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UP: शिवपाल यादव का छलका दर्द, कहा- सपा से गठबंधन के सारे प्रयास कर लिए अब अखिलेश के जवाब का इंतजार

Etawah News प्रसपा की सरकार बनने पर बीए पास छात्र छात्राओं को रोजगार (File photo)

Etawah News प्रसपा की सरकार बनने पर बीए पास छात्र छात्राओं को रोजगार (File photo)

UP Assembly Election 2022: प्रसपा की सरकार बनने पर बीए पास छात्र छात्राओं को रोजगार के लिए पांच लाख रुपये दिए जाएंगे. हर घर में एक बेटा और एक बेटी को सरकारी नौकरी दी जाएगी.

  • News18Hindi
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इटावा. प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (PSP Lohia) के मुखिया शिवपाल सिंह यादव (Shivpal Singh Yadav) ने मंगलवार को इटावा में सपा से गठबंधन पर बड़ा बयान दिया. शिवपाल ने कहा कि हमने सपा से गठबंधन के सारे प्रयास कर लिए अब समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के जवाब का इंतजार है. समाजवादी पार्टी से गठबंधन के लिए हमारी पार्टी इंतजार कर रही है. अगर सपा की ओर से कोई जवाब नहीं मिला तो हमारी पार्टी उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा से चुनाव लड़ेगी. उन्होंने कहा कि 11 अक्टूबर तक अखिलेश यादव के जवाब का इंतजार रहेगा. बताया कि 12 अक्टूबर से वृंदावन मथुरा से पीएसपी की सामाजिक परिवर्तन रथ यात्रा शुरू होगी.

पीएसपी इटावा में जसवंतनगर, इटावा और भरथना की तीनों सीटों के साथ-साथ औरैया की भी तीनों सीटें जीतेगी. प्रसपा की सरकार बनने पर बीए पास छात्र छात्राओं को रोजगार के लिए पांच लाख रुपये दिए जाएंगे. हर घर में एक बेटा और एक बेटी को सरकारी नौकरी दी जाएगी. वहीं ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी को देश का बड़ा नेता बताते हुए कोई भी कमेंट करने से इनकार कर दिया.

समाजवादी पार्टी के समझौते के सियासी नतीजे
जानकारी के मुताबिक शिवपाल यादव को अगर समाजवादी पार्टी की तरफ से मौका मिलता है तो दोनों पार्टियां मिलकर चुनाव लड़ सकती हैं. माना ये भी जा रहा है कि अगर अखिलेश की तरफ से मजबूत वायदा मिलता है तो शिवपाल यादव अपनी पार्टी का समाजवादी पार्टी में विलय भी कर सकते हैं, पर इसकी उम्मीद कम दिखती है. क्योंकि प्रगतिशील समाजवादी पार्टी का आकार इतना बड़ा हो चुका है कि समाजवादी पार्टी का विलय के लिये आगे बढना और प्रसपा के पदाधिकारियों को उचित स्थान दे पाना संभव नही होगा.

ऐसे में अगर दोनों पार्टियों के बीच में सीटों पर समझौता होना ही आखिरी विकल्प है. ऐसे में समाजवादी पार्टी शिवपाल यादव को उनकी मजबूत जगहों पर कुछ सीटे दे सकती है, और शिवपाल यादव के चुने हुए कैंडिडेट समाजवादी पार्टी के साइकिल चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड सकते हैं. अगर ऐसा होता है तो इसके कई फायदे हो सकते हैं. सबसे बड़ा फायदा तो ये कि जिन जगहों पर समाजवादी पार्टी थोड़ी कमजोर है और शिवपाल यादव का वर्चस्व ज्यादा है वहां पर सीटें जीतने की संभावना बढ़ जाएगी.

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