Analysis: BJP ने बनाया मास्टर प्लान, फिरोजाबाद में ऐसे टूटेगा यादव परिवार का 'तिलिस्म'

2009 में अखिलेश यादव के फिरोजाबाद सीट खाली करने के बाद हुए उप चुनाव में यादव परिवार को इस सीट पर अपने राजनीतिक जीवन की सबसे बड़ी हार का सामना करना पड़ा था.

Anil Rai | News18 Uttar Pradesh
Updated: April 15, 2019, 4:28 PM IST
Analysis: BJP ने बनाया मास्टर प्लान, फिरोजाबाद में ऐसे टूटेगा यादव परिवार का 'तिलिस्म'
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Anil Rai
Anil Rai | News18 Uttar Pradesh
Updated: April 15, 2019, 4:28 PM IST
2014 के आम चुनावों में भले ही बीजेपी और उसके साथी दलों ने उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से 73 सीटें जीत ली हों लेकिन 7 सीटें अभी भी बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व के लिए अबूझ पहली बनी हुई हैं. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार इन 7 अभेद्य किले को भेदने के लिए नई-नई रणनीति बना रहे हैं. लेकिन क्या 2014 में न टूटने वाले 'किले' इन चुनावों में टूट पाएंगे.

बात करें फिरोजाबाद सीट की तो ये शहर कांच की कारीगरी और चूड़ियां बनाने के लिए जाना जाता है. इस शहर की पहचान सुहागनगरी के नाम से भी है. इस लोकसभा सीट पर पिछले करीब 6 दशक से बाहरी नेता का ही कब्जा रहा है. 2012 के उपचुनाव को छोड़ दें तो 1999 ये से सीट समाजवादी पार्टी के पाले में रही है. दो बार इस सीट से बीएसपी के कद्दावार नेता रामजी लाल सुमन सांसद रहे, जबकि 2014 में पार्टी महासचिव रामगोपाल यादव के बेटे अक्षय यादव चुनाव जीते.

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2009 में अखिलेश यादव के फिरोजाबाद सीट खाली करने के बाद हुए उप चुनाव में यादव परिवार को इस सीट पर अपने राजनीतिक जीवन की सबसे बड़ी हार का सामना करना पड़ा था. परिवार की बहू और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल अपना पहला चुनाव हार गईं थीं. सपा से कांग्रेस में आए राज बब्बर ने इस सीट पर डिंपल यादव को करीब 67 हाजर वोटों से हराया.

डिम्पल और अखिलश यादव (File Photo)


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बीजेपी यादव परिवार की आपसी लड़ाई के बहाने इस सीट पर कब्जा जमाने की कोशिश में है. बीजेपी ने इस बार लोधी राजपूत जाति के चन्द्रसेन को उम्मीदवार बनाया है. इस सीट का जातिगत गणित देखें तो 16 लाख से ज्यादा मतदाताओं वाली इस सीट पर 5 लाख के करीब यादव वोटर हैं. जबकि करीब तीन लाख लोधी वोटर है, यानी करीब आधे वोटर इन दो जातियों से है.
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ऐसे में अगर यादव वोट चाचा-भतीजे में बटता है तो बीजेपी को जरूर इसका फायदा मिलेगा. बीजेपी इस सीट पर पूरी ताकत लगा रही है. इस बात का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पार्टी अध्यक्ष अमित शाह फिरोजाबाद में रैली कर चुके हैं. जबकि केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की रैली प्रस्तावित है.

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