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किसानों पर कुदरत की दोहरी मार, कोरोना वायरस के बाद साल भर की मेहनत पर बेमौसम बारिश ने फेरा पानी

किसानों पर कुदरत की दोहरी मार, कोरोना वायरस के बाद साल भर की मेहनत पर बेमौसम बारिश ने फेरा पानी

बारिश में भीगी गेहूं की फसल को निकालता एक किसान

बारिश में भीगी गेहूं की फसल को निकालता एक किसान

हरियाणा से लेकर यूपी और बिहार तक के किसानों के अरमानों पर बेमौसम बारिश और ओले का कहर, गेहूं और सब्जियों की फसल तबाह, कैसे होगी भरपाई

नई दिल्ली. बेगूसराय (बिहार) जिले के मैघौल गांव निवासी किसान राधवेंद्र सिंह की 5 बीघे गेहूं की फसल बेमौसम बारिश के पानी में डूब गई है. कोरोना वायरस लॉकडाउन में मजदूरों की कमी के कारण फसल कटने में देरी हो रही थी. तब तक एक तेज बारिश ने साल भर की मेहनत पर पानी फेर दिया. अब खेत में पानी होने की वजह से गेहूं काटने वाली मशीन भी इस्तेमाल नहीं हो सकती. राधवेंद्र कहते हैं कि अब ये फसल सड़ जाएगी. हम सरकार से मांग करते हैं कि हमें उचित मुआवजा मिले. राघवेंद्र की तरह हजारों किसानों पर कुदरत की दोहरी मार पड़ी है. कोरोना वायरस (coronavirus) संकट में पिस रही खेती-किसानी को अब बेमौसम बारिश और ओले की भी नजर लग गई.

जब फसल काटकर घर ले जाने की बारी आई तो बारिश (Rain) और ओले ने उसे बर्बाद कर दिया. कागजों में मुआवजे का एलान हो गया है लेकिन इससे किसानों के नुकसान की भरपाई संभव नहीं दिखती. मौसम विभाग के मुताबिक 20 राज्यों में जरूरत से बहुत ज्यादा बारिश दर्ज की गई है. कहीं कटने के लिए तैयार फसल में पानी भर गया तो कहीं कटी हुई गेहूं की फसल (Wheat crop) में पानी में डूब गई. पिछले दो दिन हुई बारिश ने हरियाणा से लेकर यूपी और बिहार तक के किसानों को बेहाल कर दिया है.

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बेगूसराय जिले में बेमौसम बारिश के पानी में डूबी गेहूं की फसल


75 फीसदी गेहूं कटा है

इस साल देश में 310 लाख हेक्टेयर भूमि में गेहूं बोया गया था.  जिसमें से मुश्किल से 75 फीसदी की कटाई हुई है. केंद्रीय कृषि मंत्रालय के मुताबिक गेहूं उगाने वाले प्रमुख राज्य मध्य प्रदेश में लगभग 98-99 फीसदी, राजस्थान में 88-90, उत्तर प्रदेश में 75-78, हरियाणा में 40-45, पंजाब में 35-40 और अन्‍य राज्‍यों में 82-84 फीसदी गेहूं की फसल कट चुकी है. उधर, इन्हीं राज्यों में दो दिन हुई बेमौसम बारिश से किसानों के चेहरे पर मायूसी छा गई है. हरियाणा की कई अनाज मंडियों में किसानों का गेहूं बाहर बारिश में भीग गया है. उधर, ओलावृष्टि ने सब्जियों को काफी नुकसान पहुंचाया है.

यूपी में सामान्य से बहुत ज्यादा हुई बारिश

मौसम विभाग के मुताबिक 27 अप्रैल को यूपी में सामान्य से 4290 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई. इससे खेती-किसानी को नुकसान का अंदाजा लगाया जा सकता है. मध्य प्रदेश में सामान्य से 2276 फीसदी अधिक बारिश हुई.

इसी तरह बिहार में सामान्य से 383%, हरियाणा में 277%, राजस्थान में 556%, और पंजाब में 279% फीसदी अधिक बारिश हुई. 26 अप्रैल को भी हुई थी बारिश.  यूपी में फसलों की सबसे ज्यादा तबाही हुई है. शामली, फर्रुखाबाद, औरैया, इटावा, बागपत, रामपुर, कानपुर, गोरखपुर, महराजगंज आदि में आंधी और बारिश ने गेहूं और सब्जियों की फसल को तबाह कर दिया.

राष्ट्रीय किसान महासंघ के संस्थापक सदस्य विनोद आनंद ने कहा कि फसल नुकसान का आकलन करवाकर सरकार को जल्द से जल्द किसानों को मुआवजा देना चाहिए. क्योंकि कोरोना वायरस की वजह से पहले ही किसानों को नुकसान हो चुका है.

rain hits wheat crop
कटी गेहूं की फसल बारिश में डूबी


मैनपुरी जनपद में रविवार को तेज आंधी के साथ हुई बारिश में पड़े ओले से गेहूं, उड़द और मूंग की फसल चौपट हो गई. फसल कटान के बाद खेत में पड़ी थी. अब गेहूं का दाना काला पड़ जाएगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रभावित जिलों के आला अधिकारियों से नुकसान का जायजा लेने और किसानों को आर्थिक मदद देने का आदेश दिया है.

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Tags: Farmer, Kisan, Ministry of Agriculture, Rain

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