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बीजेपी सांसद मुकेश राजपूत का परिवार लगातार तीसरी बार निशाने पर

बीजेपी सांसद मुकेश राजपूत के छोटे पुत्र अर्पित राजपूत के साथ कुछ दबंगों ने मारपीट की है. इसके साथ ही जब सांसद पुत्र बचने के लिये भागा तो उस पर फायरिंग कर दी. घटना की सूचना मिलने पर भारी पुलिस बल मौके पर पंहुच गया.

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सूर्या बाजपेई,

फर्रुखाबाद , : बीजेपी सांसद मुकेश राजपूत के छोटे पुत्र अर्पित राजपूत के साथ कुछ दबंगों ने मारपीट की है. इसके साथ ही जब सांसद पुत्र बचने के लिये भागा तो उस पर फायरिंग कर दी. घटना की सूचना मिलने पर भारी पुलिस बल मौके पर पंहुच गया. अर्पित राजपूत ने बातचीत में यह भी बताया कि वह शहर के कोतवाली क्षेत्र के सातनपुर आलू मंडी के सामने बने अपने गोदाम से बाइक पर सवार होकर आईटीआई ठंडी सड़क स्थित अपने घर जा रहा था. तभी मंडी के निकट एक होटल पर कुछ दबंग युवक शराब के नशे में मारपीट कर रहे थे. अर्पित का कहना है कि जब उसने उन दबंगों को मारपीट करने से रोका तो दबंगों ने अर्पित पर ही हमला कर दिया. अर्पित के अनुसार दबंगों ने उसके साथ जमकर मारपीट की.

इस मारपीट में अर्पित के बाएं पैर में गंभीर चोट आई है. अर्पित ने मौक़ा देखकर भागने की कोशिश की तो आरोपियों ने उस पर फायरिंग कर दी. इस भगदड़ में अर्पित सड़क किनारे गिर गया. दबंग फायरिंग करते हुये फरार हो गए.
घटना की सूचना मिलते ही अर्पित की माँ व पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सौभाग्यवती राजपूत अपने परिजनों के साथ मौके पर आ गयीं. एएसपी त्रिभुवन सिंह, सीओ सिटी शरद चन्द्र शर्मा, कोतवाल अनूप निगम आदि भी मौके पर पहुंचे. एएसपी त्रिभुवन सिंह ने अर्पित का मेडिकल कराने को कहा तो सौभाग्यवती राजपूत ने एएसपी से सांसद की बात कराई. सांसद ने उनसे कहा की मंगलवार को सुबह वह अर्पित का मेडिकल कराएंगे.
वहीँ जब आज सांसद मुकेश राजपूत वापस आ गए तब कहीं सांसद पुत्र ने मामले पर 3 आरोपियों के खिलाफ कोतवाली सदर में तहरीर दी है. जिसमें अभी मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई पुलिस के द्वारा की जा रही है.


सांसद मुकेश राजपूत के परिवारजन के साथ हुई ये कोई पहली घटना नहीं है. इससे पहले भी उनके परिवारवालों के साथ मारपीट और हिंसा की घटना हो चुकी है.
पहली घटना बीते 1 अगस्त 2017 को हुई थी. तब मुकेश राजपूत के बड़े पुत्र अमित राजपूत के साथ तत्कालीन बजरिया चौकी इंचार्ज मो० आसिफ ने मारपीट कर दी थी. जिसके बाद मामले ने राजनैतिक रंग पकड़ा तो दरोगा पर कार्रवाई हुई. अमित ने दरोगा पर मुकदमा दर्ज कराया तो वहीँ दरोगा आसिफ ने भी सांसद के पुत्र पर मुकदमा दर्ज करा दिया था. बाद में दरोगा का तबादला हो गया. तत्कालीन एसपी दयानंद मिश्रा पर भी लापरवाही के आरोप लगे थे.
दूसरी घटना 12 अगस्त की है. जिसमें लिंजीगंज निवासी एक व्यक्ति ने नगर मजिस्ट्रेट जैनेन्द्र कुमार जैन से शिकायत कर कहा कि उसकी पत्नी का सांसद मुकेश राजपूत ने अपहरण कर लिया है. हालाँकि बाद में 29 अगस्त को महिला ने सीओ अमृतपुर के आगे पेश होकर बयान दिया कि सांसद के ऊपर लगे आरोप गलत हैं और वह उनके साथ नहीं रहती.
तीसरी घटना सोमवार रात की है ही. जहाँ सांसद के छोटे पुत्र अर्पित पर कुछ दबंगो ने हमला बोल दिया. जिसके बाद पुलिस की कार्य प्रणाली और सरकार की कानून व्यवस्था पर फिर सवाल खड़े हो गये हैं. और एक सवाल यह भी कि सांसद व उनका परिवार ही क्यों लगातार निशाने पर हैं.
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