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निकाय चुनावः इटावा पुलिस को 'मृत लोगों' से है शांति भंग का खतरा

सांकेतिक तस्वीर.
सांकेतिक तस्वीर.

निकाय चुनाव के मद्देनजर लगता है कि इटावा पुलिस को मृत लोगों से भी शांति भंग का खतरा महसूस हो रहा है. तभी तो उसने सुल्तानपुर कला गांव के आधा दर्जन मृत लोगों को धारा 107/16 के तहत पाबंद किया है.

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निकाय चुनाव के मद्देनजर लगता है कि इटावा पुलिस को मृत लोगों से भी शांति भंग का खतरा महसूस हो रहा है. तभी तो उसने सुल्तानपुर कला गांव के आधा दर्जन मृत लोगों को धारा 107/16 के तहत पाबंद किया है.

जिले के थाना फ्रेंड्स कॉलोनी पुलिस ने इस गांव के छात्रों और मजदूरी कर अपना पेट पालने वाले लगभग 150 गरीब लोगों को 107/16 में पाबंद कर अपनी पीठ खुद ही थपथपाने का काम किया है. अगर ग्रामीणों की माने तो इटावा सदर में नगर निकाय का चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों ने शांति भंग की धारा 107/16 को अपने वोट बैंक को मजबूत करने का हथियार बना लिया है.

शहर के दबंग प्रत्याशी सम्बंधित थाना प्रभारी से सांठगांठ कर गरीब मतदाताओं को पहले शन्ति भंग की धारा 107/16 में पाबन्द करवा रहे हैं और फिर अपने पक्ष में मतदान करने का वायदा लेकर ये प्रत्याशी ही उन्हें सिटी मजिस्ट्रेट न्यायालय से निजी मुचलके पर छुड़वा रहे हैं. यह सच्चाई भी है कि इस चुनाव के मद्देनजर शन्ति भंग की धारा इटावा पुलिस के लिए धन उगाही का हथियार बन गया है.



वह चुनाव में गड़बड़ी फैलाने वाले संदिग्धों की बिना जांच किए ही शांति भंग की धारा 107/16 में पाबन्द कर रही है. इटावा पुलिस की इसी लापरवाहपूर्ण कार्रवाई के कारण थाना फ्रेंड्स कॉलोनी पुलिस ने सुल्तानपुर कला गांव के आधा दर्जन समेत कई निर्दोष छात्रों और गरीब तबके के लोगों को शांति भंग का मुजरिम बना दिया है.
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