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अखिलेश पर बरसे चाचा शिवपाल, 11 मार्च के बाद अलग पार्टी बनाने का ऐलान

समाजवादी पार्टी पर अखिलेश यादव के एकाधिकार के बाद किनारे लगाए गए शिवपाल यादव ने अलग पार्टी बनाने का मन बना लिया है. यह बात उन्होंने मंगलवार को जसवंतनगर सीट से नामांकन के बाद एक जनसभा को संबोधित करते हुए कही.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 31, 2017, 4:04 PM IST
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समाजवादी पार्टी पर अखिलेश यादव के एकाधिकार के बाद किनारे लगाए गए शिवपाल यादव ने अलग पार्टी बनाने का मन बना लिया है. यह बात उन्होंने मंगलवार को जसवंतनगर सीट से नामांकन के बाद एक जनसभा को संबोधित करते हुए कही.

इटावा के नुमाईश पंडाल में कार्यकर्ताओं और समर्थकों संग मीटिंग के दौरान शिवपाल ने कहा कि वे अलग पार्टी बनाएंगे. हालांकि इसकी औपचारिक घोषणा वे 11 मार्च यानी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद ही करेंगे.

मीटिंग के दौरान शिवपाल ने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि उन्होंने टिकट देकर मेहरबानी की है. शिवपाल ने कहा, “अगर टिकट न देते तो सोचता. टिकट नहीं मिलता तो निर्दलीय चुनाव लड़ता.”



शिवपाल ने कहा, "पांच साल तक मेहनत की, अब कहां जाएं? 11 मार्च का रिजल्ट देख लेना. 11 मार्च को तुम सरकार बना लो हम पार्टी बनाएंगे और फिर से संघर्ष करेंगे. समाजवादी पार्टी को कमजोर किया गया. गठबंधन से सिर्फ कांग्रेस को फायदा होगा."
उन्होंने कहा, "11 मार्च के नेताजी आएंगे, उसके बाद हम पार्टी बनाएंगे. अभी हमने पर्चा भर दिया है. कल तक बहुत सी अटकलें लगाई जा रही थीं लेकिन आज हमने पर्चा सपा और साइकिल से भर दिया है. आज हम जो भी हैं नेताजी की वजह से हैं. बहुत से लोगों ने कहा है कि जो कुछ हैं नेताजी के वजह से हैं. उन्हीं लोगों ने नेताजी को अपमानित करने का कम किया है."

शिवपाल ने आगे कहा, " अभी जो सरकार चली थी 5 साल, हमारे विभाग क्या किसी से कम अच्छे चले. हम जानते हैं कि समाजवादी पार्टी में भी भितरघात करने वाले लोग हैं. उनसे सावधान रहने की जरुरत है. हम केवल गलत काम रोक रहे थे. गलत काम का विरोध कर रहे थे, तब हमें निकाल दिया गया. हमने कहा था जो चाहे हमसे ले लो लेकिन नेताजी का अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकते. मरते दम तक नेताजी के साथ रहेंगे और उनका आदेश मानेंगे."

शिवपाल ने कहा, "हमलोग तो ज्यादातर विपक्ष में रहे हैं. बीजेपी, बीएसपी और कांग्रेस को तब हराया जब हमारे पास कोई साधन नहीं थे."

कांग्रेस से गठबंधन पर शिवपाल ने कहा, "आज से 6 महीने पहले कांग्रेस की क्या स्थिति थी? केवल 4 सीटें जीतने की. किसका फायदा किया? कांग्रेस का. टिकट हमारे लोगों का कटा."

शिवपाल के इस बयान के बाद अखिलेश यादव ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “ जो लोग पार्टी में भितरघात कर रहे हैं वह साथ नहीं रह सकते. जो लोग हमें धोखा दे रहे हैं वह पार्टी में नहीं रह सकते. अच्छा हुआ कि साइकिल हमें मिल गई. सपा और कांग्रेस का गठबंधन आने वाले दिनों में देश की राजनीति की दिशा तय करेगा.”

बता दें मंगलवार को शिवपाल ने नामांकन किया. इस मौके पर सैकड़ों समर्थक उनके साथ मौजूद थे. नामांकन के बाद उन्होंने नुमाईश पंडाल में एक जनसभा को भी संबोधित किया.

गौरतलब है कि रविवार को ही शिवपाल यादव ने ‘मुलायम के लोग’ ऑफिस का उद्घाटन करके इस बात का संकेत दे दिया था कि वे अब अलग राह पकड़ने के मूड में हैं.

यह भी पढ़ें: शिवपाल का ‘वार रूम’: ‘यूपी के लड़के’ का जवाब ‘मुलायम के लोग’

इसके अलावा समाजवादी पार्टी में मुलायम युग के अंत के बाद उनके करीबियों को अखिलेश ने एक-एक कर निपटा दिया है. इसके बाद मुलायम के पुराने साथी अम्बिका चौधरी, नारद राय, शादाब फातिमा समेत अन्य नेताओं ने भी अपनी अलग राह पकड़ ली है. जहां एक ओर अम्बिका चौधरी और नारद राय साइकिल से उतारे जाने के बाद हाथीकी सवारी कर रहे हैं, वहीं शादाब फातिमा का गाजीपुर से टिकट कटने के बाद भी वे अपना चुनाव प्रचार कर रही हैं.
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