होम /न्यूज /उत्तर प्रदेश /

UP: अंबेडकरनगर में बुवाई के सीजन में नहरें सूखी, नलकूपों के भरोसे अन्नदाता

UP: अंबेडकरनगर में बुवाई के सीजन में नहरें सूखी, नलकूपों के भरोसे अन्नदाता

यूपी में मेघ ले रहे परीक्षा, अम्बेडकरनगर में किसान परेशान.

यूपी में मेघ ले रहे परीक्षा, अम्बेडकरनगर में किसान परेशान.

Monsoon and Farmers: बारिश ना होने से खेतो में दरार पड़ गई है, बोरिंग पानी नही उठा रहा है, लोगो को काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है. लोग खराब इंजन को बनवा रहे है जिससे खेत की सिंचाई की जा सके.

हाइलाइट्स

उत्तर प्रदेश में मानसून की बेरुखी बरकरार.
किसानों को सिंचाई में हो रही ​काफी परेशानी, फसलें हो रहीं खराब.

मनीष वर्मा

अम्बेडकरनगर. उत्तर प्रदेश में मानसून किसानों की परीक्षा ले रहा है. मानसून की शुुरआत तो हो गई है लेकिन किसान रोज आसमान ताक रहा है. सावन में भी किसानों को खेतों की सिंचाई में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर में किसानों ने खरीफ सीजन में धान की रोपाई समेत अन्य फसलों की बुआई तो कर दी है, लेकिन बरसात न होने से फसलों को बचाए रखना मुश्किल हो रहा है. विभिन्न वजहों से नलकूप भी दगा दे रहे हैं, जिससे चुनौती और बढ़ गई है. फसलें कुम्हलाने से बचाने और जीवित रखने के लिए नलकूपों से सिंचाई का सहारा लेना पड़ रहा है. वहीं, बारिश होने के मौसम ​विभाग के दावे भी हवा हो रहे हैं.

इंजन की खराबी कर रही परेशान
वे किसान खासे परेशान हैं जिनके पास निजी बोरिंग नहीं है और वे भगवान भरोसे हैं. बारिश ना होने से खेतो में दरार पड़ गई है, बोरिंग पानी नही उठा रहा है, लोगो को काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है. लोग खराब इंजन को बनवा रहे है जिससे खेत की सिंचाई की जा सके. एक तरफ बड़े किसानों ने नलकूपों के सहारे धान की रोपाई करा दी है. वहीं, दूसरी तरफ छोटे किसान अब भी इसी उम्मीद में हैं कि बारिश हो तो धान की रोपाई की जाए. कुछ किसान बारिश होने की उम्मीद छोड़कर पंपिंग सेट से भारी खर्च कर धान की रोपाई करा रहे हैं. उधर, मौसम वैज्ञानिकों के बारिश के दावे लगातार गलत हो रहे हैं.

धान की रोपाई के बाद सूखा पड़ा खेत
जिन किसानों ने धान की रोपाई कर दी है, वह पंपिंग सेट से सिंचाई कर पाने में असमर्थ हैं. न्योतरिया निवासी रामजीत ने बताया कि जब से धान की रोपाई की है, तब से अभी तक पंपिंग सेट से तीन बार सिंचाई कर चुके हैं. कुछ किसानों को छोड़कर अधिकतर छोटे किसानों ने बड़े किसानों की तर्ज पर कर्ज आदि लेकर धान की रोपाई तो करा दी है, लेकिन अब सिंचाई करना और रोग से फसल को बचाना भारी पड़ रहा है. धान की लगातार सिंचाई करनी पड़ रही है, इससे फसल की लागत बढ़ गई है.

कटुई निवासी राजपत ने बताया कि इंजन खराब होने के कारण वे अभी तक धान की रोपाई नहीं कर पाए थे. अब वे इंजन ठीक करवा रहे हैं ताकि धान की रोपाई कर सकें. वहीं, किसानों के सामने लाइट की समस्या भी है. लाइट भी सही से नहीं आती जिसकी वजह से खेत की सिंचाई नहीं हो पा रही है.

Tags: Ambedkarnagar News, Farmers, Monsoon, Uttar pradesh news

अगली ख़बर