अयोध्या मसले पर बोले इकबाल अंसारी, मुसलमानों को कोर्ट का ही फैसला होगा मंजूर

अयोध्या विवाद पर मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी ने कहा कि मुसलमानों को कोर्ट का फैसला ही मान्य है. सभी को सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार करना चाहिए.

News18 Uttar Pradesh
Updated: December 26, 2018, 3:05 PM IST
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Updated: December 26, 2018, 3:05 PM IST
लखनऊ में बाबरी एक्शन कमेटी की बैठक में हिस्सा लेकर वापस अयोध्या लौटे  बाबरी मस्जिद और राम जन्मभूमि विवाद में मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी ने कहा कि मुसलमानों को कोर्ट का फैसला ही मान्य होगा. सभी को सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार करना चाहिए. हिंदू और मुसलमान दोनों पक्षकार कोर्ट के फैसले पर अमल करेंगे.

उन्होंने कहा कि राम मंदिर मामले पर केंद्र सरकार को अध्यादेश लाने की जरूरत नहीं है. दोनों पक्ष सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार कर रहे हैं. कोर्ट का जो भी फैसला आएगा उसे दोनों पक्ष मानेंगे. अंसारी ने कहा कि कोर्ट के फैसले से हिंदू और मुस्लिम दोनों का तालमेल बना रहेगा. फैसले से खुशी हो या गम दोनों पक्षों को मानना चाहिए. आम मुसलमान भी कोर्ट के फैसले का ही इंतजार कर रहा है. दोनों पक्षों को भी कोर्ट के ही फैसले का इंतजार चाहिए.



इकबाल अंसारी ने बताया कि बाबरी एक्शन कमेटी की बैठक में इस बात पर चर्चा की गई कि मामला सुप्रीम कोर्ट में है. कोर्ट का फैसला अभी आए चाहे देर से, लेकिन कोर्ट का ही फैसला ही मान्य होगा. बता दें कि 4 जनवरी से सुप्रीम कोर्ट मंदिर मस्जिद मामले की सुनवाई करने जा रही है.

इससे पहले 29 अक्टूबर को अयोध्या राम मंदिर और बाबरी मस्जिद जमीन के मालिकाना हक के विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टल गई थी. मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई के नेतृत्व में तीन नए जजों की बेंच ने सुनवाई करते हुए मामला 2019 तक टाल दिया था.

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