभिषेक यादव ने दावा किया है कि एक बार फिर से जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर समाजवादी पार्टी का ही कब्जा होगा.

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इटावा. उत्तर प्रदेश के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव (UP Panchayat Chunav 2021) में मतों की गिनती सोमवार को जारी है. उम्मीद है कि शाम तक सभी जिलों के परिणाम घोषित हो जाएंगे. उधर अगर समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के गढ़ इटावा (Etawah) की बात करें तो जिले में सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav) के परिवार का दबदबा देखने को मिल रहा है. जिला पंचायत  20 सीटों पर समाजवादी पार्टी या फिर उनके समर्थित उम्मीदवार या तो जीत चुके हैं या फिर आगे चल रहे  हैं. बीजेपी और निर्दलीय दो-दो सीट पर आगे हैं. लिहाजा रुझानों को देखते हुए सपा का जिलाध्यक्ष बनना तय माना जा रहा है.

सपा प्रमुख अखिलेश यादव के चचेरे भाई अभिषेक यादव का कहना है कि गठबंबधन के 20 जिला पंचायत सदस्य जीत की ओर हैं. अभिषेक यादव ने दावा किया है कि एक बार फिर से जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर समाजवादी पार्टी का ही कब्जा होगा. उन्होंने न्यूज18 से एक्सक्लूसिव बातचीत में दावा किया कि इटावा में आज जिस तरह समाजवादी पार्टी और गठंबधन के उम्मीदवारों को बढ़त मिल रही है, उससे स्पष्ट हो रहा है कि गठबंधन कम से कम 20 जिला पंचायत सदस्य सीटों पर जीत हासिल करने जा रहा है. अभिषेक यादव ने जिला पंचायत सीट पर काबिज होने के लिए अपने चाचा शिवपाल सिंह यादव से गठबंधन करके चुनाव लड़ा. यह गठजोड़ तब किया गया, जब भारतीय जनता पार्टी की ओर से यह कहा जाने लगा कि 1989 से जिला पंचायत अध्यक्ष सीट पर इस दफा भाजपा का प्रतिनिधि काबिज होगा.

आज आ जाएंगे नतीजे

बता दें कि जिला पंचायत सदस्य के नतीजे 3 मई सुबह तक घोषित हो जाएगी। जिला पंचायत सदस्य केरुझानों की अगर बात की जाए तो समाजवादी पार्टी और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के गठबंधन के पक्ष में दिखाई दे रहे है. सैफई प्रथम से सपा प्रमुख अखिलेश यादव के चचेरे भाई और निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष अभिषेक यादव जीत चुके हैं. सैफई 2 सीट से डॉ अरविंद कुमार को भी बहुत अच्छे मत मिल रहे हैं.
इन सीटों पर जीत व बढ़त

जसवंतनगर विधानसभा में तीन जिला पंचायत सदस्य की सीटें हैं. जिनमें जसवंतनगर प्रथम पर सपा पीएसपी गठबंधन की राधा देवी, जसवंतनगर द्वितीय और जसवंतनगर 3 पर भी समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार बढ़त बनाए हुए हैं. बसरेहर विकासखंड की तीन जिला पंचायत सदस्य सीटों पर भी समाजवादी पार्टी बढ़त बनाए हुए हैं. इस क्षेत्र मे प्रथम, द्वितीय और तृतीय तीनों सीटों पर सपा गठबंधन को बढ़त है. इसी तरह ताखा विकासखंड की तीनों जिला पंचायत सीटों पर भी सपा-प्रसपा गठबंधन को बढ़त मिली हुई है. भरथना क्षेत्र से जुड़ी हुई तीन जिला पंचायत सदस्य सीटों की अगर बात करें तो तीनों सीटों पर समाजवादी पार्टी गठबंधन के उम्मीदवारों को बढ़त मिलती हुई है. महेवा विकासखंड में समाजवादी पार्टी गठबंधन कम से कम 4 सीटों पर आगे है. यहां 5 जिला पंचायत सदस्य पद की सीट है. इटावा जिले में सबसे अधिक महेवा ब्लाक मे जिला पंचायत सदस्य पद की सीटे है. चकरनगर ब्लाक की दो सीटों पर समाजवादी पार्टी गठबंधन के उम्मीदवार आगे बने हुए हैं. बढ़पुरा विकासखंड की 3 सीटों में 2 पर समाजवादी पार्टी गठबंधन के उम्मीदवार बढ़त कायम किए हुए हैं. 2015 में शिवपाल सिंह के बड़े भाई राजपाल यादव के बेटे अभिषेक यादव समाजवादी पार्टी से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीत कर आए थे.

1989 से है सपा का दबदबा



1989 से इटावा जिला पंचायत अध्यक्ष सीट पर मुलायम परिवार का कब्जा बरकरार चला आ रहा है. पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सदस्य रामगोपाल यादव, प्रसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव और पूर्व सांसद राम सिंह शाक्य जिला परिषद अध्यक्ष के रूप में इस पद पर काबिज रहे. वर्ष 1995 में पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित की गई तो विधायक महेंद्र सिंह राजपूत अध्यक्ष बने. वर्ष 2000 में एससी वर्ग के लिए आरक्षित होने पर पूर्व सांसद प्रेमदास कठेरिया को मौका मिला। साल 2005 में पिछड़ा वर्ग महिला के आरक्षित होने पर सपा के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के भाई राजपाल सिंह की पत्नी प्रेमलता यादव अध्यक्ष बनीं। उनका कार्यकाल उस समय यादगार बन गया, जब वर्ष 2010 में यह पद सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित होने पर प्रदेश में बीएसपी की सरकार होने के बावजूद वो दूसरी बार अध्यक्ष बनीं। इसके बाद वर्ष 2015 में यह पद फिर से सामान्य रखा गया. तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के चचेरे भाई अभिषेक यादव इस पद पर आसीन हुए. अब इस सीट को पंचायत चुनाव में पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है. इससे सपा समर्थकों में उत्साह बढ़ गया है. 24 जिला पंचायत सदस्य में ज्यादा से ज्यादा सपा के सदस्य निर्वाचित हों, इसके लिए अभिषेक यादव बीते दो वर्षों से इटावा में कड़ी मेहनत कर रहे हैं. इसी जिला पंचायत सीट के जरिये मुलायम परिवार के रामगोपाल यादव, शिवपाल यादव आज राजनीति के शिखर पर स्थापित हुए हैं. वैसे अगर बात करें मुलायम परिवार के इतर तो प्रेमदास कठेरिया और महेंद्र सिंह राजपूत भी इसी जिला पंचायत सीट के जरिये सांसद और विधायक तक बन चुके हैं.
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