हमने 17 मिनट में ढहा दी थी बाबरी मस्जिद, कानून लाने में देरी क्योंः शिवसेना

बता दें कि 24 व 25 नवंबर को अयोध्या में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से लेकर विश्व हिंदू परिषद की बड़ी धर्म सभा आयोजित होनी है. 25 नवंबर को विहिप की धर्मसभा में देश भर से लाखों रामभक्त अयोध्या पहुंचेंगे.

KB Shukla | News18 Uttar Pradesh
Updated: November 23, 2018, 6:28 PM IST
हमने 17 मिनट में ढहा दी थी बाबरी मस्जिद, कानून लाने में देरी क्योंः शिवसेना
संजय राउत (शिवसेना नेता)
KB Shukla | News18 Uttar Pradesh
Updated: November 23, 2018, 6:28 PM IST
शिवसेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत  ने शुक्रवार को अयोध्या  में कहा कि जब हमने 17 मिनट में बाबरी मस्जिद को ढहा दिया था, तो अब मोदी सरकार कानून लाने में देर क्यों कर रही है? यहां मंदिर बनाने की पार्टी की मांग को दोहराते हुए उन्होंने 'पहले मंदिर फिर सरकार' का नारा दिया. राउत ने स्पष्ट किया कि शिवसेना राम के नाम पर वोट नहीं मांगेगी. उन्होंने कहा कि राम मंदिर मामले का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए.

शिवसेना सांसद ने कहा, "भाजपा को 4 साल दिए लेकिन इन 4 सालों में कुछ नहीं किया. अब ज्यादा इंतजार नहीं करेंगे. अब सरकार कानून लाए और अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण करे."

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संजय राउत ने कहा, “हमने 17 मिनट में 12 मस्जिद तोड़ दी, तो कानून बनाने में कितना टाइम लगता है? राष्ट्रपति भवन से लेकर यूपी तक बीजेपी की सरकार है. राज्यसभा में ऐसे बहुत सांसद हैं जो राम मंदिर के साथ खड़े रहेंगे. जो विरोध करेंगे उनका देश में घूमना मुश्किल होगा.”

राउत ने कहा कि उद्धव ठाकरे अयोध्या आ रहे हैं तो संदेश साफ है. अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर शिवसेना ज्यादा इंतजार नहीं कर सकती. उन्होंने कहा कि अयोध्या के संतों महंतों से मुलाकात हुई है, वे सभी उद्धव ठाकरे को आशीर्वाद देने 24 नवंबर को लक्ष्मण किला जरूर पहुंचेगे.

बता दें कि 24 व 25 नवंबर को अयोध्या में विश्व हिंदू परिषद की बड़ी धर्म सभा आयोजित होनी है. 25 नवंबर को विहिप की धर्मसभा में देश भर से लाखों रामभक्त अयोध्या पहुंचेंगे. उधर, फैजाबाद के अपर जिला मजिस्ट्रेट (कानून व्यवस्था) पीडी गुप्ता ने अयोध्या जिले में 17 जनवरी 2019 तक धारा 144 लागू रखने के आदेश जारी किए हैं.

इस आदेश में कहा गया है कि अयोध्या क्षेत्र में परिक्रमा और कार्तिक पूर्णिमा मेले के कारण बढ़ी संवेदनशीलता और देश में आतंकवादी गतिविधियों को देखते हुए राम जन्म भूमि-बाबरी मस्जिद अधिग्रहित परिसर में शांति व्यवस्था और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला किया गया है.
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