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Etawah News: सपा नेता विमल वर्मा के भाई के हत्यारे हुए कैमरे में कैद, पुलिस बोली- जल्द होगी गिरफ्तारी

सीसीटीवी फुटेज में कैद हुए तीन लोगों की पहचान भूरा, अल्ताफ व अमित उर्फ माते के रूप में की गई है.

सीसीटीवी फुटेज में कैद हुए तीन लोगों की पहचान भूरा, अल्ताफ व अमित उर्फ माते के रूप में की गई है.

कैमरे में कैद हुए हमलावरों में तीन युवक दिखाई दे रहे हैं जिसमें सबसे पहले रात करीब 11 बजकर 23 मिनट पहले एक युवक घटनास्थल वाली गली से बाहर आया. बाद में दो युवक बाहर निकले. जिसमें से एक आरोपित ने हाथ में लिया तमंचा अपनी कमर में लगाकर निकल गया. पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज से हमलावरों की पहचान कर ली है.

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इटावा. उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कबीरगंज मकसूदपुरा में सपा नेता पूर्व सभासद के छोटे भाई मोनू वर्मा उर्फ जितेन्द्र की हत्या कर हत्यारे भागते समय घटना स्थल के पास लगे सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गए. पुलिस इनकी पहचान करके जल्द हत्या के खुलासे का दावा कर रही है. वहीं हत्या के बाद पुलिस ने आरोपितों के घरों पर दबिश देकर कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया है. बता दें कि गुरुवार रात साढे़ दस बजे मोहल्ला कबीरगंज में रहने वाले पूर्व सभासद और सपा नेता विमल वर्मा के छोटे भाई मोनू उर्फ जितेन्द्र वर्मा बाइक से घर आते समय घर से महज 50 कदम की दूरी पर मोहल्ले की गली में घेरकर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई थी.

हत्यारे मोनू की हत्या के उद्देश्य से ही पूरी प्लानिंग से आए थे. जैसे ही मोनू बाइक लेकर रात करीब साढे़ दस बजे के आसपास बाइक लेकर अपनी गली में घुसा, मोहल्ले में पहले से घात लगाए हमलावरों ने उसे रोक लिया और अवैध असलहों से उसके सिर पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं. भागते समय हत्यारे गली के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए. कैमरे में कैद हुए हमलावरों में तीन युवक दिखाई दे रहे हैं जिसमें सबसे पहले रात करीब 11 बजकर 23 मिनट पहले एक युवक घटनास्थल वाली गली से बाहर आया. बाद में दो युवक बाहर निकले. जिसमें से एक आरोपित ने हाथ में लिया तमंचा अपनी कमर में लगाकर निकल गया.

पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज से हमलावरों की पहचान कर ली है. देर रात पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए मृतक मोनू के बॉडी से तीन गोलियां निकाली गई. सभी चेहरे और सिर पर लगी थीं. घटनास्थल पर पुलिस ने मौके से चार खाली कारतूस भी बरामद किए थे. हत्या के मामले में पुलिस ने पत्नी की तहरीर पर पांच लोगों के खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपितों की तलाश शुरू कर दी है.



सीओ राजीव प्रताप सिंह का कहना है, "घटना के बाद सीसीटीवी फुटेज में कैद हुए तीन लोगों की पहचान भूरा, अल्ताफ व अमित उर्फ माते के रूप में की गई है. इसी आधार पर पत्नी ने इनके नाम एफआईआर में दर्ज कराए हैं. जबकि घटना में मुख्य आरोपित बेटू और उसके पिता राजेश उर्फ बडेृ लाल को बनाया गया है. आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद घटना का खुलासा किया जाएगा."
पत्नी बोली- आंखों के सामने उजड़ गया सुहाग
मृतक की पत्नी प्राची पटेल ने बताया कि उनके पति की गाड़ी की आवाज सुनकर वह दरवाजे पर आकर खड़ी हो गई थी. गली के मोड़ पर पति को आता देखा लेकिन तभी हमलावरों ने पति मोनू को गोलियों से भूनते हुए उसकी हत्या कर दी. वह अपने पति को बचाने के लिए दौड़ीं, लेकिन तब तक हमलावर फरार हो चुके थे. वह हमलावरों को पहचानती हैं. उन्होंने बताया कि उनके पति की हत्या नगरपालिका के सभासद चुनाव में प्रभावशाली व मजबूत दावेदार होने के कारण रंजिश के चलते की गई है. हत्यारे पड़ोस के रहने वाले हैं. प्राची पटेल ने मोहल्ले के ही रहने वाले पिता-पुत्रों समेत पांच लोगों के खिलाफ चुनावी रंजिश को लेकर हत्या करने का आरोप लगाया है. मोहल्ला कबीरगंज मकसूदपुरा के रहने वाले बेटू उर्फ अंकुर चौधरी, राजेश उर्फ बडे़ लाल, भूरा, अल्ताफ व अमित उर्फ माते को नामजद किया गया.

मृतक के भाई पूर्व सभासद विमल वर्मा ने बताया कि उनका भाई सभासद के आगामी चुनाव के लिए तैयारी कर रहा था. कुछ राजनैतिक लोग रंजिश मान रहे थे. इसलिए उनके भाई को घर आते मार दिया गया.
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