होम /न्यूज /उत्तर प्रदेश /

Exclusive: शिवपाल सिंह यादव बोले- अखिलेश को CM बनाने के लिए सबकुछ कुर्बान, भाजपा को सत्ता से हटाना लक्ष्‍य

Exclusive: शिवपाल सिंह यादव बोले- अखिलेश को CM बनाने के लिए सबकुछ कुर्बान, भाजपा को सत्ता से हटाना लक्ष्‍य

शिवपाल सिंह यादव एक बार फिर साइकिल सिंबल पर चुनाव लड़ रहे हैं.

शिवपाल सिंह यादव एक बार फिर साइकिल सिंबल पर चुनाव लड़ रहे हैं.

UP Election: यूपी की सियासत में शिवपाल सिंह यादव (Shivpal Singh Yadav) किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं. वह समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के सबसे छोटे भाई हैं और यूपी के पूर्व मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) के चाचा हैं. कुछ साल पहले उन्‍होंने सपा से अलग होकर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) बनाई थी, लेकिन भाजपा को सत्‍ता से बाहर करने के लिए उन्‍होंने सपा के साथ गठबंधन कर लिया है. वहीं, उन्‍होंने जनता से अपील की है कि अखिलेश यादव के नेतृत्व में जो गठबंधन बना है, उसे प्रचंड बहुमत दिलाकर 2022 के चुनाव में जिताएं, ताकि गठबंधन की सरकार बन सके.

अधिक पढ़ें ...

इटावा. यूपी की सियासत में शिवपाल सिंह यादव (Shivpal Singh Yadav) को किसी भी राजनीतिक पहचान की जरूरत नहीं है. वे समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के सबसे छोटे भाई हैं और उनका सपा में एक समय बेहद महत्वपूर्ण स्थान रहा है. हालांकि 2017 के विधानसभा चुनाव में अपने भतीजे और सपा प्रमुख अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) से हुए विवाद के बाद उन्‍होंने साल 2019 में प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) का गठन कर संसदीय चुनाव में किस्मत जरूर आजमाई, लेकिन उम्मीद के मुताबिक कामयाबी हासिल नहीं हो सकी है. वहीं, यूपी विधानसभा चुनाव 2022 को लेकर शिवपाल सिंह यादव से न्यूज़ 18 ने खास बातचीत की. पेश है…

शिवपाल सिंह यादव ने न्‍यूज़ 18 के एक बार फिर जसवंतनगर विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतरने को लेकर कहा,’जसवंतनगर क्षेत्र की जनता से हमारी अपील है कि आप हमको पहले भी भारी मतों से जिताते रहे हैं और इस बार भी आपका आशीर्वाद मिलेगा. इस दफा भी जनता रिकॉर्ड मतों से जीत दिलाने का काम करेगी. साथ ही उन्‍होंने उत्तर प्रदेश की जनता से अपील करते हुए कहा है कि अखिलेश यादव के नेतृत्व में जो गठबंधन बना है, उसे प्रचंड बहुमत दिलाकर 2022 के चुनाव में जिताएं, ताकि वे (अखिलेश) इस प्रदेश के मुख्यमंत्री बनें ओर इस गठबंधन की सरकार बने.

साइकिल सिंबल को लेकर कही ये बात
इसके साथ शिवपाल सिंह यादव ने साइकिल सिंबल पर चुनाव लड़ने के सवाल पर कहा कि वैसे तो कोई मुश्किल नहीं है. हमारा पुराना चिन्ह साइकिल ही था, जिस पार्टी में हमने लंबे समय तक काम किया है. साल 2019 में हमने अपनी पार्टी बनाई थी और हमें चाबी का चुनाव चिन्ह मिला था. अब हमारा चुनाव चिन्ह उत्तर प्रदेश में फ्रीज कर दिया गया है. इस वजह से मैं साइकिल चुनाव चिन्ह से चुनाव लड़ रहा हूं. साथ ही कहा कि एक तो चुनाव चिन्ह नहीं मिला और चुनाव में बहुत कम समय था. अगर नया चुनाव चिन्ह मिल भी जाता तो उसका प्रचार प्रसार सही ढंग से जनता तक नहीं हो सकता था. यही नहीं, रैलियां भी नहीं हो सकती थीं और जनसंपर्क में दिक्कत आती. जबकि आज हमारा साइकिल चुनाव चिन्ह है उससे तो वो पिछले 5 चुनाव इसी से लड़े थे, यह बात जनता को भी पता है. साथ ही सपा के साथ गठबंधन की बात पर कहा,’हम तो यह समझ रहे हैं कि जब समाजवादी पार्टी से गठबंधन हुआ है तो 403 सीटों पर ही हम चुनाव मैदान में उतरे हुए हैं. प्रगतिशील समाजवादी पार्टी ने हमेशा संघर्ष और त्याग किया है. इस चुनाव में भी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी की सरकार को हटाने के लिए सबकुछ त्याग दिया है. अभी हमारी 403 सीटें हैं.

प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के लोगों की नाराजगी पर कही ये बात
शिवपाल सिंह यादव ने सपा के साथ गठबंधन के बाद कई जिलों से प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के लोगों की नाराजगी की भी खबरें सामने आने के सवाल पर कहा कि हम अपने सभी लोगों को संतुष्ट कर लेंगे, सब सीटें तो नहीं मिल सकती थीं, लेकिन इस समय मेरे सामने केवल भारतीय जनता पार्टी सरकार से हटे और समाजवादी गठबंधन की सरकार बने, बस यही लक्ष्‍य है. वहीं, बेटे आदित्य यादव के विधानसभा का चुनाव लड़ने के सवाल पर कहा कि आदित्य विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ेंगे. हम सब लोग मिलकर समाजवादी गठबंधन के उम्मीदवारों को चुनाव लड़ाएंगे और जिताकर विधानसभा में भेजने का काम करेंगे. साथ ही कहा कि समाजवादी गठबंधन में जितने भी दल शामिल हुए हैं, सभी सही ढंग से काम कर रहे हैं. सभी एक हैं और सभी का मकसद है कि उत्तर प्रदेश से भारतीय जनता पार्टी की सरकार को हर हाल में हटाया जाए और गठबंधन की सरकार बने.

साथ ही कहा कि भारतीय जनता पार्टी के सभी वायदे खोखले और झूठे निकले हैं. कोई भी विकास का काम नहीं हुआ है. केवल झूठी रिपोर्ट लिखी गई है. स्वास्थ्य, शिक्षा या फिर सुरक्षा के मुद्दे पर सरकार पूरी तरह से फेल हो गई है. साथ ही कहा कि करहल विधानसभा नेताजी की कर्मभूमि रही है. जैसा आशीर्वाद नेताजी को मिलता रहा है वैसा ही अखिलेश यादव को भी मिलेगा और रिकॉर्ड मतों से जीत मिलने का भरोसा है.

Tags: Akhilesh yadav, CM Yogi Adityanath, Shivpal singh yadav, Uttar Pradesh Elections

अगली ख़बर