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मुलायम के जन्मदिन पर शिवपाल के सख्त तेवर, कहा- एक हफ्ते में फैसला न हुआ तो...

मुलायम के जन्मदिन पर शिवपाल के सख्त तेवर, कहा- एक हफ्ते में फैसला न हुआ तो...

शिवपाल ने कहा कि हम चाहते तो 2003 में ही मुख्यमंत्री बन जाते.

शिवपाल ने कहा कि हम चाहते तो 2003 में ही मुख्यमंत्री बन जाते.

Mulayam Singh Yadav's birthday : शिवपाल सिंह यादव का छलका दर्द. उन्होंने कहा कि वे समाजवादी पार्टी में विलय करने के लिए तैयार हैं. उनकी पार्टी पीएसपीएल गठबंधन की संभावना से कतई इनकार नहीं कर रही है. और इस बार के विधानसभा चुनावों में भाजपा को हटाने के लिए अपने समर्थकों व छोटी पार्टी के लिए केवल 100 सीटें चाहते हैं. यादव ने कहा कि हमने तो 2019 में ही कहा था कि चलो हम ही झुक जाएंगे. आज 2 साल हो गए, लेकिन कोई बात नहीं बनी.

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इटावा. समाजवादी संरक्षक मुलायम सिंह यादव के 83वें जन्मदिन पर शिवपाल सिंह यादव ने तेवर दिखाते हुए कहा कि अखिलेश यादव 1 सप्ताह में गठबंधन या विलय के सिलसिले में निर्णय लें, अन्यथा उनकी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी कोई न कोई फैसला एक हफ्ते में ले लेगी. मुलायम सिंह यादव के जन्मदिन पर मास्टर चंदगीराम में आयोजित दंगल को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि एक हफ्ते के अंदर अपने लोगों से राय लेकर फैसला करेंगे. वैसे, वे समाजवादी पार्टी में विलय करने के लिए तैयार हैं.

उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी पीएसपीएल गठबंधन की संभावना से कतई इनकार नहीं कर रही है. और इस बार के विधानसभा चुनावों में भाजपा को हटाने के लिए अपने समर्थकों व छोटी पार्टी के लिए केवल 100 सीटें चाहते हैं. यादव ने कहा कि हमने तो 2019 में ही कहा था कि चलो हम ही झुक जाएंगे. आज 2 साल हो गए, लेकिन कोई बात नहीं बनी. यादव ने कहा कि आज यहां पर तेजप्रताप और अंशुल को भी होना चाहिए था. अंशुल को हराने के लिए तमाम ताकतें लगी थीं, लेकिन हमारी ताकत पर अंशुल निर्विरोध हो गए. उन्होंने साफ कहा कि उन्हीं की तरफ से ये बातें चली थीं कि 22 तारीख को एक हो जाएंगे. लेकिन वे यहां नहीं आए.

हम चाहते तो 2003 में मुख्यमंत्री बन सकते थे : शिवपाल सिंह यादव

यादव ने कहा कि हमने सोचा था कि यह ऐतिहासिक दंगल होगा, लेकिन नहीं हुआ. प्रसपा मुखिया ने कहा कि हमने हमेशा त्याग किया. हम चाहते तो 2003 में मुख्यमंत्री बन सकते थे. लेकिन मैंने नेताजी को दिल्ली से बुलाकर सीएम बनाया था. दूसरी पार्टियों के 40 विधायक एक किए थे. उस समय 25 विधायक बीजेपी के हमारे साथ थे. 143 विधायक हमारे साथ थे. अजीत सिंह, कल्याण सिंह हमारे साथ थे. हम सीएम बन सकते थे. लेकिन हमने ऐसा नहीं किया. उन्होंने कहा कि जब सीएम मायावती थीं, तब प्रदेश में कितना अत्याचार हो रहा था. हम नेता विपक्ष थे. हमने उनका कितना विरोध किया था. तब कितना आंदोलन करना पड़ा था.

‘हमारे संघर्ष से 2012 में सरकार बनी थी’

शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि हमारी पार्टी की महिलाओं और लोगो ने बहुत संघर्ष किया था. जब लाठी चलती थी तब महिलाएं आगे आ जाती थीं. हमलोगों के संघर्ष के कारण 2012 की सरकार बनी थी. उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि फिर से हमारी सरकार बने. हम तो सरकार बनाने के लिए लागातर दो साल से कोशिश कर रहे हैं. हमने तो यहां तक कहा कि हमारे साथ जो जीतने वाले लोग हैं, उनका सर्वे करवाकर गठबंधन कर लो, चाहे विलय कर लो. लेकिन अब बहुत देर हो रही है. अब हमने तय किया है कि पहले हमारे दल को लोग छोटा दल कहते थे, लेकिन जब से मथुरा से हमारा रथ निकला है, तब से कहने वालों को पता चल गया है कि हमारा दल छोटा दल नहीं है. हमारे लोग और समाजवादी लोग चाहते हैं कि एक होकर चुनाव लड़ो और हमने यह भी कहा कि हमें 2022 में सत्ता में रहना है. हम तो चाहते हैं कि एका हो जाए. हमारी प्राथमिकता है समाजवादी पार्टी. आज के दिन के लिए लोग बहुत आस लगाए थे. लेकिन अब जो भी हो जल्दी बात हो जाए.

‘बीजेपी के राज में सभी परेशान’

इस समय देश के हालात ठीक नहीं हैं. बीजेपी के राज्य में गरीब, मजलूम, नौजवान, किसान और बुनकर मुसलमान सब परेशान हैं. महंगाई, गरीबी, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार व्याप्त है. इनलोगों ने कितना झूठ बोला. 7 साल के अंदर एक भी वादा पूरा नहीं किया. अगर हमारे हाथ में ताकत आई, तो हर परिवार में एक बेटे और बेटी को सरकारी नौकरी मिलनी चाहिए. हम जब कोऑपरेटिव में थे, तब कभी खाद की कमी नहीं पड़ी. अब किसान खाद के लिए परेशान है. जब हम बिजली मंत्री थे, तब कभी छापे नहीं पड़े, कभी मुकदमा नहीं लिखा, तो कभी बिजली नहीं कटी. अब एक हो जाएं. साल 22 में प्रसपा की सरकार आने दो, बिल भेजने वाले और मुकदमा लिखने वालों को जेल का मजा जरूर चखवा देंगे.

Tags: Mulayam Singh Yadav Birthday, Shivpal singh yadav, Uttar Pradesh Assembly Elections

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