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प्रधान ने मारी थी लात: बच्चे के बाद दलित गर्भवती की मौत, पुलिस ने नहीं की कार्रवाई, अब ऑडियो वायरल

प्रधान ने मारी थी लात: बच्चे के बाद दलित गर्भवती की मौत, पुलिस ने नहीं की कार्रवाई, अब ऑडियो वायरल

5 माह पहले प्रधान पर घर में घुसकर दलित गर्भवती महिला को पेट में लात मारने का आरोप था. उसकी मौत हो गई.

5 माह पहले प्रधान पर घर में घुसकर दलित गर्भवती महिला को पेट में लात मारने का आरोप था. उसकी मौत हो गई.

Farrukhabad news: फर्रुखाबाद जिले में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं. मामला चुनावी रंजिश में एक दलित गर्भवती महिला की प्रधान द्वारा की गई पिटाई का है, जिसमें उसके गर्भ में बच्चे की मौत हो गई थी. लंबे उपचार के दौरान महिला की भी मौत हो गई. इस मामले में प्रधान पर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. परिजनों ने आरोप लगाया कि प्रधान को सत्ता के विधायक का संरक्षण है. पुलिस उल्टा उनका ही उत्पीड़न कर रही है. अब प्रधान द्वारा पीड़ित को धमकाने का एक ऑडियो वायरल हो रहा है.

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फर्रुखाबाद. उत्तर प्रदेश पुलिस (UP police) भले ही अपनी कार्यशैली के लिए खुद की पीठ थपथपाते नजर आती हो, लेकिन फर्रुखाबाद (Farrukhabad) जिले में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं. मामला चुनावी रंजिश में एक दलित गर्भवती महिला की प्रधान द्वारा की गई पिटाई का है, जिसमें उसके गर्भ में बच्चे की मौत हो गई थी. लंबे उपचार के दौरान महिला की भी मौत हो गई.  इस मामले में प्रधान पर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. अब प्रधान द्वारा पीड़ित को धमकाने का एक ऑडियो वायरल हो रहा है.

5 माह पहले दबंग प्रधान के द्वारा घर में घुसकर दलित गर्भवती महिला को पेट में लात मार दी थी. गर्भवती के पेट में लात मार देने पर उनकी हालत बिगड़ गई. पुत्री मृत जन्मी. महिला की हालत गंभीर होने पर उसे कानपुर में भर्ती कराया गया था. दलित महिला की मौत हो गई जिसके बाद परिजनों ने हंगामा किया था. परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने उन पर उल्टी कार्रवाई कर दी. फिलहाल पुरे मामले पर पीड़ित ने सोशल मीडिया पर दावनाग प्रधान का एक ऑडियो भी वायरल किया जिसमें आरोपी प्रधान मृतक के पति को धमका रहा है. फिलहाल इस मामले में पुलिस पर लीपापोती करने का आरोप लग रहा है. प्रधान पर सत्ता पक्ष के विधायक का संरक्षण होेने का भी आरोप है.

बताया गया है कि वोट न देने की रंजिश में प्रधान ने अपने समर्थकों के साथ गांव भटकुर्री निवासी तेजपाल को घर में घुसकर पीट दिया था. बचाने आई उनकी पत्नी सुनीता, पुत्र अजीत और अजीत की पत्नी राधा को पीटा था. गर्भवती राधा के पेट में लात मार दी थी. पुलिस ने एनसीआर दर्ज कर अजीत, उनके चचेरे भाई नीरज और दूसरे पक्ष से विपिन व विशुनदयाल को शांतिभंग में गिरफ्तार कर चालान कर दिया था. प्रसव पीड़ा होने पर राधा को आठ नवंबर को नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था, वहां पर राधा ने मृत पुत्री को जन्म दिया था. उधर आरोपितों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई न होने पर तेजपाल ने 25 नवंबर को न्यायालय के आदेश पर प्रधान अरविद सिंह, कमलेश सिंह, विष्णुसेवक, विशुनदयाल, विपिन, मनीष उर्फ शिवरतन के खिलाफ घर में घुसकर मारपीट, एससीएसटी एक्ट आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था.

मुकदमे की विवेचना सीओ राजवीर सिंह को दी गई. इस बीच राधा की हालत बिगड़ गई. स्वजन ने उन्हें कानपुर के हैलट अस्पताल में भर्ती कराया. सीओ हैलट जाकर राधा के बयान भी ले आए थे, इसके बावजूद कार्रवाई नहीं की गई. गुरुवार को स्वजन राधा को हैलट अस्पताल से छुट्टी कराकर रिश्तेदार के यहां ले गए. शुक्रवार को राधा की मौत हो गई. कार्रवाई न होने का आरोप लगाकर स्वजन राधा का शव कोतवाली ले आए और हंगामा करने लगे.

इसके बाद तेजपाल ने आरोपितों के खिलाफ तहरीर दी. वहीं पुलिस पोस्टमार्टम के आधार पर कार्रवाई करने की बात कह रही है, इस मामले की जांच सीओ राजवीर सिंह गौर को दी गई है. अब देखने वाली बात यह होगी कि दलित महिला राधा की मौत में दोषियों को कब सजा मिलेगी.

धमकी भरा ऑडियो चर्चा में

पुरे मामले पर आरोपी प्रधान एक धमकी भरा ऑडियो भी पीड़ित परिवार ने सोशल मीडिया पर वायरल किया है. आरोप है कि पूरा ऑडियो पुलिस को दिया गया, लेकिन पीड़ित पक्ष की पुलिस ने एक न सुनी और उलटा उन्हीं को प्रताड़ित किया गया. मृतक महिला का परिबार दबंग प्रधान से बेहद ही डरा सहमा है और ग्राम छोड़ने की बात कह रहा है. सीओ कायमगंज सोहराव आलम अपनी पहले की गई कार्रवाई पर ही कायम हैं.

Tags: Farrukhabad dalit pregnant woman beating case, Farrukhabad news, Kanpur news, UP police, UP Polls

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