इटावा पुलिस ने चोरी किए गए 55 लाख के 12 ट्रैक्टर पकड़े, ARTO दफ्तर की मिलीभगत से चल रहा था खेल

इटावा में चोरी के ट्रैक्टर के कागज बदलकर बेचने वाले गिरोह के 3 सदस्य गिरफ्तार
इटावा में चोरी के ट्रैक्टर के कागज बदलकर बेचने वाले गिरोह के 3 सदस्य गिरफ्तार

इटावा (Etawah) के एसएसपी आकाश तोमर के अनुसार यह पूरा मामला तब सामने आया, जब इटावा की सिविल लाइन पुलिस के हाथों ट्रैक्टर एजेंसी संचालक समेत तीन की गिरफ्तारी हुई. पुलिस ने 55 लाख कीमत के 12 ट्रैक्टरों को बरामद किया है.

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इटावा. उत्तरप्रदेश के इटावा (Etawah) जिले में 55 लाख रूपये के चोरी के ट्रैक्टर बरामद हुए हैं. मामले में एक ट्रैक्टर एजेंसी संचालक सहित 3 लोगों की गिरफ्तारी हुई है. उधर इस मामले में आरटीओ आफिस के कर्मियों की भूमिका संदिग्ध निकलने पर पुलिसिया स्तर पर जांच शुरू हो गई है. इससे एआरटीओ कार्यालय में हड़कंप मच गया है. पुलिस की नजर एआरटीओ कार्यालय के अधिकारी, कर्मचारियों और दलालों पर है. एसएसपी आकाश तोमर का दावा किया है कि एआरटीओ कार्यालय के कर्मियों की मिलीभगत से गैर कानूनी कार्य आज भी जारी है.

एआरटीओ कार्यालय से मिलीभगत से बनाते थे कागजात

पुलिस जांच में पता चला है कि एआरटीओ कार्यालय से मिलकर दलालों के जरिये चोरी के टैक्टरों को असली बता बेचने का धंधा चल रहा था. इस मामले मे कई कर्मियों की भूमिका की पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. एसएसपी आकाश तोमर के अनुसार यह पूरा मामला तब सामने आया, जब इटावा की सिविल लाइन पुलिस के हाथों ट्रैक्टर एजेंसी संचालक समेत तीन की गिरफ्तारी हुई. पुलिस ने 55 लाख कीमत के 12 ट्रैक्टरों को बरामद किया है. इन सभी टैक्टरों को एआरटीओ आफिस में फर्जीवाड़ा कर दोबारा बेचने की तैयारी थी.



3 साल पहले भी पकड़ा गया था गोरखधंधा
एसएसपी ने बताया कि एसएसपी वैभव कृष्ण के समय 3 साल पहले भी एआटीओ कार्यालय के कई अधिकारियों और दलाल पर कार्रवाई अमल मे लाई गई थी. उनमें से एक प्रदीप गुप्ता उर्फ गुडडा आज भी जेल में ही है. अब नये सिर से कर्मियों की भूमिका को देखा जा रहा है. असल मे इटावा जिले की सिविल लाइन पुलिस और अपराध शाखा ने संयुक्त अभियान में चोरी के ट्रैक्टरों को खरीदकर इंजन नम्बर व चैसिस नंबर बदलकर फर्जी तरीके से दस्तावेज तैयार कर बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है. गिरफ्तार लोगों में स्वराज्य ट्रैक्टर एजेंसी के संचालक और उनका बेटा शामिल है. पकड़े गए ट्रैक्टर चालकों से ट्रैक्टरों के प्रपत्र मांगे गए तो चालक कागज दिखा नहीं सका.

इस तरह पकड़ा गया गोरखधंधा

पुलिस टीम द्वारा पकडे गये दोनों ट्रैक्टरों में से एक टैक्टर स्वराज के बारे में मोबाइल एप के माध्यम से जानकारी की गई तो ट्रैक्टर के रजिस्ट्रेशन पर मिले चेसिस नम्बर से ट्रैक्टर पर पड़ा हुआ चेसिस नम्बर भिन्न पाया गया. पता चला है कि वो लोग चोरी के ट्रैक्टर खरीद कर अपनी एजेन्सी पर उनके इंजन नम्बर व चैसिस नम्बर बदलकर तथा आरटीओ में दलालो के माध्यम से रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट तैयार कराकर उचित दाम मिलने पर बेच देते हैं और रूपयों को आपस में बांट लेते हैं.

ये हैं गिरफ्तार

इस मामले मे थाना सिविल लाइन पर धारा 411, 414, 420, 467, 468, 471, 34, 120 बी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. गिरफ्तार लोगों में जयकिशन गुप्ता पुत्र मैकूलाल निवासी पक्काबाग, सराय अर्जुन नगर थाना फ्रेंड्स कालोनी, बबलू चौबे  पुत्र विशम्बरनाथ निवासी विकास कालोनी पक्काबाग थाना फ्रेंड्स कालोनी इटावा और उसका बेटा आशीष गुप्ता शामिल है.

एसएसपी ने टीम को दिया 25 हजार का इनाम

इनके कब्जे से 3 ट्रैक्टर स्वराज, 1 ट्रैक्टर महिन्द्रा, 2 ट्रैक्टर एस्कोर्ट 335, 1 ट्रैक्टर मैसी डीआई 5245, 1 ट्रैक्टर मैसी 241 डीआई, 2 ट्रैक्टर सोनालिका डीआई, 1 ट्रैक्टर फोर्ड 3600, 1 ट्रैक्टर पावरट्रैक 439 और कूटरचित रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट बरामद किये गये हैं. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा पुलिस टीम को उत्साहवर्धन हेतु 25000 के पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया है.
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