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Farmer Protest: किसानों को मिला जवानों का साथ, UP के पूर्व फौजी आंदोलन में शामिल होने दिल्ली रवाना

यूपी के पूर्व फौजियों ने किसानों के प्रदर्शन को समर्थन देने का ऐलान किया है.
यूपी के पूर्व फौजियों ने किसानों के प्रदर्शन को समर्थन देने का ऐलान किया है.

केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों (New Agriculture Law 2020) के खिलाफ देशभर के किसान पिछले 6 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं.किसानों के आंदोलन को अब यूपी के जवानों का समर्थन मिलने वाला है. मेरठ (Meerut) में पूर्व फौजियों ने दिल्ली रवाना होने का ऐलान किया है.

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मेरठ. केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों (New Agriculture Law 2020) के खिलाफ देशभर के किसान पिछले 6 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं. मंगलवार को सरकार और किसानों के बीच बातचीत भी हुई, लेकिन इसका नतीजा कुछ नहीं निकला. अब अगली बैठक 3 दिसंबर को होने वाली है. इन सबके बीच किसानों का दिल्ली (Delhi) कूच जारी है. बताया जा रहा है कि पंजाब और हरियाणा से किसान ट्रैक्टर से दिल्ली रवाना हुए है. एहतियात के तौर पर  पुलिस ने चिल्ला बॉर्डर बंद कर दिया है. इधर, किसानों के आंदोलन को अब यूपी के जवानों का समर्थन मिलने वाला है. मेरठ (Meerut) में पूर्व फौजियों ने दिल्ली रवाना होने का ऐलान किया है.

पूर्व मेजर डॉ. हिमांशु का कहना है कि इस कानून को तत्काल रद्द करना चाहिए और फिर  सरकार को बातचीत करना चाहिए. उन्होंने कहा कि जिस तरह से क़ानून संसद में बिना बहस ये लागू किए गए हैं उससे किसानों के मन में शक बैठा हुआ  है कि सरकार की नीयत साफ नहीं है. उन्होने कहा कि किसानों के साथ ऐसे पेश आया जा रहा है जैसे किसी दुश्मन देश ने आक्रमण कर दिया हो.

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पूर्व फौजी ने किसानों का दिया साथ



पूर्व मेजर डॉक्टर हिमांशु ने कहा कि वो महादेव से प्रार्थना करते हैं कि पीएम की नीयत गंगाजल की तरह पवित्र हो. पूर्व मेजर ने कहा कि हमें उनकी नीयत पर शक है. उन्होंने कहा कि हम ऐसे नीयत और कानून का क्या करें जो किसानों के लिए बदहाली ला रहा है. पूर्व मेजर ने कहा कि गन्ने का नया सत्र शुरू हो गया है , लेकिन पिछले सत्र का पेमेंट अभी तक नहीं हुआ है. ऐसे में वो ऐसे दिल और नीयत को कौन सी अलमारी में रखें. पूर्व मेजर ने कहा कि दिल्ली गाज़ियाबाद और अऩ्य ज़िलों से भी पूर्व फौजी आंदोलन में पहुंचेंगे जिन्होंने ओआरओपी को लेकर हल्ला बोला था. पूर्व फौजी भी इस आंदोलन को समर्थन देने के लिए पहुंचेंगे. पूर्व मेजर के साथ आए कई अऩ्य फौजियों ने कहा कि वो भी फौजी है और अगर इसके लिए नौकरी छोड़नी पड़ेगी तो छोड़ देंगे.
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