फतेहपुर: गरीबों को ही नहीं मिल रहा PM आवास योजना का लाभ, धांधली के आरोप पर जांच का आदेश

फतेहपुर में गरीबों के लिए आवास योजना में धांधली का आरोप
फतेहपुर में गरीबों के लिए आवास योजना में धांधली का आरोप

Fatehpur News: मामला तेलियानी ब्लॉक के अलादातपुर ग्राम सभा का है. आरोप है की एडीओ पंचायत और डीपीआरओ के साठ-गांठ के चलते पात्र लाभार्थियों के स्थान पर अपात्रों को पीएम आवास योजना का लाभ दिया जा रहा है.

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फतेहपुर. उत्तर प्रदेश के फतेहपुर (Fatehpur) जनपद में प्रधानमंत्री आवास योजना (PM House Scheme) में व्‍यापक पैमाने पर धांधली सामने आई है. गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों को ही पीएम आवास योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि उनका नाम पात्रता सूची में शामिल है, इसके बाद भी एडीओ (पंचायत) ने सत्यापन के दौरान उन्हें अपात्र घोषित कर दिया. मामला तेलियानी ब्लॉक के अलादातपुर ग्राम सभा का है. आरोप है की एडीओ पंचायत और डीपीआरओ के साठ-गांठ के चलते पात्र लाभार्थियों के स्थान पर अपात्रों का चयन कर लाभ पहुंचाया जा रहा है.

सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद भी सैकड़ों परिवार झुग्गी-झोपड़ी में रहने को क्यों मजबूर है, इन सवालों के जवाब में डीपीआरओ आनंद राज सरोज ने चुप्पी साध रखी है. वहीं इस पूरे मामले में ग्राम प्रधान ने डीएम संजीव सिंह को पत्र लिखा है. जिसके बाद डीएम ने मामले की जांच मुख्य विकास अधिकारी को सौंपी है.

50 से अधिक परिवार झोपड़ियों में रहने को मजबूर
फतेहपुर में अलादातपुर गांव आज भी बदहाली का शिकार है. इस गांव में 50 से अधिक परिवार ऐसे है, जो पिछले 20 सालों से झुग्गी-झोपड़ी में रहने को मजबूर है. ग्रामीणों को इस बात का खासा मलाल है कि उनका नाम पात्रता सूची में तो आता है, लेकिन निजी स्वार्थ में डूबे अधिकारियों के बदौलत फिर उन्हें अपात्र घोषित कर उनके गरीबी का मज़ाक बनाया जाता है.
गरीबों के उम्मीदों पर फिरा पानी


गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले श्रवण कुुुमार आज भी झोपड़ी में रहते हैं. पिता के देहांत के बाद वह मेहनत-मजदूरी कर बमुश्किल परिवार के लिए दो वक्त की रोटी का बंदोबस्त कर पाते हैं. जब प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की शुरुआत हुई तो गरीबी का दंश झेल रहे श्रावण को बड़ी उम्मीद थी कि अब उसे एक अदद पक्‍का मकान तो जरूर मिलेगा, लेकिन प्रशासनिक लापरवाही और बेदम व्‍यवस्‍था की वजह से श्रवण आज तक प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ से वंचित है.

बारिश में टूटती है आफत
गुड़िया देवी बताती है कि बारिश के दिनों में उनका पूरा परिवार परेशान रहता है. एक तरफ हमेशा झुग्गी-झोपड़ी ढहने का खतरा बना रहता है तो वहीं दूसरी तरफ झुग्गियों में पानी टपकता रहता है. जिससे उनका पूरा समान पानी में भीग कर खराब हो जाता है.

बिचौलियों की वजह से नहीं मिल रहा मकान
गांव की रेशमा कहती हैं कि जब देश में मोदी सरकार आई तो उन्हें बड़ी उम्मीद थी कि अब शायद उन्हें पक्का मकान नसीब होगा, लेकिन बेदम व्यवस्था के चलते समय बीतता गया और जब कई सालों बाद उनका नाम पात्रता सूची में आया भी तो बिचौलियों के हेराफेरी में उन्हें अपात्र घोषित कर दिया गया. उन्‍होंने बताया कि जब वह प्रेग्नेंट थीं तब बारिश के दिनों में वो बेहाल थी. झुग्गियों में पानी टपक रहा था और वह अपने परिवार के साथ गीले बिस्तर पर रात काटने को मजबूर थी.

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने पीएम आवास योजना का शुभारंभ 25 जून 2015 को किया था. सरकार का सपना है कि 2022 तक इस योजना के तहत 20 लाख घरों का निर्माण कराया जाएगा. इनमे 18 लाख ग्रामीण क्षेत्रों में झुग्गी-झोपड़ी वालों के लिए लक्ष्य निर्धारित किया था. लेकिन फतेहपुर में प्रशासनिक लापरवाही और बेदम व्यवस्था के चलते सरकार के सपनो पर संकट मंडरा रहा है.
(रिपोर्ट: धारा सिंह)
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