सपा के गढ़ इटावा पहुंचे ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा, बोले- किसी भी कीमत पर बिजली उपभोक्ता का अपमान बर्दाश्त नहीं

किसी भी कीमत पर बिजली उपभोक्ता का अपमान बर्दाश्त नहीं

वैक्सीनेशन (Vaccination) पर बोलते हुए शर्मा ने कहा कि हम सभी लोग मिलकर कोविड-19 को हराएंगे. इस महामारी में सबसे बड़ी दवा वैक्सीन है. लेकिन कुछ राजनीतिक दलों ने वैक्सीन को लेकर अलग-अलग पार्टियों से जोड़ दिया. यह एक शर्मनाक बात है.

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इटावा. सपा के गढ़ इटावा (Ethawa) पहुंचे ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा (Energy Minister Shrikant Sharma) ने बिजली अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि पावर कारपोरेशन का मुख्य स्तंभ उपभोक्ता है. किसी भी उपभोक्ता का उत्पीड़न किसी भी सूरत में संभव नहीं होना चाहिए. अगर कही से भी ऐसी कोई शिकायत सामने आयेगी तो पावर कारपोरेशन अधिकारियों पर कार्रवाई तय है. यह बात उर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने आज सपा प्रमुख अखिलेश यादव के गांव सैफई मे पावर स्टेशन का निरीक्षण करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में कही. उर्जा मंत्री पूर्वाचंल के दौरे के बाद शुक्रवार को इटावा मैनपुरी और मथुरा के दौरे पर है और शनिवार को परिश्चमांचल के दौरे पर रहेंगे.

ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों मे 18 घंटे और शहरी इलाके में 24 घंटे को रोस्टर तैयार किया गया है. इसमें कोई भी गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए. अगर कोई फाल्ट आता है तो फिर त्वरित ढंग से फाल्ट को ठीक पावर सप्लाई को चालू करे. सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक बिजली कटौती नहीं की जाए.ऊर्जा मंत्री ने बताया कि किसी भी बिजली उपभोक्ताओं उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. सभी विद्युत अधिकारी कर्मचारी उपभोक्ताओं के फोन रिसीव करें. शिकायत मिलने पर बिजली अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही तय मानी जायेगी. बिना राजनीतिक भेदभाव के बिजली अधिकारी बिजली उपभोक्ताओं से वार्ता करे.

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ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा कि पिछले 3 साल से हमारी सरकार ने कोई दर नहीं बढ़ाई है. हम तो सस्ता करने के प्रयास कर रहे हैं अगर सभी लोग सहभागी हो और समय पर बिल जमा करें तो आने वाले समय में बिजली की दरें हम कम करेंगे. वैक्सीनेशन पर बोलते हुए शर्मा ने कहा कि हम सभी लोग मिलकर कोविड-19 को हराएंगे. इस महामारी में सबसे बड़ी दवा वैक्सीन है. लेकिन कुछ राजनीतिक दलों ने वैक्सीन को लेकर अलग-अलग पार्टियों से जोड़ दिया. यह एक शर्मनाक बात है. वैज्ञानिकों का अपमान करना अब उसी वैक्सीन की मांग कर रहे हैं. अगर भ्रम पैदा नहीं किया जाता तो बड़ी संख्या में लोग वैक्सीन लगवाते. हम अपील करते हैं महामारी पर राजनीति नहीं होनी चाहिए.