अयोध्‍या: Lockdown में भी रामलला पर भक्‍त मेहरबान, मंदिर निर्माण के लिए बैंक खाते में आया करोड़ों का दान
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अयोध्‍या: Lockdown में भी रामलला पर भक्‍त मेहरबान, मंदिर निर्माण के लिए बैंक खाते में आया करोड़ों का दान
राम मंदिर के मुख्‍य पुजारी आचार्य सत्‍येंद्र दास ने भक्‍त दानदाताओं को धन्‍यवाद दिया है.

रामलला (Ramlala) पर भक्‍त बहुत मेहरबान हैं. श्री राम जन्‍मभूमि तीर्थ ट्रस्‍ट (Sri Ram Janmabhoomi Tirth Trust) ने राम मंदिर निर्माण के लिए बैंक में खाता खुलवाया था, ताकि दुनियाभर के दानदाता बिन किसी परेशानी के दान दे सकें.

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अयोध्‍या. कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए देशभर में लॉकडाउन (Lockdown) लागू है. ऐसे में कामकाज ठप है. इस मुश्किल दौर में मंदिरों में आने वाले दान की रकम में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है. देश के बड़े-बड़े मंदिरों में जहां हर दिन लाखों-करोड़ों रुपये का दान आता था, अब वहां का दैनिक  प्रबंधन पर भी वित्‍तीय संकट का साया पड़ गया है. ऐसे में रामलला (Ramlala) पर भक्‍त बहुत मेहरबान हैं. श्री राम जन्‍मभूमि तीर्थ ट्रस्‍ट (Sri Ram Janmabhoomi Tirth Trust) ने राम मंदिर निर्माण के लिए बैंक में खाता खुलवाया था, ताकि दुनियाभर के दानदाता बिन किसी परेशानी के दान दे सकें. लॉकडाउन की अवधि में इस खाते में 4.60 करोड़ रुपये बतौर दान में आए हैं. राम मंदिर के मुख्‍य पुजारी आचार्य सत्‍येंद्र दास ने भक्‍त दानदाताओं को धन्‍यवाद दिया है.

27 वर्ष तक तिरपाल में रहे भगवान राम
रामलला के प्रधान पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि राम से अयोध्या, अयोध्या से राम. हमारे राम ने बहुत तपस्या किए. अभी नहीं 14 वर्ष तक वन में रहे. त्रेता युग में जब उनको राजसत्ता मिलनी चाहिए थी उस समय उन्हें ऋषियों के आश्रम में दर-दर भटकना पड़ा और जिस उद्देश्य से आए उसको उन्होंने पूरा किया. उन्होंने तमाम ऐसे अधर्मियों का नाश किया, ऐसे भगवान राम 27 वर्ष तक तिरपाल में रहे और आज भी तिरपाल से उठकर लकड़ी के अस्थाई मंदिर में विराजमान हैं, जो तिरपाल की अपेक्षा ठीक है बहुत व्यवस्थित हो गया है.

भव्य और दिव्य मंदिर के लिए दे रहे हैं दान



रामलला के लिए भव्य और दिव्य मंदिर बने, ऐसी संतों की मांग है. सरकार भी कह चुकी है कि गगनचुंबी मंदिर बने और इसके लिए समतलीकरण का कार्य भी शुरू हो चुका है, इसलिए 4 करोड़ 60 लाख का दान रामलला के खाते में आया है. उन दानदाताओ को मैं धन्यवाद देता हूं. उनका उद्देश्य यही है कि पैसे की कमी से मंदिर निर्माण में बाधा न आए. मंदिर भव्य और दिव्य बने, यही रामभक्तों का उद्देश्य है. इसलिए रामलला के नाम से खाता खुला है, उसमें बराबर पैसे आ रहे हैं और अभी जो ज्ञात हुआ है, वह 4 करोड़ 60 लाख रुपए आ चुके हैं और आने की संभावना है. सभी भव्य और दिव्य मंदिर के लिए दान दे रहे हैं.



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First published: May 25, 2020, 3:04 PM IST
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