फर्रुखाबाद में आर्थिक तंगी से जूझ रहे मजदूर ने की खुदकुशी! DM बोले- घर में था पर्याप्त राशन

नियमों का सख्ती से पालन करने की हिदायत दी गई है. (Demo PIc)

इस मामले में जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने बताया कि एसडीएम से जानकारी मांगी गई है. अंत्योदय कार्ड धारक चुन्नीलाल को 35 किलो अनाज निःशुल्क मिला था. इसके अलावा 15 अप्रैल के बाद 10 किलो चावल भी दिया गया था.

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फर्रुखाबाद. पूरी दुनिया में डर और दहशत का दूसरा नाम बन चुके कोरोना वायरस (COVID-19) से लड़ रहे देश में लॉकडाउन (Lockdown) है. वहीं लॉकडाउन का असर गरीबों की जिंदगी पर भारी पड़ रहा है. ताजा मामला शनिवार को फर्रुखाबाद में सामने आया है, जहां आर्थिक तंगी से परेशान होकर एक युवक ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली. आसपास के लोगों ने पुलिस को मामले की सूचना दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में पोस्टमार्टम के लिए भेजा. वहीं डीएम का दावा है कि राशन तो भरपूर था, लेकिन मानसिक रूप से परेशान होकर युवक ने ऐसा कदम उठाया है.

बता दें कि फर्रुखाबाद में अभी तक कोरोना पाॅजिटिव का कोई भी केस सामने नहीं आया है. लेकिन लाॅकडाउन के कारण रोजगार छिन जाने से भुखमरी की कगार पर जा पहुंचे एक मजदूर ने आम के बाग में फांसी लगाकर जान दे दी. जानकारी के मुताबिक थाना नवाबगंज क्षेत्र के गांव हईपुर में चुन्नीलाल बाथम मजदूरी करके अपने परिवार का पालन पोषण करता था. लेकिन पिछले एक माह से लाॅकडाउन की घोषणा होने के बाद से ही 35 वर्षीय चुन्नीलाल का काम बंद था.

बताया जा रहा है कि चुन्नीलाल रोजगार न होने के कारण अपने परिवार का भरण-पोषण करने में अक्षम साबित हो रहा था. इससे आए दिन घर में कलह हो रही थी, जिसके कारण चुन्नीलाल डिप्रेशन में चला गया था. यही वजह थी कि परेशान होकर उसने फांसी लगाकर जान दे दी. परिजनों के अनुसार, चुन्नीलाल के घर पर खाने को कुछ भी नहीं था. वहीं उसके पास खेत व मकान नहीं हैं. लाॅकडाउन से पहले वह बनारस काम करने गया था, लेकिन लाॅकडाउन जारी होने के बाद वापस घर आ गया था.

क्या बोले डीएम

बता दें कि चुन्नीलाल शुक्रवार को जब अपने घर नहीं पहुंचा तो उनकी 7 वर्षीय बेटी सलोनी और 4 वर्षीय बेटा आयुष उनकी तलाश करने निकले. गांव के बगीचे में पेड़ से पिता का शव लटकता देख उनके होश उड़ गए. उन्होंने तत्काल मां कमला देवी को सूचना दी. घटनास्थल पर ग्रामीणों की भीड़ लग गई. इसके बाद मौके पर पहुंच पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. इस मामले में जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने बताया कि एसडीएम से जानकारी कराई गई है. अंत्योदय कार्ड धारक चुन्नीलाल को 35 किलो अनाज निःशुल्क मिला था. इसके अलावा 15 अप्रैल के बाद 10 किलो चावल भी दिया गया था. दो साल पहले उसका एक्सिडेंट हुआ था. इसके बाद से वह मानसिक रूप से परेशान चल रहा था. उसके घर में पर्याप्त खाद्यान्न था.

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