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केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'हिंदू ही नहीं, अधिकांश मुस्लिम भाइयों की भी यही भावना है कि मंदिर बने'

विवाद वाली जगह पर मस्जिद नहीं बन सकती: केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे

विवाद वाली जगह पर मस्जिद नहीं बन सकती: केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे

केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने कहा, 'मुस्लिम श्रीराम को भगवान मानें या न मानें, महापुरुष मानते हैं. मुस्लिम भाई कहते ह ...अधिक पढ़ें

    बिहार के बक्सर से सांसद और केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने कहा है कि मुस्लिम भाई श्रीराम को भगवान के रूप में मानें न मानें लेकिन महापुरुष मानते हैं, इसलिए मुझे विश्वास है कि सब लोग मिलकर अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर बनवाने का काम पूरा करेंगे. यह काम चाहे कानून से हो, कोर्ट से हो या फिर आपसी सहमति से हो. यही जनता की भावना है.

    न्यूज18 हिंदी से विशेष बातचीत में केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री चौबे ने कहा, "राम मंदिर का केस अभी सुप्रीम कोर्ट में है. हम तो चाहते हैं कि अदालत इस मामले में जल्द निर्णय ले. पूरे देश की भावना है कि मंदिर बन जाए. न केवल हिंदू बल्कि अब तो अधिकांश मुस्लिम भाइयों की भी यही भावना है. विवाद वाली जगह पर मस्जिद नहीं बन सकती, ये मुस्लिम भाई कहते हैं."

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    फिलहाल, अयोध्या राम जन्मभूमि- बाबरी मस्जिद जमीन विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई जनवरी तक के लिए टाल दी है. इस मामले में सीजेआई रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच सुनवाई कर रही है. कोर्ट के फैसले से पहले बिहार से ही आने वाले केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा है कि हिंदुओं का सब्र अब टूट रहा है. उन्होंने कहा, "मुझे भय है कि हिंदुओं का सब्र टूट गया तब क्या होगा?"

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    राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि को तीन भागों में बांटने वाले 2010 के इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ कई याचिकाएं शीर्ष अदालत में दायर की गई हैं. चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) रंजन गोगोई और जस्टिस संजय किशन कौल व जस्टिस के एम जोसफ की बेंच इस मामले में दायर अपीलों पर सुनवाई करेगी. शीर्ष अदालत ने 27 सितंबर को 1994 के अपने उस फैसले पर पुनर्विचार के मुद्दे को पांच जजों वाली बेंच को सौंपने से इनकार कर दिया था, जिसमें कहा गया था कि ‘मस्जिद इस्लाम का अनिवार्य अंग नहीं’ है. यह मुद्दा अयोध्या भूमि विवाद की सुनवाई के दौरान उठा था.

    उधर, इस मामले में बौद्ध धर्म के लोग भी कूद पड़े हैं. सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका भी स्वीकार कर ली है. याचिकाकर्ता अयोध्या निवासी विनीत कुमार मौर्य ने दावा किया है कि अयोध्या में विवादित स्थल पर न मंदिर था, न मस्जिद. यहां तो बौद्ध स्थल था. मौर्य ने अदालत से अपील की है कि वह इस विवादित जगह को कुशीनगर, सारनाथ, श्रावस्ती और कपिलवस्तु की तरह बौद्ध विहार घोषित करे.

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    Tags: Ayodhya Mandir, BJP, Hindu, Muslim, Ram Mandir Dispute, Supreme Court

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