रामलला के मुख्य पुजारी बोले, 2019 का चुनाव जीतना है तो तत्काल राम मंदिर पर अध्यादेश लाएं

रामलला के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि समस्त राम भक्तों और संतों ने यह निश्चित किया है कि अगर सरकार अध्यादेश लाकर रामलला की समस्या का समाधान नहीं करती तो 2019 में इसका विरोध होगा.

News18 Uttar Pradesh
Updated: August 20, 2018, 5:53 PM IST
रामलला के मुख्य पुजारी बोले, 2019 का चुनाव जीतना है तो तत्काल राम मंदिर पर अध्यादेश लाएं
राम जन्मभूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास. Photo: News 18
News18 Uttar Pradesh
Updated: August 20, 2018, 5:53 PM IST
उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के राम मंदिर पर बयान के बाद अयोध्या में रामलला के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास का बयान आया है. उन्होंने कहा कि डिप्टी सीएम केशव मौर्य अगर सच कह रहे हैं, तो बहुत अच्छी बात है. अध्यादेश लाकर राम मंदिर समस्या का समाधान करना चाहिए. लेकिन अगर बयानबाजी कर लोगों को गुमराह कर रहे हैं और 2019 तक लोगों को गुमराह करके मुद्दे को टालें तो यह ठीक नहीं है. उन्होंने कहा कि इन्हें चाहिए 2018 में ही तत्काल इसको करें.

सत्येंद्र दास ने कहा कि समस्त राम भक्तों और संतों ने यह निश्चित किया है कि अगर सरकार अध्यादेश लाकर रामलला की समस्या का समाधान नहीं करती है तो 2019 में इसका विरोध होगा. 2019 का चुनाव जीतना है तो तत्काल अध्यादेश लाकर राम मंदिर का समाधान करें.

उधर इससे पहले मामले में बाबरी मस्जिद के मुद्दई इकबाल अंसारी ने कहा है कि केशव प्रसाद मौर्य इस तरह की बयानबाजी से कोर्ट की तौहीन कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि मामला सुप्रीम कोर्ट में है और ये मंदिर बनाने के लिए प्रस्ताव ला रहे हें. इकबाल अंसारी ने कहा कि सरकार को चाहिए इन पर प्रतिबंध लगाएं. वहीं कोर्ट को चाहिए ऐसे लोगों पर पाबंदी लगाई जाए. चाहे वह डिप्टी सीएम हों या कोई और. इकबाल अंसारी ने कहा कि राजनीति के चक्कर में इस तरह की बयानबाजी से हिंदू और मुसलमान भड़केगा.

वहीं मामले में आॅल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य और मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने सोमवार को कहा कि इस तरह के सेंसिटिव मुद्दे पर बयानबाजी करना गलत है. उन्होंने सुझाव दिया कि नेताओं को इस मामले में बयानबाजी से बचना चाहिए. फरंगी महली ने पूछा कि जब मामला सुप्रीम कोर्ट में है तो फिर नेता जानबूझकर ऐसे बयान क्यों देते हैं.

बता दें, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने रविवार को कहा था कि राज्यसभा में बहुमत होता तो अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए विधेयक पास कराकर राम मंदिर का निर्माण प्रशस्त कर देते. फिलहाल बीजेपी के पास राज्यसभा में बहुमत नहीं है, इसलिए यह संभव नहीं है.

(इनपुट : निमिष गोस्वामी)

ये भी पढ़ें-
Loading...
भावनाओं की 'अटल लहर' को यूपी के 80 लोकसभा क्षेत्रों तक पहुंचाएगी योगी सरकार

माफिया डॉन अबु सलेम के भाइयों के बीच आई 'दीवार'

मेरठ: 22 साल के युवक पर लगा 70 साल की वृद्धा से रेप का आरोप, CCTV में हुआ कैद
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर