फतेहपुर: तीन दर्जन से अधिक घरों को गिराने का नोटिस, लोगों ने डीएम से लगाई रहम की गुहार

ग्रामीणों ने मकान गिराने का नोटिस मिलने के बाद डीएम से लगाई गुहार
ग्रामीणों ने मकान गिराने का नोटिस मिलने के बाद डीएम से लगाई गुहार

जिन ग्रामीणों को अभी तक प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ तक नहीं मिला, एसडीएम साहब उनका बसा बसाया आशियाना उजाड़ने का फरमान जारी कर दिया है.

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फतेहपुर. फतेहपुर (Fatehpur) जिले के सदर तहसील के एकारी गांव में तीन दर्जन से अधिक परिवारों को सदर एसडीएम ने मकान गिराने का नोटिस (Notice) जारी किया है. आज़ादी से पहले बने इन ग्रामीणों के मकानों को राजस्व विभाग ने अवैध कब्जे धारक घोषित किया है. ग्रामीणों को एक महीने के भीतर खुद मकान गिराने का नोटिस मिलते ही गांव में खलबली मच गई. परेशान ग्रामीणों ने शनिवार को जिला पंचायत सदस्य वीरेंद्र कुमार के साथ कलेक्ट्रेट का घेराव किया. ग्रामीणों ने एसडीएम की कार्यवाई पर जमकर विरोध-प्रदर्शन किया. जिलाधिकारी संजीव सिंह को ज्ञापन सौंपते हुए न्याय की गुहार लगाई है. डीएम ने ग्रामीणों की समस्या सुनने के बाद समाधान करने का आश्वासन दिया है.

महिलाओं ने किया कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन

कलेक्ट्रेट परिसर में रोती-बिलखती ग्रामीण महिलाएं एसडीएम की कार्यवाई पर डीएम को अपनी गरीबी और लाचारी की दास्तान सुनाई. जिन ग्रामीणों को अभी तक प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ तक नहीं मिला, एसडीएम साहब उनका बसा बसाया आशियाना उजाड़ने का फरमान जारी कर दिया है. ग्रामीणों को एसडीएम की कार्यवाई पर उतना मलाल नहीं जितना वह अपनी गरीबी पर खुद को कोस रहें है.



विकास से कोसो दूर है गांव
दोआबा की धरती पर बसा एकारी गांव वैसे भी आज़ादी के कई दशक बीत जाने के बाद भी बदहाली पर आंसू बहा रहा है. वहां के लोग मेहनत मजदूरी करके बमुश्किल दो जून की रोटी जुटा पाते है. ऐसे में न उनके पास खुद की जमीन है और न ही खेत है, जिससे कि वह अपने परिवार का भरण पोषण कर सके. ग्रामीणों ने कभी सपने में भी नही सोंचा था कि उनके जिस झोपड़नुमा या फिर कच्चे मकानों की चौखट पर पीढ़ी दर पीढ़ी गुजर गई हो, अब उसे एसडीएम साहब अवैध करार दे रहें है.

ग्राम समाज की जमीन पर बने हैं घर

एसडीएम सदर के रिपोर्ट के मुताबिक एकारी गांव में ग्रामीणों ने ग्राम समाज की सरकारी जमनी पर कई वर्षों से अवैध कब्ज़ा कर मकान बनवा रखा है. मौके की जांच और पैमाइस के बाद कब्ज़े धारकों को जमीन खाली करने के लिए नोटिस जारी किया गया है. सभी कब्जे धारकों को एक महीने के अंदर जमीन खाली करने के लिए निर्देश दिए गए है. नोटिस के मुताबिक निर्धारित अवधि पर जमीन नहीं खाली करने पर अवैध अतिक्रमण पर कार्यवाई की जाएगी.

डीएम ने दिया समाधान का आश्वासन

एसडीएम की नोटिस मिलने के बाद ग्रामीणों का खाना पीना हराम हो गया. उन्हें अपने झोपड़नुमा मकानों की चिंता सताने लगी. इस सदमे में कई तो बीमार हो गए. ग्रामीणों की यह हालत देख स्थानीय जिला पंचायत सदस्य वीरेंद्र कुमार उन्हें लेकर शनिवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे. कलेक्ट्रेट परिसर में ग्रामीण महिलाएं छाती पीट-पीटकर रोते बिलखते जिलाधिकारी ने न्याय मांगने लगी. ग्रामीणों की समस्या पर जिलाधिकारी संजीव सिंह ने समाधान करने का आश्वासन दिया है.

(रिपोर्ट: धरा सिंह) 
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