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Etawah News: जिला पंचायत अध्यक्ष पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित होने से सपा खेमे में उत्साह, 34 साल से है कब्जा

इटावा: जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर समाजवादी पार्टी का तीन दशक से ज्यादा से कब्जा रहा है.
इटावा: जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर समाजवादी पार्टी का तीन दशक से ज्यादा से कब्जा रहा है.

Etawah News: यूपी पंचायत चुनाव के लिए इटावा में जिला पंचायत पद पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है. समाजवादी पार्टी का यहां वर्चस्व रहा है. शिवपाल यादव, प्रोफेसर राम गोपाल यादव से लेकर नई पीढ़ी में अखिलेश यादव के चचेरे भाई अभिषेक यादव यहां से जीत दर्ज कर चुके हैं.

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इटावा. समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) का गढ कहे जाने वाले उत्तर प्रदेश के इटावा (Etawah) में जिला पंचायत अध्यक्ष (Jila Panchayat Adhyaksh) पद पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित किए जाने के बाद समाजवादी खेमे मे खासा जोश देखा जा रहा है. सरकार की आरक्षण प्रकिया लागू होने के बाद अगर कोई सबसे अधिक खुश है तो वे निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष अभिषेक यादव के समर्थक बताये जा रहे हैं. कारण ये है कि कुछ दिनों से इस तरह की खबरें सामने आ रही थीं कि नई आरक्षण नीति में इटावा की इस सीट को अनूसूचित जाति के लिए आरक्षित किया जाएगा. शुक्रवार को जैसे ही यह सीट पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित घोषित की गई, वैसे ही सबके चेहरे पर खुशियां दिखाई देने लगीं.

शिवपाल, रामगोपाल ने दर्ज की थी जीत

इटावा की जिला पंचायत सीट पर साल 1987 से समाजवादी पार्टी कब्जा बरकरार है. सपा के प्रमुख राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्यसभा सदस्य प्रो. रामगोपाल यादव, प्रसपा राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव तथा पूर्व सांसद राम सिंह शाक्य जिला परिषद अध्यक्ष के रूप में इस पद पर काबिज रहे. 1995 में पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित की गई तो विधायक महेंद्र सिंह राजपूत अध्यक्ष बने. वर्ष 2000 में एससी वर्ग के लिए आरक्षित होने पर पूर्व सांसद प्रेमदास कठेरिया को मौका मिला.



यादव कुनबे की लगातार रही है पकड़
वर्ष 2005 में पिछड़ा वर्ग महिला के आरक्षित होने पर सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के भाई राजपाल सिंह की पत्नी प्रेमलता यादव अध्यक्ष बनीं. उनका कार्यकाल उस समय यादगार बन गया, जब वर्ष 2010 में यह पद सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित होने पर तथा प्रदेश में बसपा सरकार होने के बावजूद वे दूसरी बार अध्यक्ष बनीं. इसके बाद वर्ष 2015 में यह पद फिर से सामान्य रखा गया. तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के चचेरे भाई अभिषेक यादव इस पद पर आसीन हुए. अब इस सीट को पंचायत चुनाव में पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है. इससे सपा समर्थकों में उत्साह बढ़ गया है.

प्रेमदास कठेरिया भी जीत चुके

24 जिला पंचायत सदस्य में ज्यादा से ज्यादा सपा के सदस्य निर्वाचित हों, इसके लिए अभिषेक यादव बीते दो सालों से इटावा में कड़ी कवायद कर रहे हैं. इसी जिला पंचायत सीट के बहाने मुलायम परिवार के प्रो.रामगोपाल यादव, शिवपाल सिंह यादव आज राजनीति के शिखर पर स्थापित हुए हैं. वैसे अगर बात करें मुलायम परिवार के इतर तो प्रेमदास कठेरिया भी इसी जिला पंचायत सीट के जरिये सांसद पद तक काबिज हो चुके हैं.
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