उप्र : फतेहपुर में 1066 इंटरमीडिएट परीक्षार्थी फर्जी घोषित

यूपी बोर्ड ने फतेहपुर में इंटरमीडिएट के 1066 परीक्षार्थियों को फर्जी करार दिया है.

आईएएनएस
Updated: December 30, 2017, 1:06 AM IST
उप्र : फतेहपुर में 1066 इंटरमीडिएट परीक्षार्थी फर्जी घोषित
माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश (फाइल फोटो)
आईएएनएस
Updated: December 30, 2017, 1:06 AM IST
यूपी बोर्ड ने फतेहपुर में इंटरमीडिएट के 1066 परीक्षार्थियों को फर्जी करार दिया है. पूरा मामला अब प्रधानाचार्यों के मत्थे मढ़ता नजर आ रहा है.

अगर परीक्षा फार्मो के अग्रसारण में प्रधानाचार्य ऑनलाइन विधि से जांच करते तो इस तरह का प्रकरण होता ही नहीं. डीआईओएस का कहना है कि प्रधानाचार्यो द्वारा लापरवाही बरती गई है, जिसके चलते 1066 परीक्षार्थी फर्जी करार दिए गए हैं.

उन्होंने कहा कि संबंधित केंद्र के प्रधानाचार्य अपना जवाब 30 दिसंबर तक पेश करेंगे.

उल्लेखनलीय है कि इंटर मीडिएट के फर्जी परीक्षार्थी पकड़े जाने के प्रकरण में प्रथम दृष्टया लापरवाही उजागर हो रही है. परीक्षा फार्मों को अग्रसारित करने से पूर्व अगर प्रधानाचार्य अंकपत्रों का ऑनलाइन विधि से जांच करते तो फजीहत से बच सकते थे.

हाईस्कूल पास होने के बाद कक्षा 11 में भी फर्जी पंजीयन को जांच को आधार मानकर आगे की कार्रवाई को गतिमान किया जा रहा है. आने वाले समय में यह भी परेशानी का सबब बन सकता है. बोर्ड ने इंटरमीडिएट की परीक्षा देने की तैयारी की कतार में खड़े फतेहपुर के 1066 प्राइवेट परीक्षार्थियों को फर्जी करार देकर शिक्षा जगत में हड़कंप मचा दिया है तो शिक्षा माफियाओं के शातिराना खेल का पदार्फाश कर दिया है.

शिक्षा जगत से ताल्लुक रखने वाले माफियाओं ने हाईस्कूल के फर्जी अंक पत्र से एक साल पहले कक्षा 11 में पंजीयन कराया. इसके बाद इसी फर्जी मार्कशीट के आधार पर इन छात्र-छात्राओं को इंटरमीडिएट का परीक्षार्थी बना दिया था.

फर्जीवाड़ा उजागर करने में नि:संदेह बोर्ड की जागरूकता काम आई और फतेहपुर के जिले के पांच केंद्रों के 1066 फर्जी परीक्षार्थी पकड़े. जिला विद्यालय निरीक्षक महेंद्र प्रताप सिंह का कहना रहा कि अंकपत्रों का मिलान ऑनलाइन सिस्टम से किया जाना चाहिए था. संबंधित केंद्र के प्रधानाचार्य परिषद में अपना जवाब दावा 30 दिसंबर को खुद रखेंगे.
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