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Ayodhya Case: इकबाल अंसारी बोले- 'जो भी फैसला आएगा हमें मंजूर है, हम दोबारा अपील नहीं करेंगे'

इकबाल अंसारी ने कहा कि फैसला जो भी हो उम्मीद है उसके बाद अयोध्या तरक्की करेगा. (File Photo)
इकबाल अंसारी ने कहा कि फैसला जो भी हो उम्मीद है उसके बाद अयोध्या तरक्की करेगा. (File Photo)

Supreme Court on Ayodhya Case Latest News: इकबाल अंसारी ने साफ तौर पर कहा अब इस मामले को लेकर कोई अन्य याचिका नहीं दायर करेंगे. हम हिंदुस्तान के मुसलमान हैं और हमारा एक ही मान है, जो भी फैसला आएगा पक्ष हो या विपक्ष उसे इकबाल अंसारी स्वीकार करेंगे.

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अयोध्या. राम जन्मभूमि (Ram Janambhoomi) पर और बाबरी मस्जिद (Babri Mosque) के अयोध्या जमीन विवाद (Ayodhya Land Dispute) पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सबको बेसब्री से इंतजार है. मामले की सुनवाई पूरी होने पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने फैसला सुरक्षित रख लिया है. वहीं मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी (Iqbal Ansari) ने इसपर बयान देते हुए कहा कि फैसले की घड़ी आ गई है कोर्ट जो भी फैसला करेगी, वह हमें स्वीकार है. आगे उन्होंने कहा कि फैसला जो भी हो उम्मीद है उसके बाद अयोध्या तरक्की करेगा. पिछले 70 सालों से इस पर सियासत हो रही थी. कम से कम अब सियासत नहीं बल्कि विकास होगा.

इकबाल अंसारी ने साफ तौर पर कहा, 'अब इस मामले को लेकर कोई अन्य याचिका नहीं दायर करेंगे. हम हिंदुस्तान के मुसलमान हैं और हमारा एक ही मान है, जो भी फैसला आएगा पक्ष हो या विपक्ष उसे इकबाल अंसारी स्वीकार करेंगे.'


सुप्रीम कोर्ट ने सुरक्षित रख लिया है फैसला
बता दें कि देश के दशकों पुराने राम जन्मभूमि (Ram Janambhoomi) और बाबरी मस्जिद (Babri Mosque) के अयोध्या जमीन विवाद (Ayodhya Land Dispute) पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court Of India) में बुधवार को ऐतिहासिक बहस पूरी हो गई. 40 दिनों तक चली इस सुनवाई के बाद संविधान पीठ ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया और सभी पक्षों से कहा कि वे मोल्डिंग ऑफ़ रिलीफ पर 3 दिनों में कोर्ट को लिखित जवाब दें. बहस पूरी होने के बाद हिंदू महासभा के वकील वरुण सिन्हा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है. अब ये साफ है कि इस मामले में 23 दिन के भीतर फैसला आ जाएगा.
हम अपनी बात पर कायम है


इकबार अंसारी ने सुबह कहा था कि- हम अपनी बात पर कायम है. सुन्नी वक्फ बोर्ड ने जो पत्र श्रीराम पंचू के माध्यम से दिया है, उस पर सुप्रीम कोर्ट फैसला करेगा, सुप्रीम कोर्ट उनके पत्र को स्वीकार करता है या नहीं स्वीकार करता, यह कोर्ट के ऊपर निर्भर करता है. हमारे वकील ने कहा है कि कभी ऐसी कोई बात सामने नहीं आई है, जब आएगी तो देखेंगे.

इकबाल अंसारी ने आगे कहा कि सबको अपनी बात रखने का अधिकार है लेकिन अदालत अपना फैसला अपने तरीके से साक्ष्यों के आधार पर करेगी. अगर मध्यस्था कमेटी के माध्यम से कोई पत्र आता है तो उस पर सुप्रीम कोर्ट विचार करेगा, यह सुप्रीम कोर्ट का विषय है.

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