इटावा जिला पंचायत: अखिलेश से खफा, लेकिन भतीजे अभिषेक को मिलेगा चाचा शिवपाल का आशीर्वाद

शिवपाल यादव ने दिए भतीजे अभिषेक को जिला पंचायत अध्यक्ष बनाने के संकेत.

शिवपाल यादव ने दिए भतीजे अभिषेक को जिला पंचायत अध्यक्ष बनाने के संकेत.

कई साल से मुलायम परिवार के कब्जे में रही इटावा जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए इस बार शिवपाल सिंह यादव की भूमिका सबसे अहम हैं. इस बार शिवपाल सपा छोड़ अपनी अलग पार्टी बना चुके हैं. ऐसे में शिवपाल की भूमिका इटावा जिला पंचायत के लिए अहम है. फिलहाल उन्होंने भतीजे अभिषेक यादव को इस बार भी आशीर्वाद देने की ओर इशारा किया है.

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इटावा. उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव (UP Panchayat Elections) के लिए संशोधित आरक्षण सूची जारी होने के बाद यहां सियासी माहौल गर्म हो गया है. सियासी गर्मी मुलायम सिंह यादव ( Mulayam Singh Yadav) परिवार के क्षेत्र इटावा में भी है. यहां जिला पंचायत अध्यक्ष पद के  लिए इस बार शिवपाल सिंह यादव ( Shivpal Singh Yadav) की की भूमिका सबसे अहम हैं. ऐसे में शिवपाल ने पत्रकारों से चर्चा के दौरान खुलकर पत्ते तो नहीं खोले, लेकिन अपने भतीजे अभिषेक यादव को इस बार भी आशीर्वाद मिलने की ओर इशारा जरूर कर दिया है.

शिवपाल सिंह यादव का आर्शीवाद भले ही सपा प्रमुख अखिलेश यादव को ना मिला हो लेकिन दूसरे भतीजे के प्रति उनकी नरमी नजर आने लगी है. अपने चैगुर्जी आवास पर पंचायत चुनाव को लेकर की गई पार्टी की ओर से की गई बैठक के बाद रविवार को प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने भतीजे अभिषेक यादव के प्रति नरमी के संकेत दिए हैं. शिवपाल सिंह यादव ने पंचायत चुनाव को लेकर जिला कार्यकारिणी के साथ मीटिंग करने के बाद मीडिया से बात की. उन्होने स्पष्ट किया कि प्रगतिशील समाजवादी पार्टी प्रदेश भर में जिला पंचायत सदस्यों के प्रत्याशी चुनाव में उतारेगी. इटावा जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर उनकी पार्टी की रणनीति के सवाल पर शिवपाल सिंह ने कहा कि पहले जिला पंचायत सदस्य के चुनाव जीतकर प्रत्याशी आते हैं. उसके बाद जिला पंचायत अध्यक्ष की बात होगी.

शिवपाल सिंह से पूछा गया क्या इटावा जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर वह फिर से अपने सगे भतीजे समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी अभिषेक यादव को जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर आशीर्वाद देंगे ? इस पर शिवपाल सिंह ने कहा कि बात चल रही है. बातचीत के बाद ही फैसला लिया जाएगा.

गौरतलब है कि 2015 में शिवपाल सिंह के बड़े भाई राजपाल यादव के बेटे अभिषेक यादव समाजवादी पार्टी से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीत कर आए थे. उसके बाद इटावा के 24 जिला पंचायत सदस्यों ने सर्वसम्मति से अभिषेक यादव को वोट कर जिला पंचायत अध्यक्ष चुना था. शिवपाल सिंह की विधानसभा जसवंत नगर से 9 जिला पंचायत सदस्य चुनकर आते हैं, जो कि इटावा जिला पंचायत अध्यक्ष बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. अब जबकि शिवपाल सिंह समाजवादी पार्टी से अलग होकर अपनी नई पार्टी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी बना चुके हैं, ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि क्या जसवंतनगर से चाचा शिवपाल का आशीर्वाद एक बार फिर से शिवपाल के भतीजे और समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी अभिषेक यादव को मिल सकेगा.
इस पर ही शिवपाल सिंह ने कहा कि बात चल रही है. उसके बाद ही फैसला लिया जाएगा . अब से पहले तक शिवपाल की तरफ से स्पष्ट कुछ भी नहीं किया गया था कि जिला पंचायत अध्यक्ष को लेकर वो क्या रणनीति रहेगी लेकिन जैसे ही शिवपाल सिंह यादव की ओर से इस बात का संकेत दिया गया कि अध्यक्ष पद के लिए बात चल रही है. इससे यह स्पष्ट हो गया है कि शिवपाल सिंह यादव का आर्शीवाद भतीजे अभिषेक को जरूर मिलेगा.

शिवपाल यादव के निर्वाचन क्षेत्र जसवंतनगर से जिला पंचायत के नौ सदस्य निर्वाचित होते हैं. यह सभी सदस्य जिला पंचायत अध्यक्ष निर्वाचित कराने में अहम भूमिका अदा करते हैं, लेकिन समाजवादी पार्टी से अलग होने के बाद प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) बनाने वाले शिवपाल सिंह यादव की भूमिका बेसक और बढ़ गई हो फिर भी उन्होंने इस बात के संकेत दे एक नया संदेश जरूर दे दिया है.

इटावा जिला पंचायत पर रहा मुलायम परिवार का कब्जा



अर्से से इटावा जिला पंचायत अध्यक्ष सीट पर मुलायम परिवार का कब्जा रहा है. वैसे इटावा में जिला पंचायत अध्यक्ष पद पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित किए जाने के बाद समाजवादी खेमे में खासा जोश देखा जाने लगा है. सरकार की आरक्षण प्रकिया लागू होने के बाद सबसे अधिक खुश निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष अभिषेक यादव के समर्थक बताये जा गये हैं. इटावा की जिला पंचायत सीट पर वर्ष 1987 से समाजवादी पार्टी का कब्जा बरकरार है.  पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सदस्य रामगोपाल यादव, प्रसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव और पूर्व सांसद राम सिंह शाक्य जिला परिषद अध्यक्ष के रूप में इस पद पर काबिज रहे. वर्ष 1995 में पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित की गई तो विधायक महेंद्र सिंह राजपूत अध्यक्ष बने.

वर्ष 2000 में एससी वर्ग के लिए आरक्षित होने पर पूर्व सांसद प्रेमदास कठेरिया को मौका मिला. साल 2005 में पिछछ़ा वर्ग महिला के आरक्षित होने पर सपा के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के भाई राजपाल सिंह की पत्नी प्रेमलता यादव अध्यक्ष बनीं. उनका कार्यकाल उस समय यादगार बन गया, जब वर्ष 2010 में यह पद सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित होने पर प्रदेश में बीएसपी की सरकार होने के बावजूद वो दूसरी बार अध्यक्ष बनीं. इसके बाद वर्ष 2015 में यह पद फिर से सामान्य रखा गया. तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के चचेरे भाई अभिषेक यादव इस पद पर आसीन हुए. अब इस सीट को पंचायत चुनाव में पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है. इससे सपा समर्थकों में उत्साह बढ़ गया है.
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