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शिवपाल-अखिलेश की लड़ाई ने बढ़ा दी इस अदाकारा की मुश्किल

शिवपाल-अखिलेश की लड़ाई ने बढ़ा दी इस अदाकारा की मुश्किल

अखिलेश यादव और जयापद्रा की फाइल तस्वीर.

अखिलेश यादव और जयापद्रा की फाइल तस्वीर.

लंबे समय से फिल्मी और राजनीतिक हलचल से दूर जयापद्रा से कैबिनेट मंत्री का दर्जा छीने जाने से वह अचानक खबरों में आ गई हैं. जयाप्रदा की बर्खास्तगी को अमर सिंह से अखिलेश की नाराजगी के तौर पर देखा जा रहा है.

  • Pradesh18
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    उत्तर प्रदेश की राजनीति में वर्चस्व की लड़ाई के बीच मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और चाचा शिवपाल यादव एक दूसरे के समर्थकों पर कार्रवाई करने का एक भी मौका नहीं गंवा रहे हैं. अखिलेश यादव ने शिवपाल यादव और उनके समर्थक मंत्रियों को बर्खास्त कर दिया. इसके जवाब में शिवपाल ने अपने भाई और पार्टी में नंबर दो की हैसियत रखने वाले रामगोपाल यादव को अखिलेश का समर्थन करने की सजा देते हुए पार्टी से छह साल के लिए निकाल दिया. चाचा-भतीजे की इस लड़ाई में बॉलीवुड की अदाकारा जयापद्रा भी एक मोहरे के रूप में दिखीं.

    लंबे समय से फिल्मी और राजनीतिक हलचल से दूर जयापद्रा से कैबिनेट मंत्री का दर्जा छीने जाने से वह अचानक खबरों में आ गई हैं. जयाप्रदा की बर्खास्तगी को अमर सिंह से अखिलेश की नाराजगी के तौर पर देखा जा रहा है.जयापद्रा के कुछ फैंस टि्वटर पर सवाल पूछ रहे हैं कि इस अभिनेत्री की भला क्या गलती है जो सपा के लोग जब चाहे उन्हें पार्टी से बाहर कर देते हैं?

    जानें क्यों हर बार पार्टी से निकाली जाती हैं जयापद्रा

    -अपने जमाने की मशहूर अभिनेत्री जयापद्रा को अमर सिंह पहली बार समाजवादी पार्टी में लेकर आए.

    -जयाप्रदा साल 2004 और 2009 के लोकसभा चुनाव में रामपुर सीट से समाजवादी पार्टी के टिकट पर जीतीं और सांसद बनीं.

    - एक वक्त में जयापद्रा सपा की स्टार प्रचारक थीं. अमर सिंह इनका इस्तेमाल सपा की रैलियों में भीड़ जुटाने के लिए किया करते थे. यही वजह थी मुलायम सिंह यादव भी राजनीतिक रूप से जयाप्रदा पर मेहरबान थे.

    - 2009 में अमर सिंह और आजम खान के बीच झगड़ा शुरू हो गया था. झगड़ा यहां तक बढ़ गया कि आजम खान को पार्टी से निकाल दिया गया. इसके बाद से आजम अमर सिंह के साथ उनके करीबी जयापद्रा से भी कफा हो गए.

    -11 मई 2009 को जयाप्रदा ने समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान पर उनकी नग्न तस्वीरों का वितरण करने का आरोप लगाया.

    -2011 में अखिलेश यादव ने जब पार्टी के प्रचार आदि का जिम्मा अपने हाथों में लिया तो आजम खान की पार्टी में वापसी हो गई. इसके बाद अमर सिंह और जयापद्रा को पार्टी से बाहर कर दिया गया. यानी यहां भी अमर सिंह से करीबी रिश्ते के चलते जया सपा से निकाली गईं.

    - छह साल के वनवास के बाद इस बार अमर सिंह जब दोबारा सपा में लौटे तो जयापद्रा भी उनके साथ आईं. अमर सिंह के आग्रह पर ही अखिलेश यादव ने जयापद्रा को उत्तर प्रदेश फिल्म विकास परिषद का वरिष्ठ उपाध्यक्ष बनाया और कैबिनेट मंत्री की सुविधा दी.

    -अब मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और चाचा शिवपाल यादव के बीच वर्चस्व की लड़ाई शुरू हुई तो इसके लिए अमर सिंह को दोषी बताया जा रहा है. इस बात से गुस्साए सीएम अखिलेश ने जयापद्रा पर गाज गिरा दी और उनसे कैबिनेट मंत्री का दर्जा छिन लिया.

    - फिल्मों में शानदार अदाकारी के लिए जानी जाने वाली इस अभिनेत्री का राजनीतिक जीवन भी काफी चर्चित रहा. वह कभी भारी अंतर से जीत के लिए चर्चा में रहीं, तो कभी अपनी ही पार्टी के नेता पर आरोप लगाने की वजह से.

    -जयाप्रदा को वर्ष 1994 में उनके पूर्व साथी अभिनेता एनटी रामाराव ने तेलुगु देशम पार्टी में प्रवर्तित किया. बाद में उन्होंने रामाराव से नाता तोड़ लिया और पार्टी के असंतुष्ट नेता चंद्रबाबू नायडू के गुट में शामिल हो गईं.

    - 1996 में उन्हें आंध्रप्रदेश का प्रतिनिधित्व करने के लिए राज्यसभा में मनोनीत किया गया.

    -तेलुगु देशम पार्टी की कमान जब चंद्रबाबू नायडू के हाथ में आई तो उनसे मतभेद के बाद वह समाजवादी पार्टी में शामिल हो गईं.

    आपके शहर से (लखनऊ)

    Tags: Akhilesh yadav, Amar singh, BJP, Jaya prada, Ram Gopal Yadav, Shivpal singh yadav

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