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इटावा में गैरकानूनी ढंग से चल रहे 5 नर्सिग होम के लाइसेंस किए गए रद्द

इटावा में गैरकानूनी ढंग से चल रहे 5 नर्सिग होम के लाइसेंस किए गए रद्द

डिप्टी सीएमओ और नोडल अधिकारी ने कहा कि निजी अस्पतालों में पूर्णकालिक चिकित्सक का न होना मानकों के खिलाफ है.

डिप्टी सीएमओ और नोडल अधिकारी ने कहा कि निजी अस्पतालों में पूर्णकालिक चिकित्सक का न होना मानकों के खिलाफ है.

सीएमओ डॉ. भगवान दास ने इन अस्पतालों के संचालकों से पंजीकरण की मूल प्रति उनके कार्यालय में जमा करने का निर्देश देते हुए इन चिकित्सालयों को बंद कराने के लिए एसएसपी को पत्र भेजा है.

इटावा. उत्तर प्रदेश के इटावा में गैरकानूनी ढंग से चल रहे 5 निजी नर्सिग होम बंद कर दिए गए हैं. सीएमओ स्तर से की गई कार्रवाई के बाद एसएसपी के पास यह मामला भेज दिया गया है. इटावा के मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. भगवान सिंह ने गुरुवार को यह जानकारी दी.

सीएमओ भगवान सिंह के मुताबिक, जिन अस्पतालों को गैरकानूनी माना गया है कि उनके नाम मैक्स प्लस, श्री गिर्राज हॉस्पिटल, हरे कृष्णा हॉस्पिटल, उत्तम हॉस्पिटल और श्री आरव हॉस्पिटल हैं. बुधवार देर शाम से शुरू हुई कार्रवाई के बाद इन नर्सिग होम ने अपना अपना बोरिया-बिस्तर बांघना शुरू कर दिया है. सीएमओ स्तर पर कराई गई जांच में इन पांचों नर्सिग होम में डॉक्टर न मिले और न ही इन अस्पतालों ने 31 जुलाई तक नवीनीकरण संबंधी आवेदन नहीं दिए थे, तब इनके पंजीकरण निरस्त किए गए हैं.

सीएमओ डॉ. भगवान दास ने इन अस्पतालों के संचालकों से पंजीकरण की मूल प्रति उनके कार्यालय में जमा करने का निर्देश देते हुए इन चिकित्सालयों को बंद कराने के लिए एसएसपी को पत्र भेजा है. इन अस्पतालों में 4 अस्पताल आईटीआई क्षेत्र में हैं जबकि एक सराय दयानत क्षेत्र में. इनमें सबसे बड़ा हॉस्पिटल आईटीआई चौराहा कानपुर रोड स्थित मैक्स प्लस है. वहीं, बाकी 4 आईटीआई चौराहा आगरा रोड स्थित श्री गिर्राज हास्पिटल, हरे कृष्णा हॉस्पिटल, उत्तम हॉस्पिटल व शवा कॉलोनी रोड सराय दयानत स्थित श्री आरव हास्पिटल हैं.

डिप्टी सीएमओ व नोडल अधिकारी डॉ. अवधेश यादव ने बताया जिस निजी अस्पताल में पूर्णकालिक चिकित्सक नहीं होगा, वह मानक के अनुसार नहीं माना जाएगा. ऐसे अस्पतालों का निरीक्षण कर तत्काल उन्हें बंद करा दिया जाएगा. उन्होंने बताया कि 29 जुलाई को आईटीआई क्षेत्र स्थित निजी चिकित्सालयों में डॉक्टर न होने की शिकायतें मिलने के बाद निरीक्षण करने पर शिकायत सच मिली थी. उसी दौरान कई चिकित्सालयों को नोटिस जारी करते हुए चेतावनी दी थी, यदि 31 जुलाई तक अस्पताल का नवीनीकरण नहीं कराया गया तो पंजीकरण निरस्त कर दिया जाएगा. सीएमओ ने इसी के तहत इन अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की है.

Tags: Etawah news, Private Hospitals, Uttar pradesh news

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