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इटावा: सैफई के हर सुख-दुख में शामिल होती थीं साधना गुप्ता, कहती थीं- अखिलेश-प्रतीक मेरी दो आंखें

इटावा: सैफई के हर सुख-दुख में शामिल होती थीं साधना गुप्ता, कहती थीं- अखिलेश-प्रतीक मेरी दो आंखें

पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता का सैफई से खास कनेक्शन था.

पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता का सैफई से खास कनेक्शन था.

Mulayam Singh Yadav Second Wife Sadhna Gupta Dies: पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता का बीमारी के चलते गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में निधन हो गया. उनकी मौत की खबर सामने आने पर नेताजी के पैतृक गांव सैफई शोक में डूब गई है. साधना गुप्ता सैफई से लंबा जुड़ाव रहा है.

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इटावा: समाजवादी पार्टी के संरक्षक एंव उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता का बीमारी के चलते गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में निधन हो गया. उनकी मौत की खबर सामने आने पर नेताजी के पैतृक गांव सैफई शोक में डूब गई है. साधना गुप्ता सैफई से लंबा जुड़ाव रहा है. मुलायम परिवार में होने वाले विवाह समारोह के अलावा पारिवारिक कार्यक्रमों में हिस्सेदारी करने के लिए हमेशा पहुंचती रही हैं. पारिवारिक कलह हुई तो उन्होंने अखिलेश यादव और प्रतीक यादव को अपना अनमोल रतन बताया था. साधना ने परिवारिक कलह की खबरों के बीच कहा था कि अखिलेश और प्रतीक यादव मेरी दो आंखें हैं.

इसके अलावा साधना गुप्ता विधानसभा, लोकसभा चुनाव में मतदान करने के लिए अपने बेटे प्रतीक और पुत्र वधू अपर्णा बिष्ट के साथ पहुंचती रही हैं. साधना गुप्ता जब भी सैफई आई तब नेता जी मुलायम सिंह यादव उनके साथ रहे है. मुलायम सिंह यादव के परिवार का कोई भी समारोह हो साधना गुप्ता उनके साथ नजर आती रही हैं.

मतदान करने मुलायम सिंह के साथ ही आती थीं साधना गुप्ता

बात की जाए विधानसभा चुनाव के तो साधना गुप्ता को साल 2012 में सैफई के लोगों ने मतदान करते हुए देखा था. सैफई की मतदाता सूची में डीएचपी 2648400 नंबर पर दर्ज है. नेता जी मुलायम सिंह यादव के बडे भाई रतन सिंह का 26 अप्रैल 2014 को निधन हुआ था, तब साधना को मुलायम परिवार की महिला सदस्यों के साथ उनको शोकमग्न स्थित मे भीड के बीच बैठे हुए देखा था. 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में भी साधना गुप्ता मुलायम परिवार के तमाम सदस्यों के साथ अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए लखनऊ से पहुंची थीं. 2017 में भी साधना गुप्ता विधानसभा चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए लखनऊ से सैफई आई थीं.

2022 वोट डालने नहीं आई थीं सैफई

2019 के संसदीय चुनाव में भी साधना गुप्ता नेताजी के साथ मतदान करने के लिए सैफई स्थित मतदान केंद्र पर आई थी, लेकिन 2022 के विधानसभा चुनाव में ना तो साधना गुप्ता अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए आए ना ही उनके बेटे प्रतीक और पुत्र वधू अपर्णा ही वोट डालने आए, जबकि सैफई के लोगों ने देर शाम तक सभी का इस बात के लिए इंतजार किया कि सभी अपने अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए सैफई आएंगे. शनिवार को उनके निधन की खबर मिलते ही सैफई शोक में डूब गई.

सैफई में स्थित आवास पर मौजूद पूर्व सांसद तेज प्रताप यादव, अपनी मां मृदुला यादव एवं पत्नी राजलक्ष्मी के साथ लखनऊ के लिए रवाना हो गए, हालांकि इस समय सैफई में नेताजी मुलायम सिंह यादव के परिवार का कोई सदस्य मौजूद नही है.

अखिलेश और प्रतीक को अपने अनमोल रतन मानती थी साधना

समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना के निधन के बाद उनके उस बयान का हर कोई याद करने कर रहा है जिसमे अखिलेश और प्रतीक को उन्होने अपना अनमोल रतन बताया था. साधना ने परिवारिक कलह की खबरों पर कहा था कि अखिलेश और प्रतीक यादव मेरी दो आंखें हैं. उन्होंने कहा था कि कोई अखिलेश को सौतेला बोलता है तो मुझे बुरा लगता है. हम लोगों में कोई सौतेलापन नहीं है. हमने अखिलेश की शादी कराई,उसके बच्चे हैं, हमारी बड़ी बहू डिंपल है. अखिलेश मेरा बड़ा बेटा है. प्रतीक मेरा छोटा बेटा है वही अपर्णा छोटी बहू है.

बताते चले कि वर्ष 2017 में विधानसभा चुनाव की घोषणा के पहले से ही एसपी में चाचा शिवपाल और भतीजे अखिलेश में पार्टी में वर्चस्व की लड़ाई शुरू हो गई थी. उस समय कुछ चर्चाएं यह बड़ा तेजी से चली थी कि परिवार में झगड़ा कराने का मुख्य कारण साधना यादव को ही ठहराया गया था.

Tags: Etawah news, Etawah news today

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