पंचायत चुनाव से पहले अवैध शस्त्र फैक्ट्री का भंडाफोड़, कारीगर समेत सप्लायर गिरफ्तार

फतेहपुर में अवैध असलहा फैक्ट्री का भंडाफोड़

Fatehpur Police: त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए जिले में अपराधियों के खिलाफ धरपकड़ की कार्यवाई की जा रही है. इसी कड़ी में मलवा और ललौली पुलिस ने दो अलग-अलग संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर अवैध शस्त्र फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया.

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    फतेहपुर. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के फ़तेहपुर (Fatehpur) जिले में पुलिस (Police) ने दो अलग-अलग जगहों पर दबिश डालकर अवैध शस्त्र बनाने वाली फैक्ट्री (Illegal Arms Factory) का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने मौके से 22 बने एवं अधबने हथियार के साथ भारी मात्रा में हथियार बनाने के उपकरण बरामद किए हैं. छापेमारी के दौरान पुलिस ने सप्लायर के साथ एक कारीगर को भी गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक पंचायत चुनाव में अवैध हथियार बनाकर बड़े पैमाने पर खपाने की तैयारी थी.

    मलवा थाना प्रभारी अरविंद कुमार सिंह ने टीम के साथ मंगलवार भोर पहर करीब सवा तीन बजे मुगल रोड कोराई स्थित झाड़ियों से रामविलास निवासी वामनतारा थाना गाजीपुर को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ के दौरान अवैध शस्त्र फैक्ट्री से 315 बोर के आठ तमंचे, 12 बोर के दो तमंचे व अ‌र्द्धनिर्मित 315 बोर के पांच तमंचे, पांच नाल, दो जिंदा कारतूस व एक खोखा कारतूस के साथ पंखी, ब्लेड, 50 छेनी, एक रॉड, तीन सुम्भी, तीन स्प्रिंग, तीन नोज लोहा, पांच पीतल के टुकड़े, सुहागा, 50 ग्राम लोहे का तार, कमानी आदि बरामद किया.

    उधर ललौली थाने के बहुआ चौकी प्रभारी प्रवीण कुमार व दतौली चौकी प्रभारी मुकेश कुमार सिंह ने स्वॉट टीम की मदद से हुसेनगंज कस्बा के बारहमील बाजार स्थित अवैध शस्त्र फैक्ट्री में छापेमारी कर कारीगर शिवप्रसाद विश्वकर्मा निवासी भोलापुर थाना हुसेनगंज को गिरफ्तार कर लिया. फैक्ट्री में तलाशी के दौरान 315 बोर के चार तमंचे, 12 बोर दो असलहे व एक 315 बोर का बने अधबने हथियार बरामद किया गया. साथ ही हथौड़ी, रिंच, स्प्रिंग, लोहे की राड, छेनी, रेती, लोहे की चादर, आरी, कोयला आदि उपकरण भी बरामद किया।

    दोनों का रहा है आपराधिक इतिहास
    पुलिस के हत्थे चढ़े रामविलास को वर्ष 2000 में इसी मामले में जेल भेजा था. जेल से छूटने के बाद से वर्षों तक इसने शस्त्र बनाने का काम छोड़ दिया। वर्ष 2008 से फिर इसने काम शुरू कर दिया था. तबसे ये असलहा बनाकर जिले समेत पड़ोसी जिले में आपूर्ति करता था. उधर, शिवप्रसाद विश्वकर्मा वर्ष 2009 में एक हत्या के मामले में जेल जा चुका है. जेल से छूटने के बाद ये चोरी छिपे शस्त्र कारखाने का संचालन कर रहा था. पुलिस के मुताबिक पकड़े गए असलहा सप्लायर व कारीगर एक असलहा पांच हजार रुपये में बेचते थे. इनके यहां फतेहपुर, बांदा और कौशांबी तक के खरीददार आते थे.

    एसपी ने कही ये बात
    एसपी सतपाल अंतिल ने बताया कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए जिले में अपराधियों के खिलाफ धरपकड़ की कार्यवाई की जा रही है. इसी कड़ी में मलवा और ललौली पुलिस ने दो अलग-अलग संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर अवैध शस्त्र फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया. पुलिस ने मौके से 22 बने व अधबने अवैध हथियार के साथ एक सप्लायर और कारीगर को भी गिरफ्तार किया है. दोनों आरोपी अलग-अलग कारखाने में अवैध हथियारों की बड़ी खेप तैयार कर पंचायत चुनाव में बिक्री करने की फिराक में थे, लेकिन पुलिस ने उससे पहले छापेमारी कर बड़ी कार्यवाई की है. पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ आ‌र्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा गया है.

    (रिपोर्ट- धारा सिंह)