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एक साधु की ललकार सुन मंदिर मामले पर सुनवाई को मजबूर हुए थे फैजाबाद के जिला जज

न्यूज 18 क्रिएटिव

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अयोध्या में विवादित स्थल का ताला खोलने का आदेश तो 1 फरवरी 1986 को हो गया. जिला जज के आदेश के बाद लोगों ने ताला खोल भी दिया, लेकिन आखिर जिला जज के एम पांडे को क्यों लेना पड़ा ये फैसला?

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अयोध्या को भगवान राम के नाम से जाना जाता है. ऐसे में यहां भक्ति की बात होनी चाहिए, पर अब भक्ति से ज्यादा अयोध्या विवाद के कारण मशहूर है. इस शहर में आमतौर पर सब कुछ शांत रहता है. साल भर श्रद्धालु आते रहते हैं, राम की बात होती है, लेकिन 6 दिसंबर आते-आते शहर का माहौल गर्म होने लगता है, श्रद्धालु कम होने लगते हैं और नेता बढ़ने लगते हैं. धर्म से ज्यादा चर्चा विवाद की होने लगती है. इस साल इस तादाद और चर्चा दोनों में तेजी आई है. हो भी क्यों नहीं, आखिर यह चुनावी साल जो है.

अयोध्या के इतिहास को देखें तो आजादी के बाद तीन अहम पड़ाव हैं. पहला, 1949 जब विवादित स्थल पर मूर्तियां रखी गईं, दूसरा, 1986 जब विवादित स्थल का ताला खोला गया और तीसरा 1992 जब विवादित स्थल गिरा दिया गया. 1992 के बाद की कहानी सबको पता है, लेकिन 1949 से लेकर अब तक ऐसा काफी कुछ हुआ है जो आपको जानना चाहिए. News18 Hindi अयोध्या की इन्हीं अनसुनी कहानियों के लिए आपके लिए एक स्पेशल सीरीज लाया है.

इस सीरीज की दूसरी कहानी में उस दिलचस्प वजह का जिक्र है जिसके चलते विवादित स्थल का ताला खोलने का फैसला लेना पड़ा था...

क्यों लेना पड़ा ताला खोलने का फैसला?

क्या था एक साधु का चैलेंज जिसने फैजाबाद के तत्कालीन जिला जज के एम पांडे को ताला खोलने का फैसला लेने पर मजबूर कर दिया?

अयोध्या में विवादित स्थल का ताला खोलने का आदेश तो 1 फरवरी 1986 को हो गया. जिला जज के आदेश के बाद लोगों ने ताला खोल भी दिया, लेकिन आखिर जिला जज के एम पांडे को क्यों लेना पड़ा ये फैसला?

राम मंदिर और बाबरी मस्जिद का विवाद सैकड़ों साल पुराना है. अंग्रेजों के जमाने में या यूं कहें कि अंग्रेजों के पहले से इस जगह के मालिकाना हक को लेकर विवाद चल रहा था.

सीरीज की पहली कहानी पढ़ें: राजीव गांधी नहीं, इस शख्स ने खुलवाया था ताला

आजादी के बाद के करीब 40 सालों में फैजाबाद की अदालत में एक दर्जन से ज्यादा जिला जज आए और स्थानांतरित होकर चले गए. ये मुकदमा उनके सामने भी आया, लेकिन किसी ने इस मुकदमे पर फैसला नहीं लिया. सबने सिर्फ तारीख लगाई और अपना कार्यकाल पूरा किया. लेकिन, जिला जज के एम पांडे ने फैजाबाद के जिला जज की कुर्सी पर बैठने के एक साल के भीतर ही इस पर फैसला सुना दिया. जज के एम पांडे के साथ काम करने वाले तत्कालीन सीजेएम सीडी राय इसके पीछे एक दिलचस्प किस्सा बताते हैं.



दरअसल, अयोध्या में जिला न्यायाधीश की कुर्सी संभालने के बाद के एम पांडे रामलला के दर्शन करने गए थे. दर्शन के बाद जब जज साहब निकले तो उन्होंने बाहर खड़े एक साधु से रामलला के बंद दरवाजे के बारे में पूछा. साधु का जवाब जज साहब को परेशान करने वाला था. साधु ने रामलला के बंद दरवाजे के पीछे अदालत और राजनेताओं को जिम्मेदार बताया. जज साहब के कुछ बोलने पर उस साधु ने जज साहब को विवादित स्थल का दरवाजा खोलने की चुनौती दे डाली. जिला जज पांडे को ललकारते हुए उस साधु ने कहा कि हिम्मत है तो इस मामले में अपना फैसला सुना दो.

उस साधू की बात ने जज साहब को अंदर तक झकझोर दिया और उन्होंने तय किया तो वह जल्द से जल्द इस मामले की सुनवाई पूरी करेंगे और हुआ भी यही. इस मामले में जज साहब ने अपनी सुनवाई करीब 1 महीने में पूरी कर ली और 1 फरवरी 1986 को ताला खोलने का फैसला सुना दिया.

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UP assembly elections : राजनीति का अखाड़ा बनी अयोध्या, 7 सितंबर को रुदौली में ओवैसी की सभा

असदुद्दीन ओवैसी की सभा का पोस्टर जिसमें अयोध्या की जगह फैजाबाद लिखा गया.

UP Politics : जिस तरह से विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक पार्टियां अयोध्या का रुख कर रही हैं, उससे ऐसा लगता है कि सभी को जीत के लिए भगवान राम का सहारा है. भाजपा, बसपा और सपा के बाद अब आप और ओवैसी भी अयोध्या में कर रहे चुनावी कार्यक्रम.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 03, 2021, 15:57 IST
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कृष्णा शुक्ला

अयोध्या. यूपी 2022 के विधानसभा चुनाव को लेकर रामनगरी अयोध्या अब राजनीति का अखाड़ा बनती जा रही है. भाजपा तो पहले से ही रामनगरी को लेकर चर्चित थी, लेकिन उसी की तर्ज पर समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के बाद अब ओवैसी का रुख भी अयोध्या की तरफ है. ओवैसी 7 सितंबर को अयोध्या पहुंच रहे हैं. वे जिला मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर दूर रुदौली में एक जनसभा करेंगे. जिसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं.

सभी पार्टियां राम-भरोसे

जिस तरह से विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक पार्टियां अयोध्या का रुख कर रही हैं, उससे ऐसा लगता है कि सभी को जीत के लिए भगवान राम का सहारा है. भाजपा तो भगवान राम को लेकर पहले से ही चर्चा में रही है कि वह राम के नाम को लेकर चुनाव मैदान में उतरती है. लेकिन आने वाले इस विधानसभा चुनाव में लगभग सभी राजनीतिक पार्टियां अयोध्या पहुंच रही हैं.

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14 सितंबर को आम आदमी पार्टी की तिरंगा यात्रा

इस कड़ी में सबसे पहले बहुजन समाज पार्टी ने ब्राह्मण सम्मेलन कर राजनीतिक पार्टियों को सकते में डाला. यहां तक कि सतीश मिश्रा ने मंच से भगवान श्रीराम के जयकारे भी लगाए. तो वहीं समाजवादी पार्टी भी अयोध्या पहुंचकर चुनावी बिगुल फूंक रही है. 14 सितंबर को आम आदमी पार्टी भी अयोध्या में तिरंगा यात्रा निकाल रही है. इस तिरंगा यात्रा में दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया, सांसद संजय सिंह व 1 दर्जन से अधिक दिल्ली के विधायक शामिल होंगे.

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ओवैसी की जनसभा के पोस्टर में अयोध्या नहीं, फैजाबाद

वहीं, ओवैसी की जनसभा में जो पोस्टर बनाए गए हैं उसमें अयोध्या जनपद की जगह फैजाबाद लिखा हुआ है. जब एमआईएम के जिला अध्यक्ष शहनवाज सिद्दीकी से सवाल हुआ तो उन्होंने कहा कि अभी इसकी आदत नहीं पड़ी है. धीरे-धीरे इसकी आदत पड़ जाएगी. यानी कि पोस्टर छपवाने में भी आदत डालने की जरूरत है. लेकिन ओवैसी अयोध्या और फैजाबाद को लेकर सियासत करने के मूड में हैं. वहीं, विपक्ष ओवैसी पर भाजपा का एजेंट बनने का आरोप लगाता आया है, क्योंकि ओवैसी मुसलमानों का वोट ही काटेंगे. ऐसे में नुकसान सपा, बसपा व कांग्रेस का ही होना है.

CM योगी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी मामला: उद्धव ठाकरे की बढ़ सकती हैं मुश्किलें!

उद्धव ठाकरे के खिलाफ यूपी के बीजेपी कार्यकर्ताओं ने कार्रवाई की मांग की है. (फाइल फोटो)

Uddhav Thackeray in Trouble: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है. शिकायतकर्ताओं का कहना है कि अगर पुलिस इस मामले में प्राथमिकी नहीं दर्ज करती है तो वो लोग न्यायालय का सहारा लेंगे.

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फैजाबाद. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) के खिलाफ केंद्रीय मंत्री नारायण राणे (Narayan Rane) के विवादित बयान और उस पर पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई ने राजनीतिक रंग लेना शुरू कर दिया है. इसी मामले की प्रतिक्रिया में उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर जनपद में बीजेपी के दो कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर एक शिकायत दर्ज की है. इसमें साल 2018 में चुनाव-प्रचार के दौरान महाराष्ट्र के पालघर में उद्धव ठाकरे द्वारा यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) के खिलाफ की गई अपमानजनक टिप्पणी को लेकर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की गई है.

फिलहाल, अभी तक पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है. शिकायतकर्ताओं का कहना है कि अगर पुलिस इस मामले में प्राथमिकी नहीं दर्ज करती है तो वो लोग न्यायालय का सहारा लेंगे.

महाराष्ट्र में भी कार्रवाई की मांग

इधर, महाराष्ट्र में  बीजेपी के यवतमाल जिला अध्‍यक्ष नितिन भुटाडा ने मुख्‍यमंत्री उद्धव ठाकरे के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और भड़काऊ भाषण देने के लिए कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है. उमेरखेड़ पुलिस के मुताबिक उनके पास महाराष्‍ट्र के सीएम से जुड़ी एक शिकायत आई है. इस शिकायत में कहा गया है कि 25 अक्‍टूबर 2020 को दशहरा भाषण के दौरान महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री उद्धव ठाकरे ने  योगी आदित्यनाथ के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्‍तेमाल किया था. इसी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है.

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नारायण राणे ने दिया था ये बयान
केंद्रीय मंत्री नारायण राणे का कहना है कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर संबोधन में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे भूल गए थे कि देश की आजादी को कितने साल हुए हैं. इसके बाद राणे ने महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में ‘जन आशीर्वाद यात्रा’ के दौरान कहा था कि यह शर्मनाक है कि मुख्यमंत्री को यह नहीं पता कि आजादी को कितने साल हो गए हैं. भाषण के दौरान वह पीछे मुड़कर इस बारे में पूछते नजर आए थे. उन्होंने कहा,’अगर मैं वहां होता तो उन्हें एक जोरदार थप्पड़ मारता.’नारायण राणे का ये बयान विवादों में घिर गया. राणे के खिलाफ शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने कई शहरों में विरोध प्रदर्शन भी किया. इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया था.

UP: योगी सरकार के मंत्री का मायावती पर हमला, कहा- BSP का ब्राह्मण सम्मेलन फ्लॉप शो


 स्वामी प्रसाद मौर्य ने BSP के ब्राह्मण सम्मेलन पर दिया ब़ड़ा बयान.

UP Politics: अयोध्या पहुंचे श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य (Labor Minister Swami Prasad Maurya) ने बहुजन समाज पार्टी पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने बीएसपी के ब्राह्मण सम्मेलन (BSP Brahmin Sammelan) को फ्लॉप शो बताया.

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अयोध्या. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के अयोध्या (Ayodhya) पहुंचे सूबे के श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य (Labor Minister Swami Prasad Maurya) ने बहुजन समाज पार्टी के ब्राह्मण सम्मेलन को लेकर बड़ा बयान दिया. स्वामी प्रसाद मौर्य ने ब्राह्मणों की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election 2022) नजदीक आता जा रहा है, सभी पार्टियां ब्राह्मणों की जमकर तारीफ कर रही है. उनको लुभाने के लिए सभी पार्टियां तरह-तरह के लुभावने बातें कह रही है. शनिवार को अयोध्या पहुंचे श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या ने कहा कि दलित मायावती का साथ छोड़ चुका है. बसपा को अब अपने दलित मतदाताओं पर भरोसा नहीं रहा.

श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या (Swami Prasad Maurya)  ने ब्राह्मणों की तारीफ करते हुए कहा कि ब्राह्मण सबसे ज्यादा इस देश का बुद्धिजीवी, पढ़ा लिखा और समझदार मतदाता है. ब्राम्हण किसी के झांसे बहकावे और प्रलोभन में आने वाला नहीं है. ब्राह्मण हमेशा देश की दशा और दिशा तय करता आया है.

कभी बसपा कार्यकाल में दिग्गज मंत्री थे  स्वामी प्रसाद मौर्य

स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि ब्राह्मण राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर उचित अनुचित को अच्छी तरह से समझता है. यही नहीं ब्राह्मण खुद अपने विवेक से निर्णय लेता है. वह किसी के झुनझुना बजाने से बच्चों की तरह उसके पीछे नहीं दौड़ेगा. ब्राम्हण स्वयं बहुत समझदार है. कभी बसपा कार्यकाल के दिग्गज मंत्री रहे स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि बसपा का ब्राह्मण सम्मेलन फ्लॉप शो साबित होगा. स्वामी प्रसाद मौर्या बहुजन समाज पार्टी  कार्यकाल में भी मंत्री रह चुके हैं. श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य आज पूर्व सिंचाई मंत्री मराठी लोक दल के प्रदेश अध्यक्ष रहे स्वर्गीय मुन्ना सिंह के पांचवीं पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में शामिल होने अयोध्या के सोहावल महोली गांव पहुंचे थे. इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में प्रदेश के जल शक्ति मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह भी शामिल हुए.

बसपा-सपा पर गरजे अठावले

यूपी में अपने पक्ष में माहौल बनाने के लिए अठावले ने 26 सितंबर से बहुजन कल्याण यात्रा भी निकाले जाने का ऐलान कर सपा, बसपा और कांग्रेस के साथ ममता बनर्जी पर भी जमकर निशाना साधा है. केन्द्रीय मंत्री रामदास अठावले ने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद आज CM योगी से मुलाकात कर UP के मुस्लिम-दलित बहुल क्षेत्रों में बसपा को टक्कर देने के लिए RPI के प्रत्याशियों को भी चुनाव लड़ाने की मांग की है. इस दौरान राम दास अठावले ने बसपा के जनाधार में लगातार कमी आने की बात कहते हुए जहां अब अपने बलबूते पर मायावती को सत्ता में न आ पाने की बात कही, तो वही सपा और कांग्रेस द्वारा भी यूपी में सरकार न बना पाने के साथ इस बार यूपी में 325 की जगह 375 सीटें आने का दावा किया.

UP के 16 जिलों में नहीं है मेडिकल कॉलेज, अयोध्या में CM योगी आदित्यनाथ ने की ये बड़ी घोषणा

योगी आदित्यनाथ आज अयोध्या पहुंचे, वहां पर उन्होंने कहा कि जिन 16 जिलों में मेडिकल कॉलेज नहीं हैं, वहां पर भी जल्द बनवाए जाएंगे.

Ayodhya News: अयोध्या पहुंचे यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 1947 से लेकर 2016 तक 69 वर्षों में केवल 12 मेडिकल कॉलेज थे. हमने 4 सालों में 32 मेडिकल कॉलेज बना दिये.

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कृष्णा शुक्ला, फैजाबाद. उत्तर प्रदेश के जिन 16 जिलों में मेडिकल कॉलेज नहीं हैं, वहां भी मेडिकल कॉलेज बनाए जाएंगे. उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक मेडिकल कॉलेज होंगे. यही नहीं, अयोध्या अन्य विकास के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं का भी केंद्र बिंदु बनेगा. अयोध्या पहुंचे सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के जिन 16 जिलों में मेडिकल कॉलेज नहीं है. उन जिलों में भी मेडिकल कॉलेज बनाए जाएंगे इसकी औपचारिकता पूरी हो रही है. मेडिकल काउंसिल में हम लोग आवेदन कर रहे हैं.

कोरोना टेस्ट को लेकर सीएम योगी ने कहा कि आज हमारे पास तीन लाख से अधिक टेस्ट करने की क्षमता अकेले उत्तर प्रदेश में है. आज हमारे पास दो लाख बेड मौजूद है, जहां पर हम कोरोना मरीज को सुविधा दे सकते हैं. इस सत्र में हम 9 नए मेडिकल कॉलेज के अप्रूवल लेने के लिए आवेदन किया है. सीएम योगी ने कहा कि 1947 से 2016 तक 69 वर्षों में केवल 12 मेडिकल कॉलेज बने थे. पिछले 4 वर्ष के दौरान उत्तर प्रदेश में 32 नए मेडिकल कॉलेज बना चुके हैं या बना रहे हैं.

उत्तर प्रदेश का मेडिकल कॉलेज अच्छी दिशा में आगे बढ़ रहा है. इस सत्र में 14 नए मेडिकल कॉलेज भारत सरकार के सहयोग से तैयार किए हैं. 69 वर्षों में केवल 12 मेडिकल कॉलेज बाकी से 4 वर्ष के दौरान 32 नए मेडिकल कॉलेज बनाए गए हैं. 16 ऐसे जिले हैं जहां पर एक भी मेडिकल कॉलेज नहीं है, उसके लिए भी पॉलिसी लेकर आ रहे हैं. वहां पर मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के लिए मेडिकल काउंसिल में जा रहे हैं.

सीएम योगी ने कहा कि देश मे उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक मेडिकल कॉलेज होगा. अयोध्या को लेकर सीएम योगी ने कहा कि आने वाले समय में अयोध्या के जनप्रतिनिधियों के अनुरूप स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी. कोरोना काल में हुई मौत को लेकर सीएम योगी ने कहा कि बहुत लोगों ने अपने परिजनों को खोया है. मैं उनके लिए संवेदना व्यक्त करता हूं. अयोध्या के विकास पर सीएम योगी ने कहा अयोध्या वैश्विक मानचित्र पर एक नया स्थान बनाने जा रहा है. उसके लिए हमें हर क्षेत्र में तैयार होना होगा. यही नही अयोध्या स्वास्थ्य सुविधाओं का भी केंद्र बिंदु बनेगा.

UP Election: अंबेडकरनगर पर क्यों है BSP का सबसे ज्यादा फोकस, सतीश चंद्र मिश्रा डाल रहे डेरा!

अंबेडकरनगर पर क्यों है BSP का सबसे ज्यादा फोकस (File)

फैजाबाद से थोड़ा आगे बढ़कर अंबेडकर नगर टांडा अकबरपुर यह सारे ऐसे इलाके हैं जहां पर शुरू से ही जो आबादी है वह बसपा (BSP) समर्थक रही है. मंदिर आंदोलनों के समय भी यहां से लोगों का जमावड़ा बड़ी तादाद में अयोध्या पहुंचा था.

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लखनऊ. बहुजन समाज पार्टी (BSP) ब्राह्मणों को अपनी तरफ दोबारा 2007 की तरह आकर्षित करने के लिए पूरे यूपी में ब्राह्मण सम्मेलन कर रही है. इसी कड़ी में शनिवार को अंबेडकरनगर (Ambedkar Nagar) में कार्यक्रम किया जा रहा है. लेकिन अगर आप अंबेडकर नगर की सियासत और वहां पर बसपा के हो रहे सम्मेलन में दो दिन तक लगातार कार्यक्रम होने के कारण पर नजर डालेंगे तो यह अपने आप में बेहद चौंकाता है. दरअसल, शनिवार और रविवार यानी 24 और 25 जुलाई तक दोनों दिन अंबेडकरनगर में ही डेरा डाला जा रहा है. बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने भी अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत अंबेडकर नगर से ही की थी और इसीलिए बसपा की नजर अंबेडकरनगर पर खासतौर से है. इसीलिए दो दिन वहां पर कार्यक्रम किए जा रहे हैं.

बता दें कि 1999 में अकबरपुर सुरक्षित संसदीय सीट पर हुए चुनाव में मायावती सांसद चुनी गई थीं. फिर साल 2002 में मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने इस सीट से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद उन्होंने अपने सबसे विश्वास पात्र बसपा नेता त्रिभुवनदत्त को उपचुनाव में टिकट दिया. वे सपा प्रत्याशी मन्नूलाल मांझी को पराजित कर सांसद बनने में सफल रहे. मायावती ने 2002 में भी इसी जिले की जहांगीरगंज विधानसभा सीट से जीत हासिल की और वो विधायक चुनी गईं. मायावती चार बार 1989, 1998, 1999 और 2004 में अंबेडकर नगर से लोकसभा चुनाव जीत चुकी हैं.

UP: राज कुंद्रा की बढ़ी मुश्किलें, कानपुर शहर की दो युवतियों के बैंक खाते सीज

फैजाबाद से थोड़ा आगे बढ़कर अंबेडकर नगर टांडा अकबरपुर यह सारे ऐसे इलाके हैं जहां पर शुरू से ही जो आबादी है वह बसपा समर्थक रही है. मंदिर आंदोलनों के समय भी यहां से लोगों का जमावड़ा बड़ी तादाद में अयोध्या पहुंचा था. अंबेडकरनगर में ओबीसी दलित का एक बड़ा वर्ग वहां पर रहता है. इसलिए बसपा के लिहाज से यह इलाका बेहद महत्वपूर्ण है. वरिष्ठ पत्रकार रतन मणिलाल कहते हैं कि मुझे लगता है कि अंबेडकरनगर को चुनने के पीछे भी बहुजन समाज पार्टी के लिए यह बड़ा कारण रहा होगा कि मंदिर आंदोलन यानी कि 90 के दशक में इस आंदोलन में ज्यादा से ज्यादा इसी इलाके के लोग पहुंचे थे.

दलित वर्ग बहुत एक्टिव
साथ ही साथ बसपा के समर्थक बड़ी तादाद में यहां है. इन दोनों चीजों को अगर जोड़ा जाए तो राजनीतिक तौर पर दलित वर्ग यहां बहुत एक्टिव रहा है और वहीं बसपा के प्रबल समर्थक भी हैं. वहां पर अगर कोई बड़ा आयोजन बहुजन समाज पार्टी करती है तो उन्हें एक बड़ी ऑडियंस का वर्ग मिलता है. जहां तक वह अपनी बात पहुंचा सकते हैं.

चौरासी कोसी परिक्रमा मार्ग: पांच जिलों से होकर गुजरेगा हाइवे, जानें इसका रूट

चौरासी कोसी परिक्रमा मार्ग का मैप.

 Ministry of Road Transport द्वारा बनाया जा रहा 275 किमी. लंबा Chaurasi Kosi Parikrama Marg पांच जिलों से होकर गुजरेगा. इसमें एनएच 27 और एनएच 28 के तमाम शहर शामिल होंगे.

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नई दिल्‍ली. सड़क परिवहन मंत्रालय (Ministry of Road Transport) द्वारा चौरासी कोसी परिक्रमा मार्ग (Chaurasi Kosi Parikrama Marg) को नेशनल हाइवे (National Highway) में शामिल करने के बाद अयोध्‍या उत्‍तर प्रदेश का सबसे बड़े धार्मिक पर्यटन स्‍थल के रूप में विकसित होगा. परिक्रमा मार्ग उत्‍तर प्रदेश के पांच जिलों से होकर गुजरेगा. यह मार्ग इन पांच जिलों के अलावा आसपास के अन्‍य जिलों के लिए वरदान साबित होगा. 275 किलोमीटर लंबा यह मार्ग फैजाबाद, अंबेडकर नगर, बाराबंकी, गोंडा और बस्‍ती जिलों से होकर गुजरेगा.

चौरासी कोसी परिक्रमा मार्ग पांच जिलों के 107 गांवों के आसपास से गुजरेगा. इस मार्ग का डिजाइन पीक आवर में आने वाले ट्रैफिक को ध्‍यान में रखते हुए किया गया है, जिससे भविष्‍य में ट्रैफिक जाम की समस्‍या न हो. सुरक्षा को ध्‍यान में रखते हुए सड़क के बीचोंबीच से 8 से 30 मीटर की खाली जगह यानी आरओडब्‍ल्‍यू (राइट आफ वे) उपलब्‍धता के अनुसार छोड़ी जाएगी. सड़क परिवहन मंत्रालय ने इसका पूरा डिजाइन तैयार कर लिया है. केन्‍द्रीय सड़क परिवहन और हाइवे मंत्री न‍ितिन गडकरी ने स्‍वयं ट्वीट कर प्रोजेक्‍ट को हाइवे में शामिल करने की जानकारी दी है.

इन शहरों से गुजरेगा मार्ग
यह पांचों जिलों के तमाम शहरों से होकर गुजरेगा. छावनी (एनएच-27 के पास) -आश्रम- महबूबगंज (सूर्यकुंड) अमोरा-कटरिया श्रृंगी ऋषि गोसाईगंज-तरुण-रामपुर भगन द्राबगंज (सीताकुंड)-बीकापुर भगवती नगर-रेवतीगंज-अस्थाना अधियोना चौराहा-सिरसीर (जनमे) जयकुंड - अमरगंज-अमनीगंज-रुदाली-रोजागांव - मियां का पुरबा-मेरामान-पत्रंगा बरेनबाग-कामियार अलीयाबाद- नियामतगंज भोरीगंज- राजापुर- बाबा उमरी चारसारी सुभीरन दास कुट्टी- नरहरदास की कुट्टी (पस्का) बेगमगंज-दीकसीर-पकरी बार-गोहानीजारही चरहा-राम नगर चौराहा (तुलसीपुर) नबाबगंज-नबवा-कल्याणपुर हैदराबाद बेरका-नदुला-रामगढ़छवानी (एनएच-28 पर) से होकर गुजरेगा.

अयोध्‍या का वह स्‍थान जहां से चौरासी कोसी परक्रिमा मार्ग शुरू और खत्‍म होगा.
अयोध्‍या का वह स्‍थान जहां से चौरासी कोसी परक्रिमा मार्ग शुरू और खत्‍म होगा.


इन शहरों को होगा लाभ
महबूब गंज गोसाईगंज-इनायत नगर- मिया का पुरवा-पतरंगा-अलियाबाद-नियामत गंज- बारिन बाग-मुर्तियां घाट-देवी गंज-पस्का किनौना चौराहा- राम गढ़ दीकिर राम नगर- नवाब गंज- बर्टा चौराहा-छवानी (एनएच-27)- कटारिया.

24 ब्रिज और 217 पुलिया बनेंगी
चौरासी कोसी परिक्रमा मार्ग में 241 छोटे बड़े ब्रिज और पुलिया बनेंगे. इनमें 3 बड़े और 21 छोटे ब्रिजों का निर्माण किया जाएगा. इसके अलावा 217 पुलिया भी बनाई जाएंगी.

Congress: राम मंदिर ट्रस्ट घोटाले पर PM Modi दें जवाब, कोर्ट की निगरानी में हो जांच

श्री राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट का गठन सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार 5 फरवरी, 2020 को हुआ (PTI)

Ram Mandir Trust Scam: आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह (Sanjay Singh) ने रविवार को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Ram Janmbhoomi Trust) पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए उसकी जांच सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से कराने की मांग की थी.

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नई दिल्ली. कांग्रेस ने श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Ram Janmbhoomi Trust) से संबंधित एक जमीन सौदे में लगे भ्रष्टाचार (Ram Mandir Trust Scam) के आरोप को लेकर जवाब मांगा है. कांग्रेस ने सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) को इस ‘घोटाले’ पर जवाब देना चाहिए. इस मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में होनी चाहिए.

पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने सुप्रीम कोर्ट से यह से आग्रह किया कि वह मंदिर निर्माण के चंदे के रूप में प्राप्त राशि और खर्च का ऑडिट करवाए. साथ ही चंदे से खरीदी गई सारी जमीन की कीमत को लेकर भी जांच की जाए.

सुरजेवाला ने संवाददाताओं से कहा, ‘भगवान श्री राम आस्था के प्रतीक हैं. पर भगवान राम की अलौकिक अयोध्या नगरी में श्री राम मंदिर निर्माण के लिए करोड़ों लोगों से एकत्रित चंदे का दुरुपयोग और धोखाधड़ी महापाप और घोर अधर्म है, जिसमें भाजपाई नेता शामिल हैं.’

तमिलनाडु सरकार का ऐलान- अब 'आगम शास्त्र' की समझ रखने वाली महिलाओं को मिलेगा पुजारी बनने का मौका

सुरजेवाला ने दावा किया, ‘जमीन की रजिस्ट्री के दोनों कागजों पर श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी अनिल मिश्रा गवाह के तौर पर मौजूद हैं. दोनों कागजों पर दूसरे गवाह भाजपा के प्रमुख नेता और अयोध्या के मेयर ऋषिकेश उपाध्याय हैं. इसका मतलब साफ है कि 2 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन पांच मिनट में 18.5 करोड़ रुपये में खरीदने के निर्णय की राममंदिर निर्माण ट्रस्ट के न्यासियों को पूरी जानकारी थी.’

उन्होंने कहा, ‘श्री राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट का गठन सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार 5 फरवरी, 2020 को हुआ. उपरोक्त तथ्यों से साफ है कि करोड़ों लोगों द्वारा राम मंदिर निर्माण के लिए दी गई दान राशि में घोर महापाप, अधर्म व घोटाला हुआ है. लेकिन प्रधानमंत्री पूरी तरह से चुप हैं.’

सुरजेवाला ने सवाल किया, ‘प्रधानमंत्री को इसका जवाब देना चाहिए कि क्या भगवान राम की आस्था का सौदा करने वाले पापियों को मोदी जी का संरक्षण प्राप्त है? मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के नाम पर इतना बड़ा कदाचार भाजपा नेताओं ने कैसे किया?’ उन्होंने यह भी पूछा, ‘इस प्रकार और कितनी जमीन मंदिर निर्माण के चंदे से औने-पौने दामों पर खरीदी गई है?'

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘राम मंदिर निर्माण के लिए इस ट्रस्ट का गठन देश के उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर किया गया है. जब यह घोटाला और इसके तथ्य सामने हैं, तो देशवासियों की ओर से हमारी मांग है कि प्रधानमंत्री उपरोक्त सवालों का देश को जवाब दें. देश के प्रधान न्यायाधीश व उच्चतम न्यायालय पूरे मामले का संज्ञान लेकर न्यायालय की निगरानी में जांच करवाएं’

उन्होंने यह मांग भी की, ‘उच्चतम न्यायालय मंदिर निर्माण के चंदे के रूप में प्राप्त राशि व खर्च का न्यायालय के तत्वाधान में ऑडिट करवाए, मंदिर निर्माण के लिए मिले चंदे से खरीदी गई सारी जमीन की कीमत के आकलन बारे भी जांच करे तथा न्यायालय देशवासियों व भक्तजनों के समक्ष वह ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक करे.'

गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने रविवार को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए उसकी जांच सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से कराने की मांग की थी. सिंह ने लखनऊ में दावा किया था कि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने संस्था के सदस्य अनिल मिश्रा की मदद से दो करोड़ रुपये कीमत की जमीन 18 करोड़ रुपये में खरीदी. उन्होंने कहा था कि यह सीधे-सीधे धन शोधन का मामला है और सरकार इसकी सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय से जांच कराए.

राम मंदिर ट्रस्ट भूमि घोटाले के आरोपों पर बोले दोनों डिप्टी सीएम- अनर्गल आरोपों से निर्माण कार्य बाधित करने की कोशिश

वहीं, समाजवादी पार्टी की पूर्ववर्ती सरकार में मंत्री रहे एवं अयोध्या के पूर्व विधायक पवन पांडे ने भी अयोध्या में राय पर भ्रष्टाचार के ऐसे ही आरोप लगाए और मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की. चंपत राय ने इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि वह इस तरह के आरोपों से नहीं डरते और इन आरोपों का अध्ययन करेंगे. (PTI इनपुट)

अंबेडकरनगर: युवक की मौत के बाद भड़के ग्रामीण, ARTO की गाड़ी को किया आग के हवाले

युवक की मौत के बाद भड़के ग्रामीण

घटना के बाद डीएम सैमुअल पाल ने बताया कि मृतक सन्नी अग्रहरि के परिवार वालों को मुआवजा दिया जाएगा. जबकि घायल शांति देवी का इलाज नि शुल्क करने के निर्देश दिए गए है.

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अंबेडकरनगर. यूपी के अंबेडकरनगर (Ambedkar Nagar) जिले के जलालपुर थाना क्षेत्र के पट्टी चौराहा के पास शनिवार की सुबह मोरंग लदी अनियंत्रित ट्रेलर के नीचे दबकर एक की मौत हो गई. जबकि एक महिला घायल बताई जा रही है. युवकी मौत के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने एआरटीओ की गाड़ी में तोड़फोड़ करते हुए उसे आग के हवाले कर दिया. सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. घटना के बाद डीएम सैमुअल पाल ने बताया कि मृतक सन्नी अग्रहरि के परिवार वालों को मुआवजा दिया जाएगा. जबकि घायल शांति देवी का इलाज नि शुल्क करने के निर्देश दिए गए है. डीएम के मुताबिक ड्राइवर के खिलाफ हिट एंड रन का केस दर्ज किया गया है.

बताया जाता है कि एआरटीओ अपनी गाड़ी से ट्रेलर का पीछा करते हुए ओवरटेक करने लगे, सड़क की पटरी पर खड़े लोग अनियंत्रित ट्रेलर की चपेट में आकर दो लोग घायल हो गए. ग्रामीणों की भीड़ ने एआरटीओ की गाड़ी को तोड़फोड़ के बाद आग के हवाले कर दिया. एआरटीओ विभाग और दो सिपाहियों को भी चोटें आई है. पुलिस फोर्स मौके पर तैनात है.

अंधविश्वास पर बुलडोजर: प्रतापगढ़ में 'कोरोना माता' का मंदिर प्रशासन ने ढहाया

एआरटीओ विष्णु दत्त मिश्र अपनी टीम के साथ अकबरपुर से वाहनों की चेकिंग के लिए जलालपुर जा रहे थे. बताया जाता है कि ओवरलोड मोरंग लदकर जा रही ट्रेलर को रोककर एआरटीओ ने चालान कर दिया. एआरटीओ का कहना है कि चालान करने से नाराज ट्रेलर चालक उनकी गाड़ी पर चढ़ाने का प्रयास कर रहा था कि अनियंत्रित होकर ट्रेलर सड़क के किनारे फल की गुमटी में जाकर भिड़ गई, ट्रेलर के नीचे दबे लोगो को बाहर निकालकर आनन फानन में सीएचसी नगपुर भेजा गया है. जहां एक युवक की मौत हो गई.

अयोध्‍या पंचायत चुनाव: हिंदू बाहुल्य गांव में अकेले मुस्लिम ने जीता प्रधानी का चुनाव

हिंदू बाहुल्य गांव में एक मुस्लिम ने जीता प्रधानी का चुनाव (File photo)

हाफिज अजीमुद्दीन रजनपुर में अपने परिवार (Family) के साथ अकेले रहते हैं. राजनपुर गांव में केवल यही एक परिवार मुस्लिम परिवार रहता है

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फैजाबाद. उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनावों के परिणाम (UP Panchayat Chunav Results) आ चुके हैं. इन सबके बीच यूपी के फैजाबाद (Faizabad) जिले में गांव रजनपुर में एक ऐसे मुस्लिम प्रधान (Muslim Village Head) ने जीत दर्ज की है. जिस गांव की पहचान बहुसंख्यक गैर-मुस्लिम वोटर के रूप में होती है. जी हां अयोध्या के रुदौली विधानसभा क्षेत्र के मवई ब्लाक के रजनपुर गांव में हाफ़िज अजीम उद्दीन ने हिंदू बहुल क्षेत्र में प्रधान का पद जीतकर यह साबित कर दिया है रजनपुर गांव में हिंदू मुस्लिम एकता कायम है. बहुसंख्यक लोग भी अल्पसंख्याक व्यक्ति को अपना प्रतिनिधि चुन सकते हैं.

बता दें कि मवई ब्लॉक के रजनपुर गांव के हिंदू बाहुल्य क्षेत्र के लोग एक मुस्लिम व्यक्ति को अपना प्रधान चुना है. हालांकि प्रधान के चुनाव में कई हिंदू प्रत्याशी भी प्रधान का चुनाव लड़ रहे थे, लेकिन हिंदुओं ने अपना प्रतिनिधि एक मुसलमान व्यक्ति को चुना. अब इस गांव की चर्चा पूरे जनपद में हो रही है कि हिंदू बाहुल्य से गांव में अकेला मुसलमान प्रधान बन सकता है.

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हाफिज अजीमुद्दीन रजनपुर में अपने परिवार के साथ अकेले रहते हैं. राजनपुर गांव में केवल यही एक परिवार मुस्लिम परिवार रहता है और हिम्मत कर हाफिज अजीमुद्दीन ने प्रधान का पर्चा दाखिल कर दिया और उन्हें उम्मीद भी नहीं थी कि हिंदू बाहुल्य से गांव में हिंदू लोग उन्हें अपना प्रतिनिधि चुनेंगे. जहां एक तरफ हिंदू मुस्लिम नफरत की चिंगारी भड़क उठती है. वहीं नफरती लोगों को रजनपुर गांव के लोगों ने मुंह तोड़ जवाब दिया है.

प्रधानों का शपथ ग्रहण टला
वहीं ग्राम प्रधानी के चुनाव के बाद ग्राम पंचायतों का गठन और ग्राम प्रधानों व क्षेत्र पंचायत सदस्यों के शपथ ग्रहण को फ़िलहाल टाल दिया गया है. साथ ही जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख के अप्रत्यक्ष चुनाव पर भी ग्रहण लग गया है. पंचायतीराज विभाग से मिल रही जानकारी के मुताबिक नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों और जिला पंचायत अध्यक्ष व ब्लॉक प्रमुखों के चुनाव के लिए जो प्रस्ताव मुख्यमंत्री ऑफिस को भेजा गया था उसे लौटा दिया गया है. बताया जा रहा है कि ग्रामीण इलाकों में फैले कोरोना संक्रमण की वजह से फिलहाल सभी कार्यक्रम रोक दिए गए हैं.

Ambedkarnagar: पुलिस मुठभेड़ में घायल हुआ 25 हजार का इनामी, कांस्‍टेबल को लगी गोली

पुलिस मुठभेड़ में घायल हुआ 25 हजार का इनामी

पुलिस अधीक्षक (SP) आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि मुठभेड़ (Encounter) में घायल 25000 के इनामी अपराधी को गिरफ्तार किया गया है.

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अंबेडकरनगर. अंबेडकरनगर (Ambedkarnagar) जिले में शनिवार देर रात जैतपुर थाने की पुलिस की इनामी बदमाश से मुठभेड़ (Encounter) हो गई. मुठभेड़ के दौरान बदमाश के बाएं पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया. इस दौरान एक कांस्टेबल भी गोली लगने से जख्मी है. दोनों का इलाज के लिए जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है. जानकारी के मुताबिक जैतपुर थाने के थानाध्यक्ष राकेश कुमार गुप्ता सरैया के निकट संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रहे थे. इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि थाना क्षेत्र के सिंहीपुर में गत दिनों लूट की घटना को अनजाम देने की कोशिश करने वाले बदमाश किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में नेवादा बाजार में देखे गए हैं.

कुछ देर बाद एक बाइक सामने से आती दिखाई दी. उसे रुकने का इशारा किया तो बाइक मोड़कर मठिया रोड की तरफ भागने लगा. पुलिस ने पीछा किया तो बहद गांव के निकट बाइक पर पीछे बैठे बदमाश ने फायरिंग शुरू कर दी. उसकी गोली से कांस्टेबल राहुल कुमार घायल हो गया. जबकि जवाबी फायरिंग में बाइक चला रहे बदमाश को गोली लगने से वह बाइक लेकर गिर पड़ा. पुलिस ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया जबकि अंधेरे का फायदा उठाकर उसका साथी आजमगढ़ थाने के परसहां निवासी कमर रशीद फरार हो गया. गिरफ्तार आरोपित की पहचान जैतपुर थाना क्षेत्र के गांव मढवरपुर उमानाथ गिरि के रूप में हुई है. पुलिस कई महीनों से आरोपित की तलाश कर रही थी.

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आरोपित के पास से एक तमंचा, कारतूस और बाइक बरामद हुआ है. पकड़े गए इनामी पर गुंडा एक्ट, मारपीट, छिनौती, लूट समेत 11 मुकदमे जैतपुर, रामनगर और आजमगढ़ जनपद के थाना पवई व अहरौला में दर्ज हैं. यह जैतपुर थाने का हिस्ट्रीशीटर भी है. पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि मुठभेड़ में घायल 25000 के इनामी अपराधी को गिरफ्तार किया गया है. अपराधियों के खिलाफ पुलिस की कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी.

Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या स्टेशन बन रहा भव्य, जायजा लेने पहुंचे महाप्रबंधक, कहा-रीमॉडलिंग के तहत इन कार्यों को करना है पूरा!

उत्तर रेलवे महाप्रबंधक आशुतोष गंगल ने लखनऊ मंडल के अंतर्गत आने वाले प्रमुख स्टेशनों के पुनर्विकास कार्यों का निरीक्षण किया.

Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या स्टेशन पर Northern Railway महाप्रबंधक ने स्टेशन की नवनिर्मित आधारभूत संरचना, यात्री सुविधाओं के आधुनिकीकरण की दिशा में चल रहे प्रयासों एवं प्रगतिशील अन्य कार्यों की समीक्षा की. साथ ही निर्धारित समय पर समस्त कार्यों को आदर्श मानकों के आधार पर संपन्न करने के निर्देश दिये. निर्माणाधीन कार्य तथा अयोध्या स्टेशन की रीमॉडलिंग की विस्तार से जानकारी भी ली. साथ ही सभी कार्यों को अविलंब रूप से समाप्त करने के निर्देश भी दिए.

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नई दिल्ली. अयोध्या में राम मंदिर की आधारशिला रखने के बाद से अब रेलवे लखनऊ मंडल के अंतर्गत आने वाले अयोध्या-फैजाबाद-लखनऊ रेल खंड पर  विशेष कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने में जुट गया है.
उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक आशुतोष गंगल ने मुख्यालय के अधिकारियों के साथ मंडल के इस रेलखंड के प्रमुख स्टेशनों पर चल रहे रीमॉडलिंग से लेकर पुनर्विकास के कार्यों का गहन निरीक्षण किया. साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन सभी कार्यों को निर्धारित समय में पूरा किया जाए.  इस अवसर पर लखनऊ के मंडल रेल प्रबंधक संजय त्रिपाठी वह मंडल के अन्य अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे.
अयोध्या स्टेशन पर महाप्रबंधक ने स्टेशन की नवनिर्मित आधारभूत संरचना, यात्री सुविधाओं के आधुनिकीकरण की दिशा में चल रहे प्रयासों एवं  प्रगतिशील अन्य कार्यों की समीक्षा की. साथ ही  निर्धारित समय पर समस्त कार्यों को आदर्श मानकों के आधार पर संपन्न करने के निर्देश दिये.

इस अवसर पर महाप्रबंधक ने निर्माणाधीन कार्य तथा अयोध्या स्टेशन की रीमॉडलिंग की विस्तार से जानकारी भी ली. साथ ही सभी कार्यों को अविलंब रूप से समाप्त करने के निर्देश भी दिए. इस दौरान लोकसभा सांसद लल्लू सिंह ने भी फैजाबाद स्टेशन पर किए जा रहे रेल विकास कार्यों को लेकर चर्चा की.

महाप्रबंधक ने फैजाबाद स्टेशन पर पहुंचकर सम्पूर्ण स्टेशन, यात्री सुविधाएं एवं इनके नवीनीकरण हेतु किए जा रहे प्रयास, चिकित्सा यूनिट, योग प्रशिक्षण केंद्र, क्रू एवम गार्ड रनिंग रूम में स्थापित ऑनलाइन बुकिंग सुविधा का शुभारंभ किया.
इसके अलावा महाप्रबंधक ने एस्केलेटर की मॉनिटरिंग संबंधी एसएमएस व्यवस्था का शुभारंभ भी किया. वहीं रेलवे की मान्यता प्राप्त यूनियनों और एसोसिएशन के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की. उत्कृष्ट कार्य करने वाले गेट संख्या 123 C के गेटमैन एवं गैंग न. 42 को नकद पारितोषिक प्रदान करके उनका उत्साहवर्धन किया गया.
फैजाबाद स्टेशन पर महिला वेटिंग रूम में प्रमुख वाणिज्य प्रबंधक एवं  प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी  द्वारा सेनेटरी पैड डिस्पोजल मशीन का भी शुभारंभ किया गया.
इसके अलावा महाप्रबंधक की ओर से सोहावल एवं पटरंगा स्टेशनों के बीच करीब 46 किलोमीटर दूरी में ट्रेन को 120 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से संचालित करते हुए स्पीड ट्रायल रन का कार्य भी संपन्न कराया.
महाप्रबंधक ने सैदखानपुर स्टेशन के साथ-साथ गैंग हट एवं कर्मचारी आवासों का भी निरीक्षण किया.
दरियाबाद MLA सतीश चन्द्र शर्मा ने महाप्रबंधक से मुलाकात कर रेलवे से संबंधित विषयों पर ज्ञापन सौंपा जिस पर महाप्रबंधक ने त्वरित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है.
इसके अतिरिक्त महाप्रबंधक ने बाराबंकी स्टेशन पर यात्री सुविधाओं और सेफ्टी से जुड़े हुए मानकों का गहन निरीक्षण किया. वहीं, ट्रैकों का समुचित रखरखाव करने वाली ट्रैक मशीनों का भी निरीक्षण किया. स्माल ट्रैक मशीन डिपो को उत्कृष्ट कार्यों के लिए नगद पारितोषिक प्रदान किया. इस अवसर पर लोकसभा सांसद उपेंद्र सिंह रावत भी बाराबंकी स्टेशन पहुंचे हुए थे.
महाप्रबंधक गंगल ने लखनऊ स्टेशन का भी निरीक्षण किया और सभी सुविधाओं का बारीकी से जायजा भी लिया. इसके उपरांत महाप्रबंधक ने मंडलीय चिकित्सालय पहुंचकर नव स्थापित सी टी स्कैन मशीन का लोकार्पण भी किया. ‌‌

UP की 8 जोड़ी ट्रेनें फिर से चलेंगी, वाराणसी, लखनऊ, कानपुर सहित कई स्टेशनों से गुजरेंगी, देखें पूरी लिस्ट

रेलवे यात्रियों की बढ़ती डिमांड के चलते स्पेशल ट्रेनों की व्यवस्था करने में जुटी हुई है. (File Photo)

Lucknow News: बता दें कोरोना संक्रमण की शुरुआत के बाद से ही यूपी से गुजरने वाली तमाम ट्रेनें निरस्त चल रही हैं. अब कुछ ट्रेनों की शुरुआत होने के बाद से यात्रियों में उम्मीद जगी है कि जल्द ही सब सामान्य होगा.

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लखनऊ. रेलवे ने कोविड (COVID-19) के कारण बन्द चल रही यात्री ट्रेनों में कई को फिर से चलाने का फैसला किया है. इनमें से 16 गाड़ियां ऐसी हैं, जिनका वास्ता यूपी से भी है. इन 16 गाड़ियों में से ज्यादातर वे गाड़ियां हैं, जो यूपी के 2 बड़े शहरों को कनेक्ट करती हैं. गाड़ियों का संचालन 22 फरवरी से शुरू होगा. खास बात ये है कि इन गाड़ियों में बैठने के लिए रिजर्वेशन नहीं कराना पड़ेगा. सभी डिब्बे जनरल होंगे. बता दें कि कोरोना काल में जिन गाड़ियों को चलाया गया, उनमें जनरल में सफर करने के लिए भी रिजर्वेशन कराना पड़ता था. ऐसा इसलिए किया गया था ताकि भीड़ से बचा जा सके लेकिन, अब यूपी में पहली बार बिना रिजर्वेशन के ट्रेन में सफर करने को मिलेगा.

आइये विस्तार से जानते हैं किन-किन शहरों को रेलवे ने राहत दी है.

  1. 4202 प्रतापगढ़-वाराणसी मेल

ये गाड़ी कोरोना काल से बन्द चल रही थी. अब इसे 22 फरवरी से चलाया जायेगा. ये गाड़ी शाम 4.15 बजे प्रतापगढ़ से चलेगी और रात 9.15 बजे वाराणसी पहुंचेगी. इसी तरह वाराणसी से 6 बजे सुबह चलेगी और 9.15 बजे सुबह प्रतापगढ़ पहुंचेगी.

  1. 4203 फैज़ाबाद-लखनऊ मेल

ये गाड़ी भी बन्द चल रही थी. 22 फरवरी से फिर से चल पड़ेगी. फैज़ाबाद से सुबह 5.35 बजे चलेगी और 9.40 बजे लखनऊ पहुंचेगी. इसी तरह शाम 5 बजे लखनऊ से चलेगी और रात 9.25 बजे फैज़ाबाद पहुंचेगी.

  1. 4213 लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस

ये गाड़ी 22 फरवरी से चल पड़ेगी. ये गाड़ी लखनऊ से सुबह 7.05 बजे चलेगी और 9 बजे कानपुर पहुंच जायेगी. फिर कानपुर से शाम 6.50 बजे चलेगी और रात 9.40 बजे लखनऊ पहुंच जायेगी.

  1. सहारनपुर-नई दिल्ली एक्सप्रेस

ये गाड़ी यूपी, उत्तराखण्ड और दिल्ली, तीनों राज्यों को जोड़ने वाली अहम गाड़ी है. 22 फरवरी से ये गाड़ी सहारनपुर से दोपहर 1.15 बजे चलेगी और शाम 6.30 बजे नई दिल्ली पहुंच जायेगी. ठिव उसी तरह शाम को 4.45 बजे नई दिल्ली से चलेगी और रात 9.10 बजे सहारनपुर पहुंचेगी.

  1. 4407 पलवल-गाजियाबाद एक्सप्रेस

22 फरवरी से शुरु होने वाली ये गाड़ी सुबह 6 बजे पलवल से चलेगी और सुबह 8.20 बजे गाजियाबाद पहुंच जायेगी.

  1. 4301 मुरादाबाद-सहारनपुर एक्सप्रेस

ये गाड़ी शाम 6.30 बजे मुरादाबाद से चलेगी और रात 11.50 बजदे सहारनपुर पहुंचेगी. वापसी में ये गाड़ी सुबह 4.25 बजे सहारनपुर से चलेगी और सुबह 9.20 बजे मुरादाबाद पहुंचेगी.

  1. 4303 बरेली-नई दिल्ली एक्सप्रेस

ये गाड़ी शाम को 5.15 बजे बरेली से चलेगी और भोर मे 3.25 बजे नऊ दिल्ली पहुंचेगी जबकि वापसी में रात 11.50 बजे नऊ दिल्ली से चलेगी और सुबह 9.40 बजे बरेली पहुंच जायेगी.

  1. 4305 बालामऊ-शाहजहांपुर एक्सप्रेस

ये गाड़ी हरदोई जिले के बालामऊ से शाम 6.25 बजे चलेगी और रात 9.55 बजे शाहजहांपुर पहुंचेगी जबकि वापसी में सुबह 6.35 बजे शाहजहांपुर से चलेगी और सुबह 10.10 बजे बालामऊ पहुंच जायेगी.

इन गाड़ियों के फिर से चल पड़ने से यात्रियों को बहुत राहत मिलेगी. दो बड़े शहरों के बीच चलने वाली गाड़ियां धीरे-धीरे अब पटरी पर आ रही हैं. हालांकि इस तरह की कई गाड़ियां अभी भी रद्द हैं. वाराणसी, लखनऊ और कानपुर को जोड़ने वाली वरूणा एक्सप्रेस ऐसी ही गाड़ी है, जिसके फिर से चल पड़ने का अभी भी इंतजार है. अभी तक न तो रेलवे और ना ही राज्य सरकार ने इस गाड़ी के विषय में कोई फैसला लिया है. बता दें कि इस कोरोना काल में राज्य सरकार और रेलवे की आपसी सहमति से ही गाड़ियों का संचालन शुरु हो पा रहा है.

AAP का मिशन UP पंचायत चुनाव: अयोध्या में कई सपा नेताओं को दिलाई सदस्यता

 UP पंचायत चुनाव की तैयारी में आम आदमी पार्टी.

अरविंद केजरीवाल ने अपनी पार्टी के सियासी वजूद को बढ़ाने के लिए UP पंचायत चुनाव (UP Panchayat Election) में उतरने का ऐलान किया है. अयोध्या में आम आदमी पार्टी ने समाजवादी पार्टी को बड़ा झटका देते हुए समाजवादी अधिवक्ता प्रकोष्ठ के नगर अध्यक्ष रहे अरुण सिंह यादव को उनके 25 साथी अधिवक्ताओं के साथ आम आदमी पार्टी की सदस्यता दिलाई है.

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 Krishna Shukla

फैजाबाद. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election) से पहले आम आदमी पार्टी अपना UP में अपने विस्तार की तैयारी में है. इसके लिए अरविंद केजरीवाल ने अपनी पार्टी के सियासी वजूद को बढ़ाने के लिए पंचायत चुनाव (Panchayat Election) में उतरने का ऐलान किया है. इसके लिए आप नेता उत्तर प्रदेश में सक्रिय हो गए हैं. अयोध्या में आम आदमी पार्टी ने समाजवादी पार्टी को बड़ा झटका देते हुए समाजवादी अधिवक्ता प्रकोष्ठ के नगर अध्यक्ष रहे अरुण सिंह यादव को उनके 25 साथी अधिवक्ताओं के साथ आम आदमी पार्टी की सदस्यता दिलाई है. अयोध्या के एक होटल में आयोजित कार्यक्रम में आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सभाजीत सिंह ने सभी अधिवक्ताओं को पार्टी की सदस्यता दिलाई.

सपा नेताओं को आम आदमी पार्टी में शामिल करते हुए आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सभाजीत सिंह ने अपनी राजनीतिक मंशा भी साफ कर दी है. उन्होंने कहा कि पार्टी के लिए पंचायत चुनाव विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल है. यह चुनाव आम आदमी पार्टी दिल्ली के मॉडल पर लड़ेगी. जिस तरह से आम आदमी पार्टी दिल्ली में बिजली पानी दे रही है शिक्षा और चिकित्सा का जो दिल्ली में मॉडल दिया गया है, वही मॉडल पार्टी उत्तर प्रदेश में पेश करेगी. उन्होंने कहा कि पार्टी प्रदेश के सभी जिला पंचायत सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए तैयार है. इसके लिए आवेदन आना भी शुरू हो गया है. प्रत्याशियों के चुनाव के लिए कमेटी गठित की गई है . प्रत्याशी चयन पर कमेटी अपना अंतिम निर्णय देगी, जिसके बाद उनको पार्टी का टिकट दिया जाएगा.

दागी प्रत्याशी को टिकट नहीं देगी पार्टी

विधानसभा चुनाव लड़ने से पूर्व आम आदमी पार्टी पंचायत चुनाव को लेकर गंभीर हो गई है. प्रदेश में अपने जनाधार बढ़ाने व उसकी हकीकत को परखने के लिए आम आदमी पार्टी लगातार अपने संगठन का विस्तार कर रही है. विधानसभा चुनाव से पूर्व पंचायत चुनाव में अपने जनाधार की हकीकत से रूबरू होने के लिए पार्टी पूरे दमखम से पंचायत चुनाव में उतरने का मन बना चुकी है. यही नहीं दिल्ली के कई विधायक उत्तर प्रदेश के कई जिलों में डेरा डाले हुए हैं.

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AAP के कई नेता हैं UP में सक्रिय

गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी उत्तर प्रदेश में पूरी तरह सक्रिय हो गई है. इसके लिए राज्यसभा सांसद संजय सिंह लगातार उत्तर प्रदेश में सक्रिय हैं. इसके साथ ही आप मे कई विधायकों को उत्तर प्रदेश में संगठन के विस्तार की जिम्मेदारी दी गई है. विधानसभा चुनाव के पहले आम आदमी पार्टी पंचायत चुनाव के जरिये अपनी सियासी एंट्री करना चाहती है.

अयोध्या: रामलला के खाते से 6 लाख उड़ाने वाले महाराष्ट्र के 4 आरोपी गिरफ्तार, मास्टरमाइंड फरार

राम जन्म भूमि ट्रस्ट के खाते से रुपये गायब होने के मामले में अयोध्या पुलिस को बड़ी सफलता मिली है

राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के खाते से 9 सितंबर 2020 को 6 लाख रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर करा लिए गए थे. इस संबंध में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अयोध्या कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था.

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अयोध्या. उत्तर प्रदेश के अयोध्या में रामलला (Ramlala) के खाते से उड़ाए गए 6 लाख रुपये के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. अयोध्या पुलिस ने इस मामले में महाराष्ट्र (Maharashtra) के 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. हालांकि, इसका मास्टरमाइंड अभी फरार है. रामलला के खाते से फ्रॉड करने वाला मास्टरमाइंड वाराणसी (Varanasi) का रहने वाला है, जबकि वर्तमान में वह मुंबई में रह रहा था.

राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के खाते से 9 सितंबर 2020 को 6 लाख रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर करा लिए गए थे. इस संबंध में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अयोध्या कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था. प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए अयोध्या के डीआईजी/एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि जिस खाते में रामलला का पैसा ट्रांसफर हुआ था, उस खाते को सीज करवा दिया गया है और मामले के मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं.

दो बार में ट्रांसफर कराई रकम
डीआईजी एसएसपी दीपक ने बताया कि ट्रस्ट के खाते में 9 लाख 86 हज़ार रुपये जमा थे, जिसमें 6 लाख रुपये की लिमिट लगाई गई थी. आरोपियों ने इसे 2 लाख 50 हज़ार एक बार व दूसरी बार 3 लाख 50 हज़ार ट्रस्ट के खाते से पैसा ट्रांसफर करवाया. गिरफ्तार आरोपियों में प्रशांत महाबल शेट्टी फोर्ट मुंबई, विमल लल्ला ठाणे, शंकर सीता राम मुंबई व संजय तेजराज, मुंबई का रहने वाला है. मास्टरमाइंड अभी फरार है, उसकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं.

चेक क्लोनिंग का मामला, बैंक के अधिकारी-कर्मचारी भी रडार पर
दीपक कुमार ने बताया कि चारों की गिरफ्तारी अयोध्या के ही राम की पैड़ी पर की गई. चारों को पूछताछ के लिए बुलाया गया था, जिसके बाद उन्होंने अपना जुर्म कुबूल किया और उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय के सामने पेश किया गया. डीआईजी दीपक कुमार ने कहा कि चेक की क्लोनिंग का मामला है, इसकी जांच की जा रही है. बैंक के अधिकारी या कर्मचारी इस मामले में शामिल हैं या नहीं इससे इनकार भी नहीं किया जा सकता है. सभी पुलिस के रडार पर हैं. जनपद के एसपी इस मामले की जांच कर रहे हैं.

भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर ने मंच से दी SP को नसीहत, बोले- सरकार चली जाएगी, नौकरी यहीं करोगे

उन्होंने बताया कि आजाद और उनके समर्थकों को लड़की से मिलने की इजाजत नहीं दी गई. (फाइल फोटो)

चंद्रशेखर आजाद (Chandra shekhar Azad) ने कहा कि गैंगरेप जैसे गम्भीर मामले में लोगोंं को आंदोलन करना पड़ता है. अपराधियों के आगे प्रशासन और सरकार नतमस्तक हो चुकी है.

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अंबेडकर नगर. आजाद समाज पार्टी (Azad Samaj Party) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद (Chandra shekhar Azad) सोमवार को अंबेडकर नगर पहुंचे. जहां आलापुर तहसील क्षेत्र के लखमीपुर गांव पहुंचकर अपने कार्यकर्ताओं का स्वागत किया. इसे दौरान मंच से भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए जिले के एसपी को नसीहत दे डाली. उन्होंने जिले के एसपी आलोक प्रियदर्शी का नाम लेकर कहा सरकार चली जायेगी, नौकरी यहींं करोगे.

दरअसल 22 जून को गैंगरेप पीड़िता के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने आलापुर तहसील के सामने प्रदर्शन के दौरान पत्थरबाजी की थी. जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्यवाही करते हुए 20 लोगों को जेल भेज दिया था. जेल से छूटकर आये कार्यकर्ताओं का स्वागत करने चंद्रशेखर आजाद आज लखमीपुर गांव पहुंचे थे. इस दौरान मंच से चंद्रशेखर आजाद ने जिले के एसपी आलोक प्रियदर्शी का नाम लेकर कहा सरकार चली जायेगी, नौकरी यहींं करोगे.



शिवपाल यादव बोले- सपा से गठबंधन करने का समय निकल गया, अब वो लोग आकर करे बात

चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि गैंगरेप जैसे गम्भीर मामले में लोगों को आंदोलन करना पड़ता है. अपराधियों के आगे प्रशासन और सरकार नतमस्तक हो चुकी है. गैंगरेप पीड़िता की मदद करने वालो को जेल भेज दिया गया. आजाद ने कहा कि भीम आर्मी की सरकार आयी तो सबकी फाइल खुलेगी.

चंद्रशेखर के पास संगठन का अभाव
राजनीतिक विश्लेषक आलोक भदौरिया कहते हैं कि अनुसूचित जाति के लोग मायावती (Mayawati) के कट्टर सपोर्टर हैं. संगठन अभी दिख नहीं रहा है. इसके बिना काम नहीं बनेगा. दूसरी ओर मायावती कमजोर हुई हैं लेकिन उनका जनाधार खत्म नहीं हुआ है. यह चंद्रशेखर को हमेशा याद रखना होगा. बीजेपी ने अपनी सोशल इंजीनियरिंग (Social engineering) के जरिए अनुसूचित जाति के कई छोटे धड़ों और उप जातियों को साधा है. चंद्रशेखर के लिए उन्हें एक छतरी के नीचे लाना चुनौती है. हालांकि चुनाव में उनकी उपस्थिति महसूस की जाएगी. लेकिन हार जीत दूसरे दलों के तालमेल पर भी निर्भर करेगी.

UP News Live Update: MLC चुनाव में मेरठ शिक्षक सीट पर BJP ने रचा इतिहास, वाराणसी में सपा ने दिखाया दम

मेरठ में बीजेपी प्रत्याशी श्रीचंद शर्मा ने आठ बार के विजेता ओमप्रकाश शर्मा को पराजित कर दिया है

Uttar Pradesh (UP) News Live Updates: मेरठ (Meerut) में विधान परिषद सदस्य के लिए हुए शिक्षक कोटे के चुनाव में बीजेपी ने इतिहास रच दिया है. बीजेपी प्रत्याशी श्रीचंद शर्मा ने आठ बार के विजेता ओमप्रकाश शर्मा को पराजित कर दिया है. वहीं वाराणसी खंड शिक्षक एमएलसी पद पर सपा प्रत्याशी लाल बिहारी यादव ने जीत का परचम फहरा दिया है. लाल बिहारी यादव ने अपने निकटम प्रतिद्वंदी डॉ प्रमोद मिश्रा को हराकर यह पद जीत लिया.

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UP News Live Update: उत्तर प्रदेश विधान परिषद (UP MLC Election) के 11 सीटों पर हुए चुनाव में धीरे-धीरे परिणाम आने शुरू हो गए हैं. बता दें मंगलवार को बीजेपी, सपा कांग्रेस, विभिन्‍न शिक्षक संगठन और निर्दलीय मिलाकर कुल 199 प्रत्‍याशियों के भाग्‍य का फैसला मतपेटियों में बंद हो गया था. पहले शिक्षक निर्वाचन के नतीजे आएंगे. उसके बाद स्नातक निर्वाचन के परिणाम घोषित होंगे. उत्‍तर प्रदेश विधान परिषद के खंड स्‍नातक और खंड शिक्षक क्षेत्र से 11 सीटों के लिए मंगलवार को चुनाव में औसत 55.47 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाला था. संयुक्‍त मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी रमेश चंद्र राय के मुताबिक आगरा खंड स्‍नातक में 41.56 प्रतिशत, इलाहाबाद झांसी खंड स्‍नातक में 41.10 प्रतिशत, लखनऊ खंड स्‍नातक में 36.74 प्रतिशत, मेरठ खंड स्‍नातक में 42.86 प्रतिशत, वाराणसी खंड स्‍नातक में 39 .33 प्रतिशत मतदान हुआ. राय के अनुसार खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र आगरा में 70.78, बरेली-मुरादाबाद खंड में 73.48 प्रतिशत, गोरखपुर-फैज़ाबाद में 73.94, लखनऊ खंड में 58.99 प्रतिशत, मेरठ खंड में 62.60 और वाराणसी खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 68.83 प्रतिशत मतदान हुआ.

UP: धान खरीद में शिथिलता पर कानपुर और सोनभद्र के बाद अम्बेडकरनगर के RM निलंबित

धान खरीद में शिथिलता पर अम्बेडकरनगर के RM निलंबित (सांकेतिक तस्वीर)

बता दें इस वर्ष पीसीएफ (PCF) ने पिछली बार की तुलना में इस बार 1.65 लाख मीट्रिक टन अधिक खरीद की है. सूबे के 1435 धान क्रय केंद्रों ये खरीद चल रही है.

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अम्बेडकरनगर. उत्तर प्रदेश में धान खरीद (Paddy Procurement) में शिथिलता बरतने पर अफसरों पर गाज गिरनी शुरू हो गई है. मामले पीसीएफ (PCF) के एमडी ने पीसीएफ के जिला व क्षेत्रीय प्रबंधकों के खिलाफ एक्शन लिया है. इसी क्रम में अम्बेडकरनगर के क्षेत्रीय प्रबंधक सीपी पाण्डेय को निलंबित कर दिया गया है. बताया जा रहा है कि एक राईस मिलर को फायदा पहुचाने के लिए 13 क्रय केंद्रों को सम्बद्ध किया था. वहीं जांच के दौरान 50 लाख के बकायेदार राईस मिल को धान खरीद के लिए सम्बद्ध किया गया है.

डीएम के पत्र के बाद डिप्टी आरएमओ सीपी पाण्डेय पर निलंबन की कार्रवाई की गई है. इससे पहले कानपुर और सोनभद्र के क्षेत्रीय प्रबंधकों को निलंबित किया गया था. बता दें इस वर्ष पीसीएफ ने पिछली बार की तुलना में इस बार 1.65 लाख मीट्रिक टन अधिक खरीद की है. सूबे के 1435 धान क्रय केंद्रों ये खरीद चल रही है.

रोज हो रही धान खरीद की समीक्षा
आपको बता दें धान खरीद की दैनिक समीक्षा की जा रही है और दावा किया गया है कि प्रत्येक दशा में जनपद को आवंटित लक्ष्य के अनुरूप धान क्रय कर लिया जाएगा. सोनभद्र में कुल 75 धान क्रय केन्द्र स्वीकृत हैं. 25 नवम्बर तक कुल 73 क्रय केन्द्रों पर धान खरीद प्रारम्भ हो चुका है. यहां धान खरीद 15 अक्तूबर से शुरू हुई है लेकिन विलम्ब से धान कटाई होने के कारण और आवक मुख्य रूप से दिसम्बर माह में आने की सम्भावना है.

IPL सट्टेबाजी के मामले में अयोध्या पुलिस को बड़ी कामयाबी, 15 लाख रुपए के साथ दो सट्टेबाज गिरफ्तार

गिरफ्तार सट्टेबाजों के तार दिल्ली और लखनऊ से जुड़े हैं.

Ipl Betting: डीआईजी कम एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि इन सटोरियों के तार अयोध्या के साथ- साथ लखनऊ व दिल्ली जैसे बड़े शहरों तक जुड़े हुए हैं.

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फैजाबाद. आईपीएल सट्टेबाजी (Ipl Betting) के मामले में अयोध्या पुलिस (Ayodhya Police) को अब तक की सबसे बड़ी कामयाबी मिली. पुलिस ने 15 लाख रुपए के साथ दो सटोरियों को गिरफ्तार किया. सटोरियों के तार लखनऊ व दिल्ली से जुड़े हुए हैं. दिल्ली में रहकर सटोरिया गैंग अयोध्या में आईपीएल सट्टेबाजी के नाम पर करोड़ों का वारा न्यारा कर रहे थे.

पिछले कई हफ्तों से अयोध्या पुलिस सटोरियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है. रविवार को उस कड़ी में बड़ी कामयाबी हासिल हुई. छापेमारी में कोतवाली नगर थाने की पुलिस ने दो सट्टेबाजों को 15 लाख रुपए के साथ धर दबोचा.

पुलिस की इस सफलता से खुश होकर जिले के डीआईजी कम एसएसपी दीपक कुमार ने प्रशिक्षु आईपीएस सीओ सिटी निपुण अग्रवाल को प्रशस्ति पत्र देते हुए इस ऑपरेशन में शामिल कोतवाली थाने की पुलिस टीम को 10 हजार रुपये का इनाम देने का ऐलान किया.

दरअसल कोतवाली पुलिस ने सूचना मिलते ही नाका ओवरब्रिज के पास छापेमारी की. वहां पहले से सट्टेबाजी का खेल चल रहा था. पुलिस ने मौके से दो लोग दबोचा लिया. इनके पास से सट्टा पर्ची, दो मोबाइल, दो रजिस्टर व एक मोटर साइकिल के अलावा 15 लाख रुपये नगद जब्त किये गये.

डीआईजी कम एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि इन सटोरियों के तार अयोध्या के साथ- साथ लखनऊ व दिल्ली जैसे बड़े शहरों तक जुड़े हुए हैं. गिरफ्तार सटोरियों की पहचान सोनू उर्फ रवि कुमार निवासी रामनगर कोतवाली नगर और वसीम अहमद निवासी ख्वाजा इन्क्लेव खालसा थाना आशियाना लखनऊ के रूप में हुई है. दोनों सटोरियों को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया.

राममंदिर निर्माण में टाटा कंस्ट्रक्शन करेगी सहयोग! बैठक में शामिल हुए कंपनी के इंजीनियर्स

टाटा कंस्ट्रक्शन की भूमिका को लेकर फिलहाल ट्रस्ट के लोग कुछ भी नहीं बोल रहे हैं.

राममंदिर (Ram Mandir) निर्माण को लेकर शनिवार को भी बैठक होगी, जिसमें टाटा कंस्ट्रक्शन के अलावा एलएंडटी के भी इंजीनियर्स भी शामिल होंगे.

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फैजाबाद. अयोध्या स्थित सर्किट हाउस में शुक्रवार को राममंदिर (Ram Mandir) निर्माण समिति की बैठक संपन्न हुई. बैठक की अध्यक्षता समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्र ने की. बैठक को लेकर सबसे बड़ी बात ये रही कि टाटा कंस्ट्रक्शन (Tata Construction) के इंजीनियर भी इसमें शामिल हुए. यह पहली बैठक थी, जिसमें टाटा के इंजीनियर शामिल हो रहे थे.

ऐसी संभावना है कि टाटा कंस्ट्रक्शन राममंदिर निर्माण में शामिल हो सकता है. राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट निर्माण में टाटा कंस्ट्रक्शन का सहयोग ले सकता है. हालांकि ट्रस्ट के सदस्य इस पर फिलहाल खुलकर कुछ बोले नहीं रहे हैं.

बैठक संपन्न होने के बाद ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने कहा कि बैठक में राम मंदिर निर्माण के कार्य प्रगति पर चर्चा हुई. समिति चेयरमैन नृपेंद्र मिश्र ने मंदिर निर्माण संबंधी जानकारियां लीं. इसके साथ ही बैठक में मौजूद विभिन्न विशेषज्ञों से राय भी ली गयी. बैठक में राम मंदिर की आयु 1000 वर्ष को लेकर भी चर्चा हुई, ताकि मंदिर मजबूत बने और इसकी आयु 1000 वर्ष हो.

अनिल मिश्रा ने कहा कि मंदिर की आयु लंबी हो, सुंदर और भव्य मंदिर बने इस पर भी चर्चा हुई. राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को आईआईटी चेन्नई की रिपोर्ट का इंतजार है. जिसमें राम मंदिर नींव में डाले गए तीनों पिलर्स की मजबूती की रिपोर्ट आनी है. इस रिपोर्ट के बाद ही राम मंदिर निर्माण की अगली कड़ी शुरू होगी.



कल भी होगी बैठक 

सर्किट हाउस में शनिवार को भी बैठक होगी, जिसमें टाटा कंस्ट्रक्शन के इंजीनियर व एलएंडटी के इंजीनियर भी शामिल होंगे. राम मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्र तीन दिन के अयोध्या दौरे पर हैं. इस दौरान वो राम मंदिर निर्माण को लेकर विभिन्न पहलुओं पर चर्चा कर रहे हैं. बैठक से पूर्व उन्होंने राम जन्मभूमि परिसर पहुंचकर नींव में डाले गए तीनों पिलर्स का भी निरीक्षण किया.

बैठक में नृपेंद्र मिश्र के अलावा ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय, सदस्य अनिल मिश्रा, अयोध्या राजा विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र भी शामिल हुए.

UP: योगी सरकार की सख्ती जारी, अब मर्डर के इस आरोपी के घर पर भी चला बुल्डोजर

अयोध्या में एक ग्राम प्रधान के घर को जिला प्रशासन ने जेसीबी से ढाह दिया.

उत्तर प्रदेश (UP) में कानून व्यवस्था (Law and Order) के लिए चुनौती बने अपराधियों पर योगी सरकार (Yogi Government) की कार्रवाई लगातार जारी है.

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फैजाबाद. उत्तर प्रदेश (UP) में कानून व्यवस्था (Law and Order) के लिए चुनौती बने अपराधियों पर योगी सरकार (Yogi Government) की कार्रवाई लगातार जारी है. इसी कड़ी में मंगलवार को अयोध्या (Ayodhya) जनपद के थाना हैदरगंज क्षेत्र में अपहरण के बाद युवक की हत्या (Murder) के मामले में जिला प्रशासन ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है. इस घटना के मुख्य आरोपी ग्राम प्रधान संजय वर्मा के घर को जिला प्रशासन ने मंगलवार को बुल्डोजर से गिरा दिया गया. स्थानीय प्रशासन का कहना है कि कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है चाहे वह ग्राम प्रधान ही क्यों न हो.

हत्या के आरोपी ग्राम प्रधान के घर पर चाल बुलडोजर
हत्यारोपी ग्राम प्रधान का घर ग्राम समाज की जमीन पर बना है, जिसको लेकर राजस्व टीम ने पैमाइश करने के बाद जिला प्रशासन को रिपोर्ट सौंपी थी. इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में आरोपी ग्राम प्रधान का घर गिरा दिया गया. प्रशासन घर गिराने से पहले आरोपी के सारे सामान को बाहर निकाल दिया.

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प्रशासन की मौजूदगी में ग्राम प्रधान के घर को गिराया गया. (फाइल फोटो)


9 अक्टूबर को एक युवक की कर दी हत्या
बता दें कि थाना हैदरगंज क्षेत्र के कटौना गांव निवासी अभिषेक वर्मा 9 अक्टूबर की सुबह सेना में भर्ती की तैयारी के लिए दौड़ लगाने निकला था, लेकिन इस बीच 3 लोगों ने उसका अपहरण कर लिया. एक हफ्ते बाद उसका शव गोमती गंगा नदी के संगम स्थल पर बनारस में मिला था. इस घटना के बाद पुलिस ने मुठभेड़ में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था. बाद में तीन अपराधी और गिरफ्तार किए गए. पांचों हत्यारोपी इस समय जेल में है.

ये भी पढ़ें: UP-उत्तराखंड की राज्यसभा सीटों के लिए BJP ने जारी की उम्मीदवारों की सूची, कई बड़े चेहरों को दिया मौका



प्रशासन ने यह कारण बताया
जिला प्रशासन ने हत्या आरोपी ग्राम प्रधान संजय वर्मा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए मंगलवार को ग्राम समाज की जमीन पर बने हुए उनके घर को जेसीबी मशीन से ढाह दिया है. इस दौरान पुलिस टीम के साथ राजस्व की टीम भी मौजूद रही. डीआईजी एसएसपी दीपक कुमार ने बताया, '9 अक्टूबर को सेना की भर्ती की तैयारी के लिए दौड़ लगाने निकले युवक अभिषेक वर्मा का 3 लोगों ने अपहरण कर लिया था. जिसके बाद उसका शव गोमती गंगा संगम स्थल पर बनारस जिले में मिला था. जहां पर उसका पोस्टमार्टम कराकर वहीं पर उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया था. हत्या के आरोपी का घर ग्राम समाज की जमीन पर था. उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए राजस्व की टीम ने गिरा दिया. सरकार की मंशा है कि कोई भी अपराधी प्रदेश में कानून व्यवस्था अपने हाथ में न ले वरना सख्त कार्रवाई की जाएगी.'
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