अयोध्या से शुरू हुई रामराज्य रथ यात्रा, संतों ने ली भव्य मंदिर निर्माण की शपथ

41 दिवसीय रथ यात्रा 6 राज्यों से होते हुए 6,000 किलोमीटर की दूरी तय कर 25 मार्च को रामेश्वरम पहुंचेगी. इस यात्रा की पांच प्रमुख मांगें हैं, जिनमें राम मंदिर निर्माण, राम राज्य और स्कूल के पाठ्यक्रम में रामायण को शामिल किया जाना प्रमुख है

News18Hindi
Updated: February 13, 2018, 5:15 PM IST
अयोध्या से शुरू हुई रामराज्य रथ यात्रा, संतों ने ली भव्य मंदिर निर्माण की शपथ
विहिप के प्रवक्ता अशोक तिवारी ने दिलाई भव्य राम मंदिर निर्माण की शपथ
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Updated: February 13, 2018, 5:15 PM IST
राम की नगरी अयोध्या से मंगलवार को रामराज्य रथ यात्रा की शुरुआत हो गई. 6 राज्यों से होकर गुजरने वाली यह रथ यात्रा राम नवमी के दिन 25 मार्च को रामेश्वरम में समाप्त होगी. विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री चंपत राय ने रथ यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.

इससे पहले, कारसेवकपुरम में हुए संत सम्मलेन में विहिप राष्ट्रीय प्रवक्ता अशोक तिवारी ने संतों व हिंदू समुदाय के लोगों को अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए शपथ भी दिलाई. संतों व हिंदू समुदाय के लोगों को शपथ दिलाते हुए अशोक तिवारी ने कहा कि हम सभी हिंदू प्रभु श्रीराम की सौगंध लेते हैं कि आक्रमणकारियों द्वारा हिंदू एवं मंदिरों पर किए गए क्रूरता पूर्ण अत्याचार का प्रतिशोध श्रीराम की जन्मस्थली पर भव्य श्री राम मंदिर निर्माण कर लाखों-लाख हिंदू बलिदानों के अधूरे कार्यों को पूरा करेंगे.

बकौल अशोत तिवारी, "इस रामराज्य रथ के माध्यम से भारत वर्ष में विदेशी आक्रमणकारी द्वारा क्षतिग्रस्त अपनी धरोहर को पुनः स्थापित करेंगे. शपथ लेते हैं कि सृष्टि का आधार पंच महाभूत धरती अंबर जल के संरक्षण के लिए जमीन को प्रदूषण मुक्त कराने के लिए जीवन भर प्रयास करेंगे. अपने किसी भी आचरण से इनको प्रदूषित नहीं करेंगे.”

अशोक तिवारी ने आगे कहा, “भारत दुनिया का एकमात्र अध्यात्मिक राष्ट्र है. इसकी अध्यात्मिकता को संरक्षित करने के लिए आजन्म प्रयास करते रहेंगे.” इस कार्यक्रम में मणिराम दास छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास, महंत कन्हैया दास, विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री चंपतराय, सांसद लल्लू सिंह, विहिप के प्रांतीय मीडिया प्रभारी शरद शर्मा समेत सैकड़ों साधु संतों व हिंदू संगठन के लोग मौजूद रहे.

28 फुट लंबे रथ में है रामजानकी मंदिर
अयोध्या से रवाना हुई इस रथ की लंबाई 28 फुट. इसमें 28 खंबे लगे हुए हैं. अंदर रामजानकी और हनुमान जी की मूर्तियां विराजमान है और एक छोटा सा मंदिर भी रथ के अंदर बनाया गया है.

रामराज्य रथ यात्रा


यह 41 दिन की रथ यात्रा है, जो 6 राज्यों से होते हुए 6,000 किलोमीटर की दूरी तय कर 25 मार्च को रामेश्वरम पहुंचेगी. इस यात्रा की पांच प्रमुख मांगें हैं, जिनमें राम मंदिर निर्माण, राम राज्य और स्कूल के पाठ्यक्रम में रामायण को शामिल किया जाना प्रमुख है.

निकाले जा रहे हैं राजनैतिक मायने
इस रथ यात्रा के राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं. कहा जा रहा है कि 2019 के लोकसभा चुनावों की तैयारियों में जुटी बीजेपी एक बार फिर भगवान राम के शरण में है. पार्टी जहां एक तरफ ओरछा के ‘राम राजा सरकार’ के दरबार में 14-15 फरवरी को दो दिवसीय शिविर लगाकर अपनी रणनीति का मंथन करने जा रही है, वहीं, 13 फ़रवरी से भगवान राम की जन्मभूमि अयोध्या से रामेश्वरम तक राम राज्य यात्रा निकालने जा रही है.
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