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राम मंदिर के रिसीवर कमिश्नर ने बोर्ड ऑफ ट्रस्टी अयोध्या राजा को सौंपा चार्ज, 27 साल से कर रहे थे ये काम
Faizabad News in Hindi

KB Shukla | News18 Uttar Pradesh
Updated: February 5, 2020, 7:32 PM IST
राम मंदिर के रिसीवर कमिश्नर ने बोर्ड ऑफ ट्रस्टी अयोध्या राजा को सौंपा चार्ज, 27 साल से कर रहे थे ये काम
ट्रस्‍ट को मिली है करीब 67.7 एकड़ जमीन.

केंद्र सरकार ने अयोध्‍या में भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट की घोषणा कर दी है. जबकि इसके साथ ही 27 वर्षों से अधिग्रहित परिसर स्थित जमीनों और मंदिर का रखरखाव कर रहे रिसीवर मंडलायुक्त ने कब्जे का अधिकार पत्र श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Sri Ram Janma Bhumi Tirtha Shetra Trust) को हस्तांतरित कर दिया है.

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अयोध्या. केंद्र सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के आदेश पर राम जन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट की घोषणा के साथ ही 27 वर्षों से अधिग्रहित परिसर स्थित जमीनों और मंदिर का रखरखाव कर रहे रिसीवर मंडलायुक्त अयोध्या एमपी अग्रवाल ने आज (बुधवार) कब्जे का अधिकार पत्र श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Sri Ram Janma Bhumi Tirtha Shetra Trust) को हस्तांतरित कर दिया. बोर्ड ऑफ ट्रस्टी बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र ने कब्जा अधिकार पत्र हासिल किया है. अधिग्रहीत परिसर के रिसीवर की ओर से बोर्ड ऑफ ट्रस्टी को अयोध्या एक्ट के तहत अधिग्रहित पूरी जमीन तथा इस जमीन पर स्थित अचल संपत्तियां और अधिग्रहीत परिसर पर स्थित रामलला के मंदिर के दो बैंक खातों में उपलब्ध धनराशि के साथ राजकीय कोषागार में जमा सोना-चांदी और अन्य सामग्री भी हस्त गत की गई है.

करीब 67.7 एकड़ जमीन है
6 दिसंबर 1992 को ढांचा ढहाये जाने के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने विवादित जमीन समेत आसपास की कुल लगभग 67.7 एकड़ जमीन का अधिग्रहण कर लिया था. इस अधिग्रहण के लिए केंद्र सरकार की ओर से जनवरी 1993 में अयोध्या एक्ट बनाया गया था. अयोध्या एक्ट की धारा में निहित प्रावधानों के तहत अधिग्रहित क्षेत्र के देखरेख की जिम्मेदारी मंडलायुक्त को सौंपी गई थी और केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय की ओर से पत्र जारी कर उन्हें रिसीवर बनाया गया था.

सुप्रीम कोर्ट ने दिया ये फैसला

प्रकरण में मालिकाना हक विवाद के मामले की सुनवाई करते हुए देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट ने विवादित पूरी जमीन रामलला को दी थी और मस्जिद निर्माण के लिए सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को 5 एकड़ जमीन दिए जाने का आदेश केंद्र सरकार को दिया था. साथ ही केंद्र सरकार को 3 माह के भीतर राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट बनाने की बात कही थी. जबकि आज केंद्र सरकार की ओर से लोकसभा में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत राम मंदिर निर्माण के लिए श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के गठन की घोषणा की गई. ट्रस्ट की घोषणा के बाद केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय ने परिसर के रिसीवर और अयोध्या मंडल के मंडलायुक्त एमपी अग्रवाल को पत्र भेजकर अयोध्या एक्ट के तहत अधिग्रहित सभी चल अचल संपत्तिया नवगठित श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र टेस्ट को हस्तांतरित करने का आदेश दिया. आदेश मिलने के बाद मंडलायुक्त ने नवगठित श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के बोर्ड ऑफ ट्रस्टी बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र को कब्जा अधिकार पत्र हस्तगत कर दिया है.

 

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First published: February 5, 2020, 7:25 PM IST
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