भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर ने मंच से दी SP को नसीहत, बोले- सरकार चली जाएगी, नौकरी यहीं करोगे

भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर ने मंच से दी SP को नसीहत

भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर ने मंच से दी SP को नसीहत

चंद्रशेखर आजाद (Chandra shekhar Azad) ने कहा कि गैंगरेप जैसे गम्भीर मामले में लोगोंं को आंदोलन करना पड़ता है. अपराधियों के आगे प्रशासन और सरकार नतमस्तक हो चुकी है.

  • Share this:

अंबेडकर नगर. आजाद समाज पार्टी (Azad Samaj Party) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद (Chandra shekhar Azad) सोमवार को अंबेडकर नगर पहुंचे. जहां आलापुर तहसील क्षेत्र के लखमीपुर गांव पहुंचकर अपने कार्यकर्ताओं का स्वागत किया. इसे दौरान मंच से भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए जिले के एसपी को नसीहत दे डाली. उन्होंने जिले के एसपी आलोक प्रियदर्शी का नाम लेकर कहा सरकार चली जायेगी, नौकरी यहींं करोगे.

दरअसल 22 जून को गैंगरेप पीड़िता के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने आलापुर तहसील के सामने प्रदर्शन के दौरान पत्थरबाजी की थी. जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्यवाही करते हुए 20 लोगों को जेल भेज दिया था. जेल से छूटकर आये कार्यकर्ताओं का स्वागत करने चंद्रशेखर आजाद आज लखमीपुर गांव पहुंचे थे. इस दौरान मंच से चंद्रशेखर आजाद ने जिले के एसपी आलोक प्रियदर्शी का नाम लेकर कहा सरकार चली जायेगी, नौकरी यहींं करोगे.

Youtube Video

शिवपाल यादव बोले- सपा से गठबंधन करने का समय निकल गया, अब वो लोग आकर करे बात
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि गैंगरेप जैसे गम्भीर मामले में लोगों को आंदोलन करना पड़ता है. अपराधियों के आगे प्रशासन और सरकार नतमस्तक हो चुकी है. गैंगरेप पीड़िता की मदद करने वालो को जेल भेज दिया गया. आजाद ने कहा कि भीम आर्मी की सरकार आयी तो सबकी फाइल खुलेगी.

चंद्रशेखर के पास संगठन का अभाव

राजनीतिक विश्लेषक आलोक भदौरिया कहते हैं कि अनुसूचित जाति के लोग मायावती (Mayawati) के कट्टर सपोर्टर हैं. संगठन अभी दिख नहीं रहा है. इसके बिना काम नहीं बनेगा. दूसरी ओर मायावती कमजोर हुई हैं लेकिन उनका जनाधार खत्म नहीं हुआ है. यह चंद्रशेखर को हमेशा याद रखना होगा. बीजेपी ने अपनी सोशल इंजीनियरिंग (Social engineering) के जरिए अनुसूचित जाति के कई छोटे धड़ों और उप जातियों को साधा है. चंद्रशेखर के लिए उन्हें एक छतरी के नीचे लाना चुनौती है. हालांकि चुनाव में उनकी उपस्थिति महसूस की जाएगी. लेकिन हार जीत दूसरे दलों के तालमेल पर भी निर्भर करेगी.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज