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शिवपाल का अखिलेश को अल्टीमेटम, पद छोड़ें नहीं तो सपा में होगा दो फाड़!

इटावा में प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते शिवपाल सिंह यादव. Image: Etv Network
इटावा में प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते शिवपाल सिंह यादव. Image: Etv Network

शिवपाल सिंह यादव ने इशारों-इशारों में ऐलान कर दिया कि अगर अखिलेश नहीं माने तो समाजवादी पार्टी में दो फाड़ हो जाएंगे.

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समाजवादी पार्टी में वर्चस्व की जंग तीखी होती दिख रही है. एक तरफ अखिलेश और रामगोपाल यादव हैं जो शिवपाल खेमे पर हमला कर रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ शिवपाल लगातार अखिलेश को उनके द्वारा किए गए वादे को याद दिला रहे हैं.

इस बीच बुधवार को शिवपाल सिंह यादव ने इशारों-इशारों में ऐलान कर दिया कि अगर अखिलेश नहीं माने तो समाजवादी पार्टी में दो फाड़ हो जाएंगे. शिवपाल ने अखिलेश यादव को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि अगर तीन महीने में मुलायम सिंह यादव को दोबारा राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं बनाया जाता तो पार्टी में सेक्युलर मोर्चा बनेगा, जो साम्प्रदायिक ताकतों के साथ मुकाबला करेगा.

इसके अलावा शिवपाल ने राम गोपाल पर जवाबी हमला करते हुए उन्हें शकुनि करार दे दिया. साथ ही कहा कि हम पार्टी का संविधान पढ़ें या न पढ़ें, लेकिन शकुनि को गीता जरूर पढ़नी चाहिए.



इटावा में एक प्रेस कांफ्रेंस में शिवपाल यादव ने कहा कि तीन माह के अंदर सेक्युलर मोर्चे का गठन होगा. साम्प्रदायिक शक्तियों से लड़ने के लिए इसके इलावा कोई दूसरा चारा नहीं है.  उन्होंने कहा कि जो वचन पूर्व मुख्यमंत्री ने दिया था, मेरी उन्हें सलाह है और अनुरोध भी कि अपना जो वचन दिया था उसे जरूर पूरा करें. नेता जी को फिर से राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाएं. अगर ऐसा नहीं होता है तो उन्होंने जैसे तीन महीने का समय दिया था, हम तीन महीने का समय देते हैं. उसके बाद सेक्युलर मोर्चा बनाएंगे.
रामगोपाल को कहा 'शकुनी', दी गीता पढ़ने की सलाह

रामगोपाल द्वारा शिवपाल को पार्टी के संविधान की जानकारी नहीं होने पर जवाब देते हुए शिवपाल ने कहा कि हमने संविधान पढ़ा हो या न पढ़ा हो लेकिन हमारी एक सलाह है उनसे. अब नाम तो उनका पड़ ही गया है पूरे प्रदेश में और देश में. उन शकुनी को अब गीता पढ़ना चाहिए.

नेताजी की मेहनत से पार्टी बनी है. वो संविधान रचयिता बहुत दिनों से हैं. उन्होंने लोकसभा चुनाव में सबको टिकट बांटे थे और मिली पांच सीटें. फिर विधानसभा चुनावों में हमारे समय थीं, 229 सीटें, अब हम आ गए हैं 47 पर. तो नैतिकता भी कुछ होती है.

उन्होंने कहा कि इटावा में पुलिस मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप कार्य नहीं कर रही है. निर्दोष लोगों को पीटा जा रहा है और अपराधी थाना चला रहे हैं. पुलिस नहीं सुधरी तो मुख्यमत्री से वह मिलेंगे. हम जानते हैं कि मुख्यमंत्री दृढ़ इच्छा शक्ति वाले हैं. अत्याचार उत्पीड़न और अन्याय किसी के साथ हो हम बर्दाश्त नहीं करेंगे.
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