लाइव टीवी

...जब सीएम योगी ने खुद संभाला मोर्चा, जानिए 11 घंटे के फर्रुखाबाद ऑपरेशन की पूरी कहानी
Farrukhabad News in Hindi

Ajayendra Rajan | News18 Uttar Pradesh
Updated: January 31, 2020, 3:25 PM IST
...जब सीएम योगी ने खुद संभाला मोर्चा, जानिए 11 घंटे के फर्रुखाबाद ऑपरेशन की पूरी कहानी
आरोपी ने जन्‍मदिन के बहाने बच्‍चों को घर पर बुलाया था.

अभी तक डीजीपी ओपी सिंह (DGP OP SIngh) अपने स्तर से चीजें हैंडल कर रहे थे, लेकिन जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) को फर्रुखाबाद की घटना का पता चला तो खुद सीएम ने मोर्चा संभाल लिया. सीएम योगी ने तत्काल सारी बैठकें और महत्वपूर्ण कार्यक्रम रद्द कर दिए और क्राइसिस मैनेजमेंट टीम की आपात बैठक बुला ली.

  • Share this:
लखनऊ. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के फर्रुखाबाद (Farrukhabad) में गुरुवार को सुभाष बॉथम (Subhash Bothom) नाम के शख्स द्वारा दो दर्जन बच्चों को बंधक (Hostage) बनाए जाने की घटना ने उत्तर प्रदेश सरकार (UP Government) को हिलाकर रख दिया. शुरुआत में तो घटना पर स्थानीय पुलिस अपने स्तर से बातचीत और मामला शांत कराने की कोशिश करती रही. लेकिन सुभाष बॉथम द्वारा फायरिंग और बम फेंकने के साथ-साथ पुलिसकर्मी व ग्रामीणों को घायल करने के बाद सबकी समझ में आ गया कि मामला संगीन है. खबर लखनऊ तक पहुंच चुकी थी. अभी तक डीजीपी ओपी सिंह अपने स्तर से चीजें हैंडल कर रहे थे, लेकिन जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) को इसका पता चला तो खुद सीएम ने मोर्चा संभाल लिया. जानकारी मिलते ही सीएम योगी ने तत्काल सारी बैठकें और महत्वपूर्ण कार्यक्रम रद्द कर दिए और क्राइसिस मैनेजमेंट टीम की आपात बैठक बुला ली.

इसके बाद मौके पर एटीएस कमांडो भेजने के साथ ही एनएसजी तक को सूचना देने की कवायद शुरू हुई. यही नहीं, सीएम योगी ने बीच मीटिंग से एडीजी एटीएस (ADG ATS) को भी घटनास्थल पर भेज दिया. खास बात ये रही कि आधी रात के बाद तक सीएम योगी लगातार ऑपरेशन को मॉनीटर करते रहे, जब तक एक-एक बच्चा सकुशल अपने घर नहीं पहुंच गया.

अफसरों को सीएम ने साफ शब्दों में निर्देश दिया था कि एक भी बच्चे को खरोंच नहीं आनी चाहिए. हमारी प्राथमिकता सिर्फ और सिर्फ बच्चों को जल्द से जल्द सुरक्षित छुड़ाने की होनी चाहिए, इसके लिए जो भी जरूरी कार्रवाई करनी पड़े, करिए. आखिरकार देर रात पुलिस ने सुभाष बॉथम को मार गिराया और सभी 23 बच्चों को सकुशल मुक्त करा लिया.



असलहे, विस्फोटक के साथ एलपीजी सिलेंडर कर रखे थे इकट्ठा



पुलिस के अनुसार यह एक बेहद खतरनाक आपरेशन था. बच्चों को अपनी बेटी के जन्मदिन पार्टी के बहाने धोखे से बंधक बनाने वाले सनकी अपराधी के पास न सिर्फ अवैध असलहे थे, बल्कि उसने विस्फोटक भी जमा कर रखा था. इतना ही नहीं, धमाके को अंजाम देने की योजना के साथ उसने एलपीजी सिलेंडर भी इकट्ठा कर रखे थे.

...जब जन्मदिन पार्टी से बच्चे नहीं लौटे
गुरुवार दोपहर घटना की जानकारी तब हुई, जब बच्चे अपने घर नहीं पहुंचे. इस दौरान एक बच्चे की मां करीब पौने 4 बजे अपने बच्चे को ढूंढते हुए अपराधी के घर पर पहुंची. जब उसने दरवाजा खटखटाया, तो अंदर से आवाज आई कि तुम्हारे ही नहीं, सारे बच्चों को बंधक बना लिया है, सबको मार कर घर उड़ा दूंगा.

पुलिस, ग्रामीणों को देखते ही फायरिंग करने लगा शख्स
बदहवास महिला ने इसकी सूचना ग्रामीणों को दी, जिसके तुरंत बाद 112 की पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस और ग्रामीणों को देखते ही अपराधी ने फायर करना शुरू कर दिया. मौके पर मौजूद पुलिस और लोगों ने उसे समझाने का प्रयास किया, तो वह अजीबोगरीब बातें करता रहा और बीच-बीच में फायर भी करता रहा. इसी दौरान जब स्थानीय विधायक पहुंचे और उसे सूचना दी गई तो उसने विधायक समझकर ताबड़तोड़ फायर किया. यही नहीं उसने बम भी फेंके. इसमें ग्रामीण अनुपम दुबे, कोतवाल राकेश कुमार, दीवान जयवीर सिंह और सिपाही अनिल कुमार घायल हो गए.

फायरिंग के बाद लखनऊ से शुरू हुआ एक्शन
इसके बाद लखनऊ से घटना पर एक्शन शुरू हो गया. सीएम कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार यह एक बेहद कठिन ऑपरेशन था, क्योंकि 9 महीने की मासूम से लेकर छोटे-बड़े 23 बच्चे एक सनकी अपराधी के बंधक थे. अंदर क्या हो रहा है? किसी को पता नहीं चल पा रहा था. अंदर से बार-बार सिर्फ यही धमकी आ रही थी कि सबको मार डालूंगा, घर उड़ा दूंगा.

सीएम ने बुलाई आपात बैठक, दिए ये निर्देश
इसके बाद सीएम योगी ने खुद मोर्चा संभालते हुए आपात बैठक बुलाई और अफसरों को साफ निर्देश दिए कि बच्चों का बचाना प्राथमिकता है. लेकिन ध्यान रहे कि किसी भी बच्चे को कुछ न हो. अपराधी को बातचीत में उलझाकर पुलिस घर में घुसकर बच्चों को सकुशल बाहर निकालने का ऑपरेशन करे. इसी रणनीति पर काम करते हुए रात करीब 10 बजे पुलिस ने 9 महीने की एक बच्ची को सुरक्षित रेस्क्यू करा लिया. साथ ही अपराधी को बातचीत में उलझाए रखा.

युवक ने रखी मांग- हर बच्चे के लिए एक करोड़ दो
पुलिस के अनुसार बातचीत के दौरान अपराधी ने एक बार कहा कि हर बच्चे के हिसाब से एक करोड़ रुपए यानी कुल 23 करोड़ रुपए दे दो, सबको छोड़ दूंगा. उसने ये भी कहा कि पहले भी सजा हो चुकी है. मुझे डर नहीं लगता. सबको मार कर भाग जाऊंगा. पुलिस उसे उलझाने के लिए समझाती रही कि थोड़ा वक्त दो, पर इसी बीच अचानक उसका रवैया बदला. उसने कहा मुझे कोई बातचीत नहीं करनी, मैं घर को उड़ाने जा रहा हूं.

ग्रामीणों के मदद से मकान में घुसी पुलिस
इस बीच कुछ ग्रामीणों ने देखा कि उसने ज्वलनशील पदार्थ फैलाना शुरू कर दिया है. अंदर से एक धमाके की आवाज भी आई, जिसका इस्तेमाल उसने एक दरवाजे के पास किया था. इसके बाद पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से मकान के पिछले हिस्से का दरवाजा तोड़ा और घर के अंदर घुस गए. डरे-सहमे बच्चे घर के अंदर अंधेरे में तहखाने के एक कोने में कैद थे. पुलिस को घुसते देख अपराधी ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में अपराधी को मार गिराया गया.

आरोपी की पत्नी को ग्रामीण ने पीटा, अस्पताल में मौत
इधर, आरोपी सुभाष के मारे जाने के बाद उसकी पत्नी रूबी ने भागने का प्रयास किया, तो ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई की. पुलिस ने घायल रूबी को भीड़ के कब्जे से छुड़ाया और इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया जहां उसकी मौत हो गई.

ये भी पढ़ें:

बंधक संकट खत्म, सभी 23 बच्चे छुड़ाए गए, पुलिस मुठभेड़ में मारा गया सिरफिरा

23 बच्चों को बंधक बनाने वाले सिरफिरे की पत्नी को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए फर्रुखाबाद से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: January 31, 2020, 1:42 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
corona virus btn
corona virus btn
Loading