शंकराचार्य के बयान पर संतों ने जताया ऐतराज, कहा-बाहर से आने वालों पर लगे रोक

द्वारका पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की कमान खुद संभालने का बयान दिया था. साथ ही शिलान्यास के लिए हजारों भक्तों को अगले महीनें अयोध्या कूच करने की अपील की थी.

News18 Uttar Pradesh
Updated: January 20, 2019, 7:33 PM IST
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Updated: January 20, 2019, 7:33 PM IST
द्वारका पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के बयान पर अयोध्या के संतो ने कड़ा ऐतराज जाहिर किया है. जगत गुरु राम दिनेशाचार्य ने सरकार से मांग की है कि बाहर से आने वाले लोगों को शहर ना आने दिया जाए. वहीं नरेंद्र गिरी ने कहा है कि शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद को शहर की जन भावनाओं को समझना चाहिए.

उन्होंने कहा है कि शहर में लोगों के पहुंचने से जनजीवन प्रभावित होता है. विवादित मामला सुप्रीम कोर्ट में है, बिना कोर्ट के आदेश के पत्ता भी नहीं हिल सकता है. तो ऐसे में किसी राजनीतिक दल का भाव बनाने के लिए इस तरीके की बयानबाजी ठीक नहीं है. ऐसे किसी भी कार्य से बचना चाहिए जो शहर के लोगों को नागवार लगे. अयोध्या में किसी को आने की जरूरत नहीं है.



वहीं श्री राम लीला के पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने भी इस बयान को गलत ठहराया है. आचार्य दास का कहना है कि जगतगुरु शंकराचार्य का स्वागत है, लेकिन उनको बयान अपना मान रखते हुए देना चाहिए. मसला कोर्ट में है और कोर्ट कानून के द्वारा ही मंदिर का निर्माण हो सकता है. विवादित स्थल पर एक ईंट भी नहीं रखा जा सकता है. स्थान पर मंदिर है, जहां भक्त दर्शन करते हैं.

अब इस मंदिर को भव्यता देने की जरूरत है. ऐसे में एक ऐसा रास्ता निकाला जाए जिससे शांति से मन्दिर निर्माण हो सके. गौरतलब है कि द्वारका पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की कमान खुद संभालने का बयान दिया था. साथ ही शिलान्यास के लिए हजारों भक्तों को अगले महीने अयोध्या कूच करने की चेतावनी दी थी.  (रिपोर्ट-निमिष गोस्वामी) 

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