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अमेठी : जाली दस्तावेजों के सहारे नौकरी कर रहे थे 5 शिक्षक, BSA ने दिए FIR के आदेश, पूरे वेतन की भी होगी वसूली

अमेठी : जाली दस्तावेजों के सहारे नौकरी कर रहे थे 5 शिक्षक, BSA ने दिए FIR के आदेश, पूरे वेतन की भी होगी वसूली

इन शिक्षकों को तैनाती मिलने के कुछ दिन बाद फिरोजाबाद के एक व्यक्ति ने पांचों शिक्षकों के खिलाफ शासन में शिकायत की थी.

इन शिक्षकों को तैनाती मिलने के कुछ दिन बाद फिरोजाबाद के एक व्यक्ति ने पांचों शिक्षकों के खिलाफ शासन में शिकायत की थी.

Amethi News: इन शिक्षकों को तैनाती मिलने के कुछ दिन बाद फिरोजाबाद के एक व्यक्ति ने पांचों शिक्षकों के खिलाफ शासन में शिकायत की थी. शिकायतकर्ता का कहना था कि इसी नाम के पांच शिक्षक फिरोजाबाद के अलग-अलग विद्यालय में कार्यरत हैं. शिकायतकर्ता ने यहां तक कहा कि एक नाम पर फिरोजाबाद व अमेठी में कार्यरत इन शिक्षकों के नाम ही नहीं पता, पैन कार्ड, आधार कार्ड व हाईस्कूल समेत सभी शैक्षिक अभिलेख के विषय, अनुक्रमांक, पूर्णांक व प्राप्तांक तक एक हैं.

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अमेठी. उत्तर प्रदेश के अमेठी (Amethi News) में जाली दस्तावेजों के सहारे परिषदीय स्कूल में सहायक अध्यापक की नौकरी हासिल करना पांच शिक्षकों को भारी पड़ा. मामला संज्ञान में आने और जांच में फर्जीवाड़ा की पुष्टि होने के बाद बीएसए (BSA) ने शुक्रवार को पांचों शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया. शिक्षकों को बर्खास्त करने के बाद संबंधित ब्लॉक्स के बीईओ को बर्खास्त शिक्षकों के खिलाफ FIR दर्ज कराते हुए उनसे वेतन की रिकवरी सुनिश्चित कराने का आदेश दिया है.

अमेठी बीएसए अरविंद कुमार पाठक की कार्रवाई से बेसिक शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा है. वर्ष 2016 में आई 16 हजार शिक्षक भर्ती में फिरोजाबाद के अनुपम कुमार सिंह को अमेठी ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय पूरे जिवनंदन तिवारी में नियुक्ति मिली थी. इसी तरह फिरोजाबाद के ही श्याम राठौर को सिंहपुर के प्राथमिक विद्यालय पेडरिया, भारतेंदु सिंह को बाजारशुक्ल के प्राथमिक विद्यालय पूरे बख्तावर, अनुज कुमार सिंह को इसी ब्लॉक के पीएस शेखपुर व कौशलेंद्र यादव को बाजारशुक्ल के ही पूरे पाहा स्थित प्राथमिक स्कूल में बतौर सहायक अध्यापक तैनाती दी गई थी.

शिक्षकों को तैनाती मिलने के कुछ दिन बाद फिरोजाबाद के एक व्यक्ति ने पांचों शिक्षकों के खिलाफ शासन में शिकायत की थी. शिकायतकर्ता का कहना था कि इसी नाम के पांच शिक्षक फिरोजाबाद के अलग-अलग विद्यालय में कार्यरत हैं. शिकायतकर्ता ने यहां तक कहा कि एक नाम पर फिरोजाबाद व अमेठी में कार्यरत इन शिक्षकों के नाम ही नहीं पता, पैन कार्ड, आधार कार्ड व हाईस्कूल समेत सभी शैक्षिक अभिलेख के विषय, अनुक्रमांक, पूर्णांक व प्राप्तांक तक एक हैं.

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इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए शासन ने न सिर्फ फिरोजाबाद व अमेठी के बीएसए बल्कि एसटीएफ को भी जांच करने की जिम्मेदारी दी. जांच के दौरान फिरोजाबाद के तत्कालीन बीएसए डॉ. अरविंद कुमार पाठक (मौजूदा बीएसए अमेठी) ने पाया कि फिरोजाबाद में कार्यरत सभी शिक्षकों के अभिलेख सही हैं. उधर, एसटीएफ ने जांच में पाया कि जो पांच शिक्षक अमेठी में नौकरी कर रहे हैं, उन्होंने फिरोजाबाद में अपने जो पते दिखाए हैं वह फर्जी हैं.

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दो वर्ष पूर्व एसटीएफ की रिपोर्ट मिलने के बाद अमेठी में उपरोक्त सभी शिक्षकों के वेतन आहरण पर रोक लगाते हुए उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी की गई. नोटिस का जवाब नहीं मिलने के बाद शिक्षकों को एक-एक कर तीन नोटिस दी गई, लेकिन उन्होंने एक भी नोटिस का जवाब नहीं दिया. इससे नाराज मौजूदा बीएसए डॉ. अरविंद कुमार पाठक ने तीन-चार माह पूर्व सभी शिक्षकों को अपनी बात व साक्ष्य रखने का अंतिम मौका दिया था. अंतिम मौका मिलने पर भी शिक्षकों के उपस्थित नहीं होने व जवाब नहीं देने के बाद शुक्रवार को बीएसए ने सभी को बर्खास्त कर दिया.

अमेठी बीएसए की ओर से जारी बर्खास्तगी आदेश में संबंधित ब्लॉकों के बीईओ को सभी से नौकरी के दौरान लिए गए संपूर्ण वेतन की रिकवरी कराने व केस दर्ज कराकर अवगत कराने को कहा गया है. बीएसए द्वारा एक साथ पांच शिक्षकों कोबर्खास्त करने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा है.

Tags: Amethi news, Teacher job, UP news

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