मुलायम के सैफई का दौरा करने वाले पहले गैर समाजवादी सीएम होंगे योगी आदित्यनाथ

सीएम योगी आदित्यनाथ आज इटावा दौरे पर हैं.. (File Photo)

Etawah News: सीएम योगी आदित्यनाथ आज इटावा के सैफई पहुंच रहे हैं. अपने दौरे में सीएम योगी प्रशासनिक भवन में अधिकारियों से बैठक करेगे और कोविड अस्पताल का निरीक्षण करेंगे. इस दौरान सीएम के किसी एक गांव का स्थलीय निरीक्षण भी करना तय कर लिया गया है.

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इटावा. समाजवादी पार्टी के गढ़ और मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav) के गांव सैफई (Saifai) में पहली दफा कोई गैर समाजवादी मुख्यमंत्री आ रहे हैं. मुलायम सिंह यादव के गांव में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) के प्रस्तावित दौरे को लेकर खासी उत्सुकता देखी जा रही है. जानकारी के अनुसार सीएम योगी आदित्यनाथ का हेलीकॉप्टर यहां इंटरनेशनल स्तर के बने स्पोर्ट्स स्टेडियम में उतरेगा. अपने दौरे में सीएम योगी प्रशासनिक भवन में अधिकारियों से बैठक करेगे और कोविड अस्पताल का निरीक्षण करेंगे. इस दौरान सीएम के किसी एक गांव का स्थलीय निरीक्षण भी करना तय कर लिया गया है. जानकारी के अनुसार सुबह 11 बजे से एक बजे तक मुख्यमंत्री का कार्यक्रम रहेगा.

1989 में मुलायम सिंह यादव के पहली दफा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने के बाद उनके ना जाने कितने दौरे सैफई गांव में हुए यह किसी को सही से स्मरण भी नहीं होगा. उसके बाद उनके बेटे अखिलेश यादव साल 2012 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने. उन्होंने भी अपने गांव के न जाने कितने दौरे किए लेकिन यह पहला मौका है जब भाजपा राज में कोई मुख्यमंत्री यहां रहा है.

बता दें सैफई मे राज्य का बेहतरीन समझा जाने वाला मेडिकल यूनिवर्सिटी स्थापित है. साथ ही कोरोना काल मे कोरोना संक्रमितों के इलाज के लिए भी 200 बेड का कोविड अस्पताल भी बनाया गया है. जिसमें राज्य भर से कोरोना संक्रमित इलाज कराने के लिए आ रहे हैं. मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर के इटावा की जिलाधिकारी श्रुति सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ बृजेश कुमार सिंह समेत जिले के तमाम छोटे-बड़े पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी तैयारियों में जुटे हुए दिखाई दे रहे हैं.

चूकि उत्तर प्रदेश के इटावा जिले का सैफई गांव समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव का गांव है और इस गांव में आज तक विकास की जो भी योजनाएं संचालित हुई हैं, वह सभी के सभी मुलायम सिंह यादव ने ही स्थापित की हैं. किसानों के नेता कहे जाने वाले मुलायम सिंह यादव पहली दफा 1989 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने. जिसके बाद इस गांव का कायाकल्प शुरू हुआ. वैसे यह गांव भी अति पिछड़े गांव की श्रेणी में ही शुमार रहा लेकिन मुलायम के मुख्यमंत्री बनने के बाद इस गांव की सूरत और सीरत बदलना शुरू हो गई.

वैसे तो सैफई गांव का विकास 1989 से ही होना शुरू हो गया था लेकिन सैफई गांव में साल 2005 मे मेडिकल कालेज की स्थापना ने एक नया आयाम खड़ा कर दिया. यह मेडिकल कालेज देशभर के तमाम नामी-गिरामी लोगों का इलाज करने में अहम भूमिका निभा रहा है. सैफई गांव में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मुलायम सिंह यादव के पौत्र तेज प्रताप सिंह यादव के विवाह समारोह में शामिल होने के लिए आ चुके है लेकिन किसी भी भाजपाई मुख्यमंत्री के शामिल होने का यह पहला सयोग कहा कहा जाएगा. जब समाजवादी जमीन पर किसी भगवा ब्रिगेड के शख्स के कदम पड़ेंगे.

सामान्यता सैफई में जब कभी मुलायम परिवार में कोई विवाह समारोह का आयोजन हुआ है तो भारतीय जनता पार्टी के नामी-गिरामी नेताओं में शुमार माने जाने वाले देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र ही अपने रिश्तों को चलते आते रहे हैं.