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फर्रुखाबाद बंधक मामला: मारे गए आरोपियों की बेटी को IPS अफसर बनाएंगे IG मोहित अग्रवाल
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News18 Uttar Pradesh
Updated: February 3, 2020, 2:47 PM IST
फर्रुखाबाद बंधक मामला: मारे गए आरोपियों की बेटी को IPS अफसर बनाएंगे IG मोहित अग्रवाल
कानपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक मोहित अग्रवाल. (फाइल फोटो)

कानपुर रेंज (Kanpur Range) के पुलिस महानिरीक्षक मोहित अग्रवाल (IG Mohit Aggarwal) ने कहा है कि ‘मेरी ख्वाहिश है कि बच्ची को मैं अपनी तरह एक आईपीएस अफसर (IPS Officer) बनाऊं. मैं बैंक में एक खाता खुलवा रहा हूं, जिसमें मैं हमेशा पैसे डालता रहूंगा ताकि गौरी की शिक्षा और परवरिश में कोई दिक्कत ना आए.’

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लखनऊ. फर्रुखाबाद (Farrukhabad) में बच्चों को बंधक बनाने वाले आरोपी पति-पत्नी सुभाष बाथम और रुबि की एक साल की अनाथ बच्ची की शिक्षा का पूरा खर्च उठाने और उसे अपनी ही तरह आईपीएस अधिकारी बनाने की बात कानपुर रेंज (Kanpur Range) के पुलिस महानिरीक्षक मोहित अग्रवाल (IG Mohit Aggarwal) ने कही है. फर्रूखाबाद में गुरुवार (30 जनवरी) को बेटी के जन्मदिन की पार्टी के नाम पर 23 बच्चों को घर बुलाकर 12 घंटे से ज्यादा वक्त तक उन्हें तहखाने में बंद रखने वाले बाथम को पुलिस ने करीब 10 घंटे लंबे अभियान के बाद मुठभेड़ में मार गिराया था. उसी दौरान भागने का प्रयास कर रही रुबि ग्रामीणों के हाथ लग गई थी, जिनकी पिटाई से उसकी मौत हो गई. अभियान में सभी बच्चों को सुरक्षित बचा लिया गया था.

बच्ची की मासूमियत देखकर पुलिस विभाग का दिल पसीज गया
बाथम और रुबि की मौत के बाद उनकी बेटी गौरी की पूरी जिम्मेदारी कानपुर रेंज के आईजी मोहित अग्रवाल ने उठाने का फैसला किया है. अग्रवाल ने न्यूज एजेंसी से विशेष बातचीत में कहा, ‘इस अनाथ बच्ची की मासूमियत देखकर पुलिस विभाग का दिल पसीज गया. बच्ची को फिलहाल हमने फर्रुखाबाद की एक महिला पुलिस कर्मचारी रजनी के पास रखा है. उसकी अच्छी देखभाल हो रही है.’ उन्होंने कहा, ‘मेरी ख्वाहिश है कि बच्ची को मैं अपनी तरह एक आईपीएस अफसर बनाऊं. मैं बैंक में एक खाता खुलवा रहा हूं, जिसमें मैं हमेशा पैसे डालता रहूंगा ताकि गौरी की शिक्षा और परवरिश में कोई दिक्कत ना आए.’

अगर कोई उसे गोद लेता है तो भी मैं उसकी परवरिश पर नजर रखूंगा: आईजी

अग्रवाल ने कहा कि गौरी को गोद लेने के लिए देश-विदेश से कई लोगों ने संपर्क किया है. लेकिन हम पूरी जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी किए बगैर उसे किसी को नहीं दे सकते हैं. ‘अगर कोई परिवार उसे गोद लेता भी है तो मैं उसकी परवरिश पर व्यक्तिगत रूप से नजर रखूंगा.’ अग्रवाल ने कहा कि हमारा प्रयास होगा कि इस बच्ची को पुलिस में कार्यरत कोई दम्पत्ति गोद लें ले, ताकि उसे बेहतर परवरिश मिल सके.

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First published: February 3, 2020, 2:46 PM IST
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