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CAA Protest: फिरोजाबाद में फिर से बंद की गईं इंटरनेट सेवाएं

अफवाहों पर नियंत्रण करने और सुरक्षा की दृष्टि से यूपी के कई जिलों में प्रशासन ने एहतियातन इंटरनेट पर बैन लगा दिया है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

अफवाहों पर नियंत्रण करने और सुरक्षा की दृष्टि से यूपी के कई जिलों में प्रशासन ने एहतियातन इंटरनेट पर बैन लगा दिया है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

जनपद में हालात को नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस-प्रशासन (Police-administration) हर तरीके से मुस्तैद है. पुलिस ने संवेदनशील इलाकों की ड्रोन कैमरे (Drone cameras) से फोटोग्राफी भी कराई है.

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फिरोजाबाद. उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों में CAA और NRC के विरोध में जगह-जगह प्रदर्शन और हिंसा हुई. प्रदेश के फ़िरोज़ाबाद जनपद (Firozabad district) में पिछले जुमे की नमाज के बाद हुए बवाल के बाद प्रशासन अब कोई भी जोखिम मोल नहीं लेना चाहता है. इसी के मद्देनजर प्रशासन ने जनपद में इंटरनेट सेवाओं (Internet services) पर एक बार फिर रोक लगा दी है जिससे कि उपद्रवी सोशल मीडिया (Social media) पर किसी तरह की कोई अफवाह न फैला सकें. लेकिन इंटरनेट सेवा ठप होने से आम लोगों, व्यापारियों, मरीजों, स्टूडेंट्स को खासी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं.

हिंसा में चार लोगों की हुई थी मौत
गौरतलब है कि फिरोजाबाद में हुए हिंसक प्रदर्शनों में चार लोगों की मौत हो चुकी है जबकि पुलिसकर्मियों समेत कई लोग घायल हुए थे. जिला प्रशासन दोषियों पर कार्रवाई के साथ-साथ अफवाहों को रोकने के लिए भी पूरी शिद्दत के साथ लगा हुआ है. जिले में इंटरनेट सेवाएं फिर से बंद कर दी गई हैं. टेलीकॉम कंपनियों ने मैसेज भेज कर उपभोक्ताओं को सूचित भी कर दिया है. वैसे तो जनपद में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है. हिंसा में चार लोगों की मौत हो चुकी है. पचास से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए हैं. बवाल शांत होने के बाद बलवाइयों की धर-पकड़ जारी है. फिरोजाबाद पुलिस ने हिंसा में शामिल गुनहगारों को पकड़ने के लिए बुधवार को पोस्टर जारी किए थे साथ ही इनकी जानकारी देने के वालों को इनाम देने की भी घोषणा की गई थी.

बता दें कि नागरिकता संशोधन विधेयक (Citizenship Amendment Bill) के विरोध में बीते शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद जमकर बवाल हुआ था तकरीबन दर्जन भर सरकारी और प्राइवेट वाहनों को बलवाइयों ने आग के हवाले कर दिया था. नालबंद इलाके की पुलिस चौकी में भी आग लगा दी थी साथ ही पुलिस पर भी जमकर पथराव किया था. पुलिस (Firozabad police) ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए फायरिंग की थी. इस हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई थी. इस घटना के बाद से शहर में लगातार तनाव बना हुआ है. विभिन्न मंचो से शांति की अपीलें की गईं. हालात सामान्य होने पर इस मामले में 29 लोगों के खिलाफ नामजद और 2500 अज्ञात उपद्रवियों पर केस दर्ज हुआ था.

ड्रोन कैमरों से निगरानी
केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने दंगाइयों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है दंगाइयो के फोटो भी सोशल साइट्स पर जारी किए गए हैं इनकी सूचना देने वालों को नकद इनाम देने की भी घोषणा की गई है. प्रशासन ने इनका नाम-पता बताने वालों की पहचान गुप्त रखने का भी भरोसा दिलाया है. जनपद में हालात को नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस-प्रशासन हर तरीके से मुस्तैद है. पुलिस ने संवेदनशील इलाकों की ड्रोन कैमरे (Drone cameras) से फोटोग्राफी भी कराई जिसमें चौंकाने वाली तस्वीरें सामने आईं. इलाके में 57 मकान ऐसे पाए गए जिनकी छतों पर काफी मात्रा में पत्थर जमा थे. प्रशासन ने इन घरों के मालिकों को पत्थर हटाने के लिए नोटिस जारी कर दिया है. कल फिर जुमे की नमाज है इसे देखते हुए प्रशासन ने गुरुवार से अगले आदेश तक के लिए इंटरनेट सेवा बंद कर दी है.

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फिरोजाबाद-कासगंज में डेंगू और वायरल का कहर, 24 घंटे में 9 बच्चों समेत 20 की गई जान

फिरोजाबाद में बेकाबू हुआ डेंगू और वायरल बुखार

Dengue and Viral Fever: फिरोजाबाद में डेंगू और वायरल से मौतों का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है. पिछले 24 घंटे में 101 नए मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है. एटा जिले में एक बच्ची सहित छह और कासगंज में दो मरीजों की रिपोर्ट में डेंगू की पुष्टि हुई.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 12, 2021, 08:48 IST
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फिरोजाबाद. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के फिरोजाबाद (Firozabad) और कासगंज (Kasganj) जनपद में डेंगू (Dengue) और वायरल बुखार (Viral Fever) अब बेकाबू होता नजर आ रहा है. शनिवार को पिछले 24 घंटे में 9 बच्चों सहित 20 लोगों की मौत हो गई. वहीं, अस्पताल में मरीजों का आना जारी है. हालात ये हैं कि सभी अस्‍पतालों में बेड फुल हो चुके हैं और एक बेड पर दो-दो मरीजों का इलाज किया जा रहा हैं. अब तक फिरोजाबाद में 134 लोगों की मौत हो चुकी है. जबकि कासगंज में 25  जान गंवा चुके हैं.

फिरोजाबाद में डेंगू और वायरल से मौतों का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है. पिछले 24 घंटे में 101 नए मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है. एटा जिले में एक बच्ची सहित छह और कासगंज में दो मरीजों की रिपोर्ट में डेंगू की पुष्टि हुई. उधर मैनपुरी के जिला अस्पताल में 20 मरीज डेंगू पॉजिटिव पाए गए. वर्तमान में सौ शैय्या अस्पताल में 429 मरीज भर्ती हैं. इधर, निजी अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। सौ शैय्या अस्पताल में गंभीर हालत में आने वाले मरीजों को ही भर्ती किया जा रहा है. शनिवार को सौ शैय्या अस्पताल के महिलाएं अपने बीमार बच्चों को गोद में लिए रोते-बिलखते दिखाई दीं.

अस्पतालों में बेड फुल
जिला अस्पताल के अलावा अन्य सरकारी अस्पतालों में बेड फुल हो गए हैं. एक-एक बिस्तर पर दो-तीन मरीजों को लिटाकर इलाज किया जा रहा है. यहां से रोजाना पीड़ादायक तस्वीर सामने आ रही है. वहीं शनिवार को एटा में दो और कासगंज के गंजडुंडवारा में बुखार से तीन बच्चों की जान चली गई.

फिरोजाबाद: डेंगू और स्क्रब टाइफस के मामले मिलने के बाद केंद्रीय सचिव ने किया अलर्ट

फिरोजाबाद: केंद्रीय टीम की रिपोर्ट पर स्वास्थ्य सचिव ने यूपी को लिखा पत्र, डेंगू और स्क्रब टाइफस की पुष्टि .

Uttar Pradesh News : यूपी के कई जिलों में डेंगू और बुखार के मामलों से अस्पतालों में बेड फुल हो गए हैं. फिरोजाबाद में बुखार से मरीजों की मौत होने के बाद प्रशासन अलर्ट हो गया है. इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने भी यूपी के मुख्य सचिव को पत्र भेजकर अलर्ट जारी किया है.

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फिरोजाबाद. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के कई जिलों में डेंगू और बुखार के मामले रोजाना बढ़ते जा रहे हैं. अस्पतालों में बेड फुल हो गए हैं. फिरोजाबाद (Firozabad) में डेंगू के 6 और मरीजों की मौत होने के बाद प्रशासन अलर्ट हो गया है. इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने भी यूपी के मुख्य सचिव को पत्र भेजकर अलर्ट जारी किया है. उन्होंने बताया कि जांच के बाद केंद्रीय टीम ने पाया है कि फिरोजाबाद जिले में वायरल बुखार और बच्चों में होने वाली मौतों के अधिकांश मामले डेंगू के कारण बताए हैं. कुछ मामले स्क्रब टाइफस व लेप्टोस्पायरोसिस के कारण भी हैं. इसे देखते हुए इसका फैलाव रोकने विशेष सुरक्षा इंतजाम समय पर किए जाएं.
फिरोजाबाद में वायरल बुखार से होने वाली मौतों और वहां लगातार मरीजों के मामले सामने आने के बाद राज्य के साथ केन्द्रीय स्वास्थ्य विभाग की टीम ने यहां वायरल बुखार से बिगड़े हालातों की जांच पड़ताल की है. केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने यूपी के मुख्य सचिव को जो पत्र लिखा है उसमें केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा है कि एक केंद्रीय टीम ने पाया है कि फिरोजाबाद जिले में वायरल बुखार और बच्चों में होने वाली मौतों के अधिकांश मामले डेंगू के कारण हैं. कुछ मामले स्क्रब टाइफस और लेप्टोस्पायरोसिस के कारण भी हैं. इसके लिए जरूरी उपाय किए जाएं.

गौरतलब है कि फिरोजाबाद में संदिग्ध डेंगू और वायरल बुखार की वजह से बच्चों की मौतों के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की पांच सदस्यीय टीम ने शुक्रवार को घर-घर जाकर निरीक्षण किया था. इसी के साथ टीम ने लोगों को इस बुखार का प्रसार रोकने के लिए करने वाले उपायों के बारे में भी बताया. टीम ने जिले में डोर-टू-डोर सर्वे के बाद जिले के स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ बैठक भी की थी. जानकारी के अनुसार यहां मरने वालों की संख्या 70 के पार हो गई है.

पानी और गंदगी में मिले मच्छर

डोर-टू-डोर निरीक्षण के बाद लखनऊ के कीट विज्ञानी डॉ सुदेश कुमार ने कहा कि हमने पूरा सर्वे किया है और पानी और गंदगी में मच्छर मिले हैं. इसलिए जिलाधिकारी ने लोगों को अपने कूलर में पानी अगले एक महीने तक नहीं भरने के लिए कहा है. हमने यहां काफी सैंपल इकट्ठे किए हैं. हमें यहा लार्वा भी मिले हैं. यहां के लोगों को जागरूक भी किया गया है कि वे कूलर या आसपास कहीं भी पानी जमा न होने दें.

बड़ी संख्या में मिला डेंगू का लार्वा
इस टीम का नेतृत्व कर रहे स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. अवघेश यादव ने कहा कि गुरुवार को उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य विभाग की पांच सदस्यीय टीम निरीक्षण किया था और यहां बड़ी संख्या में डेंगू मच्छर के लार्वा पाए गए. ये टीम 30 अगस्त को लखनऊ से फिरोजाबाद पहुंची थी.

फिरोजाबाद में डेंगू विस्फोट, केंद्र ने भेजे एक्सपर्ट, योगी ने कहा 'बुखार मरीज़ों के लिए कोविड बेड्स यूज़ करें'

फिरोज़ाबाद में केंद्र ने विशेषज्ञों की टीम भेजी. (File Photo)

Epidemic in UP : उत्तर प्रदेश में वायरल बुखार और डेंगू फैलने के हालात बेकाबू होते देखकर केंद्र सरकार ने दखल दिया है. वहीं, सीएम योगी ने शुक्रवार को हालात की समीक्षा करते हुए मरीज़ों के लिए कोई कमी न होने देने की हिदायत दी.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 04, 2021, 11:24 IST
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में आगरा के पास फिरोज़ाबाद में बुखार पीड़ित मरीज़ों की मौत का आंकड़ा 50 के पार जाने पर हंगामा खड़ा हो चुका है. इनमें 40 से ज़्यादा बच्चों की मौत हुई है और हालात बेकाबू दिखने के चलते केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र और नेशनल वेक्टर बोर्न डिसीज़ कंट्रोल प्रोग्राम से जुड़े विशेषज्ञों की एक टीम को फिरोज़ाबाद भिजवाया है ताकि बीमारी पर काबू पाया जा सके. वहीं, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ तौर पर स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोविड19 के लिए अस्पतालों में जो बेड रिज़र्व किए गए हैं, वायरल बुखार से पीड़ित मरीज़ों के लिए उनका इस्तेमाल किया जाए.

अब तक की सैंपल जांच के हिसाब से डेंगू विस्फोट
फिरोजाबाद में केंद्र की टीम टीम सोमवार को अपनी विस्तृत रिपोर्ट केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को सौंपेगी. फिरोजाबाद और आसपास से अब तक करीब 200 सैंपल लिए गए हैं, जिनमें से 100 से ज़्यादा में डेंगू की पुष्टि हुई. कुछ सैंपल्स में बैक्टीरिया जनित स्क्रब टाइफस (Scrub Typhus) के भी मामले मिले हैं. यह रोग झाड़ियों में पाए जाने वाले मकड़ी जैसे छोटे जीव (mite/ छग्गर) के काटने से होता है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को एनसीडीसी (NCDC) की जो टीम भेजी है, उसमें Vector Borne Disease के जानकर और Entomologist हैं.

फिरोज़ाबाद में हाल में पदस्थ किए गए नये सीएमओ दिनेश कुमार प्रेमी ने डेंगू और वायरल बुखार से 50 लोगों की मौत होने की पुष्टि की, जबकि शुक्रवार को मीडिया रिपोर्ट्स में यह आंकड़ा 65 तक भी बताया गया. प्रेमी ने यह भी बताया कि फिरोज़ाबाद के नौ ब्लॉक और नगर निगम का एक इलाका प्रभावित पाया गया. प्रेमी के मुताबिक फिरोज़ाबाद में 36 कैंप लगाए गए हैं और बुखार के मरीज़ों समेत यहां 3719 लोग अस्पतालों में भर्ती हैं.

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दूसरी तरफ, सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि मरीज़ों के इलाज के लिए सभी और सर्वोत्तम इंतज़ाम होने चाहिए. मरीज़ों को दवाइयों और मेडिकल उपकरणों की कमी नहीं पड़नी चाहिए. योगी ने आगरा और फिरोज़ाबाद के मरीज़ों के लिए तमाम व्यवस्थाएं करने के लिए मेडिकल शिक्षा के प्रधान सचिव आलोक कुमार को ज़िम्मेदारी दी. योगी ने शुक्रवार को तेज़ी से फैल रही इस बीमारी के बारे में समीक्षा करते हुए ये निर्देश दिए.

लखनऊ में बुखार के मरीज़ अचानक बढ़ने से दहशत, फिरोज़ाबाद में 50 की मौत, 3 डॉक्टर सस्पेंड

लखनऊ व फिरोज़ाबाद में बुखार पीड़ितों की संख्या बढ़ रही है. (File Photo)

Viral in UP : उत्तर प्रदेश की राजधानी में बुखार पीड़ितों की संख्या अचानक बढ़ने से चिंता बढ़ी है. फिरोज़ाबाद में बुखार को लेकर हालात गंभीर हैं क्योंकि मृतकों में बच्चे खासी संख्या में हैं. ​हाल में सीएम योगी आदित्यनाथ ने दौरा किया था.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 03, 2021, 10:36 IST
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लखनऊ/फिरोज़ाबाद. उत्तर प्रदेश की राजधानी समेत आगरा के नजदीकी इलाकों में बुखार का कहर टूटता दिख रहा है. स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है क्योंकि आंकड़े काफी डरावने दिख रहे हैं. फिरोज़ाबाद में बुखार से मौतों की संख्या एक सप्ताह में करीब 50 हो गई है. पिछले 24 घंटों के दौरान 6 लोगों के जान गंवाने की खबरें आ रही हैं. वहीं, लखनऊ में बुखार से पीड़ित 400 से ज़्यादा मरीज़ कई सरकारी अस्पतालों में भर्ती हुए हैं. चिंता की बात यह भी है कि पीड़ितों में बच्चों की संख्या अच्छी खासी है. फिरोज़ाबाद में हाल में सीएमओ का ट्रांसफर किए जाने और एक्सपर्ट डॉक्टरों की टीम तैनात किए जाने के बाद अब 3 डॉक्टरों को सस्पेंड करने का कदम उठाया गया है.

फिरोज़ाबाद में 32 बच्चों की मौत!
डेंगू और वायरल बुखार से शहर में दहशत का माहौल बन गया है. फिरोज़ाबाद में जिस बुखार से पिछले एक हफ्ते में कम से कम 32 बच्चों की मौत हो जाने की खबर है, उसे डेंगू बताया जा रहा है. इस बुखार से कम से कम 40 लोगों की मौत हो चुकी है, हालांकि खबरों में मौत का यह आंकड़ा 47 और 60 तक भी बताया जा रहा है. बुधवार रात चार लोगों और गुरुवार को दो बच्चों की मौत से यह आंकड़ा गंभीर होता जा रहा है.

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हाल में फिरोज़ाबाद पहुंचे सीएम योगी ने अस्पताल में बच्चों का हाल जाना था.

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की पुष्टि के हवाले से खबर है कि फिरोज़ाबाद मेडिकल कॉलेज में 285 बच्चों समेत कुल 375 बुखार पीड़ित मरीज़ों का इलाज चल रहा है. कुछ ही दिन पहले यहां उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दौरे पर आए थे और अस्पतालों में जाकर बच्चों का हाल जाना था. उस समय उन्होंने विभाग को संबंधित निर्देश भी दिए थे. इसके बाद बावजूद यहां हालात बेकाबू दिख रहे हैं. जिला मजिस्ट्रेट चंद्रविजय सिंह ने लापरवाही के आरोप में यहां तीन डॉक्टरों को सस्पेंड भी किया.

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लखनऊ में कम संजीदा नहीं हैं हालात
उप्र की राजधानी के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में 40 बच्चों के साथ ही कुल करीब 400 मरीज़ भर्ती हुए हैं, जिन्हें बुखार की शिकायत है. खबरों की मानें तो यहां ओपीडी में 20 फीसदी केस बुखार, सर्दी और कंजेस्शन संबंधी आ रहे हैं. बलरामपुर अस्पताल, लोहिया अस्पताल और सिविल अस्पताल में खासी संख्या में ऐसे मरीज़ पहुंच रहे हैं. यह भी बताया जा रहा है कि पिछले हफ्ते की तुलना में इन केसों में 15 प्रतिशत का इज़ाफा हो गया है.

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आखिर क्या है ये बुखार?
बुखार से अनजाना डर फैल रहा है क्योंकि इस बुखार को पुख्ता ढंग से समझा नहीं जा सका है. फिरोज़ाबाद में जहां स्वास्थ्य विभाग इसे डेंगू मान रहा है तो लखनऊ में डॉक्टर इसे मौसमी फ्लू बता रहे हैं. आगरा के संभागीय आयुक्त अमित गुप्ता ने फिरोज़ाबाद में एक हफ्ते में 40 मौतों की पुष्टि करते हुए कहा कि प्राथमिक लक्षण डेंगू जैसे दिखे हैं. वहीं लखनऊ में डॉक्टरों का कहना है कि वायरल फीवर व इससे जुड़ी अन्य शिकायतों के मामलों में 20 फीसदी इज़ाफा दिखा है तो डेंगू के सिर्फ तीन मरीज़ अस्पतालों में हैं.

फिरोजाबाद: स्वास्थ्य विभाग की सर्वलांस टीम ने लिए सैंपल, सामने आएगा मौतों का सही कारण

फिरोजाबाद में ही मौतों की जांच स्वास्थ्य विभाग ने तेज कर दी है. (ANI)

firozabad Child Death:  यूपी के फिरोजाबाद (firozabad news) में हो रही मौतों की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की एक टीम लखनऊ से पहुंची है. टीम सैंपल कलेक्ट कर जांच के लिए लखनऊ (Lucknow) भेजेगी.

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फिरोजाबाद. उत्तर प्रदेश (UP News) के फिरोजाबाद (firozabad children death) में हो रही मौतों की के बाद अब स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है. परीक्षण करने के लिए लखनऊ से 5 सदस्यीय टीम फिरोजाबाद पहुंची है. कहा जा रहा है कि फिरोजाबाद में फैली बीमारी डेंगू (Dengue) का एक खतरनाक रूप है. इसको हेमो रिजिक नाम दिया गया है. हेमो रिजिक से इफेक्ट होने पर बहुत जल्दी प्लेटलेट्स गिरते हैं और बुखार आता है. अब 5 सदस्यीय टीम के सभी लोग अलग-अलग स्थानों पर जाकर लोगों के ब्लड सैंपल ले रहे हैं. टीम प्रभावित इलाकों में जाकर गंदगी और जलभराव को देख रहे हैं. टीम के अनुसार उन्हें गंदगी में डेंगू, मलेरिया के मच्छर मिल रहे हैं. टीम अभी सैंपल इकट्ठा कर उनको किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज लखनऊ को भेजे जा रहे हैं.

परीक्षण के बाद यह पता लगेगा कि आखिर फिरोजाबाद में हो रही इतनी मौतों का सही कारण क्या है? हालांकि, इस टीम की के अगुवाई करने वाले ज्वाइंट डायरेक्टर डॉक्टर अवधेश यादव कहते हैं कि उन्होंने ककरऊ की कोठी, रानी नगर, झलकारी नगर, सत्य नगर, में सैंपल जाकर देखे हैं तो यह पाया है कि डेंगू का मच्छर काफी संख्या में मिले हैं. उनका कहना है कि जब डेंगू का मच्छर कूलर खाली करने के बाद भी अगर 30ml पानी रहता है तो उसमें भी डेंगू का वायरस पनप जाता है. लेकिन इतनी ज्यादा मौत होने पर इसकी विस्तृत जानकारी परीक्षण के बाद ही कुछ कहना संभव होगा.

अचानक कम हो रहे ब्लड प्लेटलेट्स

स्टेट एंटोमोलॉजिस्ट डॉ. सुदेश कुमार ने बताया कि दरअसल, प्राथमिक दृष्टि में जो नजर आता है वह मच्छर के काटने से ही बच्चे बीमार हो रहे हैं. लेकिन यह मच्छर काटने के बाद बच्चों में बहुत ज्यादा बुखार हो रहा है जिससे डिहाइड्रेशन हो जा रहा है और प्लेटलेट्स अचानक बहुत गिर रही हैं, जिससे मौतों की संख्या बढ़ गई है. स्वास्थ्य विभाग के जॉइंट डायरेक्टर  डॉ. अवधेश यादव  ने कहा,’शासन के निर्देशों के अनुसार हम लखनऊ से स्टेट लेवल से यह टीम भेजी गई है. इस टीम के द्वारा यहां 31 तारीख में हम लोगों ने देखा इस जनपद में भीषण बीमारी से बच्चों में मृत्यु दर ज्यादा था. फिर हमने इन्वेस्टिगेशन प्रारंभ किया तो पता चला कि यह डेंगू की तरफ इशारा हो रहा है. मेडिकल कॉलेज केजीएमसी को हमने यहां से सैंपल भेजे हैं तो हमें पता लगा है कि डेंगू के केस ही ज्यादा निकल कर आ गए हैं. छुटपुट अन्य बीमारी के निकल कर आ रहे हैं. हमने डेंगू के गाइडलाइंस के अनुसार और यहां पूरे जनपद में मीटिंग करके जिलाधिकारी महोदय के निर्देशन में मीटिंग करके उसमें हमने एक टीम को अर्बन का काम सौंप दिया है और एक टीम को रूरल का काम दिया है. सबसे इंपोर्टेंट इफेक्टिव एक्टिविटी जो होती है उसमें यह एडिस मच्छर के काटने से यह फैलता है और यह पानी में पनपता है जो हमने घरों में जाकर पाया कि कूलर्स मौजूद है और उसकी तली में थोड़ा बहुत भी पानी है. उसमें हमें मच्छर मिले हैं.’

क्या कोरोना की तीसरी लहर है मथुरा-फिरोजाबाद में बच्चों की मौत, जानिए Experts की राय

UP: मथुरा और फिरोजाबाद में अब तक 50 मासूम बच्चों की मौत से हड़कंप मचा हुआ है.

UP News: यूपी सरकार के आंकड़े के मुताबिक 1 सितम्बर की सुबह 8 बजे तक मथुरा में 8 जबकि फिरोजाबाद में 42 बच्चों की मौत हो चुकी है.

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लखनऊ. पिछले एक हफ्ते में ही उत्तर प्रदेश के दो जिलों मथुरा (Mathura) और फिरोजाबाद (Firozabad) में 50 मासूम बच्चों की मौत हो गयी है. ये सरकारी आंकड़ा है. बच्चों को पहले तेज बुखार हुआ फिर पेट में दर्द और दो से तीन दिनों में ही मौत होने लगी. अब सरकारी अमले ने दोनों जिलों में डेरा डाल दिया है. उम्मीद है हालात जल्द ठीक हो जायेंगे. लेकिन, इन दोनों जिलों में हो रही बच्चों की बीमारी क्या कोरोना की तीसरी लहर (COVID-19 Third Wave) की दस्तक है? ये सवाल हर किसी की जुबान पर तैर रहा है.

बहुत से लोगों ने इसे कोरोना की संभावित तीसरी लहर से जोड़ दिया है. बच्चों को हो रहे बुखार को रहस्यमयी बताया जा रहा है. लेकिन, सच्चाई इसके बिल्कुल उलट है. बच्चों की बिगड़ती तबीयत और हो रही मौतों के पीछे कोई और जिम्मेदार है.

सरकारी आंकड़े के मुताबिक 1 सितम्बर की सुबह 8 बजे तक मथुरा में 8 जबकि फिरोजाबाद में 42 बच्चों की मौत हो चुकी है. मथुरा में बीमार हुए बच्चों के 184 सैम्पलों की जांच में डेंगू के 91, स्क्रबटाइफस के 29 और लैप्टो स्पोइरोसिस के 48 मामले पुष्ट हुए हैं. फिरोजोबाद में जांच के लिए सैम्पल भेजे गये हैं. नतीजे आने बाकी हैं.

फिरोजोबाद में कैम्प कर रहे वेक्टर बॉर्न डिजीजेज के ज्वाइण्ट डायरेक्टर डॉ. अवधेश यादव ने कहा कि एक भी बीमार बच्चा कोरोना पॉजिटिव नहीं मिला है. सभी की कोरोना जांच की गयी है. सभी डेंगू, मलेरिया और स्क्रबटाइफस के मरीज मिले हैं. कोरोना का बच्चों की बीमारी से दूर-दूर तक लेना नहीं है. इसे किसी भी सूरत में कोरोना की संभावित तीसरी लहर से जोड़कर नहीं देखना चाहिए. ऐसी अफवाह से समस्यायें और गंभीर हो जायेंगी.

तो फिर बच्चों की मौत क्यों हो रही है?

मथुरा और फिरोजोबाद में बुखार से सिर्फ बच्चों की ही मौत नहीं हुई है बल्कि बड़े भी मौत के शिकार हुए हैं. ये जरूर है कि बच्चों की संख्या बहुत ज्यादा है. लखनऊ से मथुरा और फिरोजाबाद गई डॉक्टरों की टीम ने कहा कि बीमारी का सही समय पर इलाज हो जाता तो बच्चों की जान बचाई जा सकती थी. गांव में झोलाछाप डाक्टरों ने बुखार उतारने के लिए दवाओं की ओवरडोज दे दी. साथ ही स्टेरायड भी दे दिया. इससे बुखार तो उतर गया लेकिन, तबीयत बिगड़ती चली गयी. तीन दिन के बाद बच्चे शॉक में चले गये. फिर एक-एक कर शरीर के अंग फेल होते गये और बच्चों की मौत होती गयी.

ऐसे में बच्चों को न तो कोई रहस्यमयी बीमारी या बुखार हुआ है और ना ही ये कोरोना की संभावित तीसरी लहर है. बल्कि ये इलाज में लापरवाही और गांव-गांव में चिकित्सीय सुविधा के अभाव का नतीजा है.

फिरोजाबाद डेंगू/वायरल बुखार मामला: CM योगी के निर्देश पर CMO हटाई गईं

UP: फिरोजाबाद में डेंगू/वायरल बुखार से मौतों के मामले में सीएम योगी के आदेश पर सीएमओ को हटा दिया है. (File Photo)

Firozabad News: फिरोजाबाद में डॉ दिनेश कुमार प्रेमी को नया सीएमओ तैनात किया गया है. वहीं अब तक जिम्मेदारी संभाल रहीं नीता कुलश्रेष्ठ को वरिष्ठ परामर्शदाता के तौर पर अलीगढ़ भेज दिया गया है.

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  • LAST UPDATED : September 01, 2021, 16:08 IST
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद (Firozabad) में डेंगू/ वायरल बुखार के कहर से कई मौतों के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने सीएमओ को हटाने (CMO Transfer) का आदेश दे दिया है. सीएम के आदेश के बाद डॉ दिनेश कुमार प्रेमी को फिरोजाबाद का नया सीएमओ बनाया गया है. अब तक फिरोजाबाद की जिम्मेदारी संभाल रहीं सीएमओ नीता कुलश्रेष्ठ को वरिष्ठ परामर्शदाता के तौर पर अलीगढ़ भेज दिया गया है. बता दें दिनेश कुमार प्रेमी अभी तक एसीएमओ, हापुड़ के पद पर तैनात थे.

इसके अलावा फिरोजाबाद के लिए सीएम योगी ने 11 विशेषज्ञ डॉक्टर्स की टीम भेजने का आदेश दिया है. ICMR की 11 सदस्यीय टीम ने फिरोजाबाद पहुंचकर सैम्पल्स की जांच शुरू कर दी है. जांच में कोविड का प्रभाव नहीं मिला है. सीएम योगी ने शहरी एवं ग्रामीण निकायों को क्षेत्र में साफ-सफाई करने के भी निर्देश दिए हैं, साथ ही मेडिकल कॉलेज में विशेष डॉक्टर्स की टीम भेजने का आदेश दिया है. उन्होंने कहा है कि बीमार बच्चों का मुफ्त इलाज करवाया जाए.

बता दें मेरठ, फिरोजाबाद, आगरा, मैनपुरी, मथुरा, एटा और कासगंज में लगातार मरीज सामने आ रहे हैं. सबसे ज्यादा प्रभावित जिला फिरोजाबाद है, जहां एक दर्जन से ज्यादा बच्चों की मौत हो गई है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में तेज वायरल बुखार ने पिछले एक सप्ताह के अंदर 40 बच्चों सहित 68 लोगों की जान ले ली है.

ये भी पढ़ें: CM योगी के निर्देश- आगरा और फिरोजाबाद की स्थिति पर चौबीसों घंटे नजर रखें

सीएम योगी ने सोमवार को फिरोजाबाद का दौरा भी किया था, उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों संग बीमारी को फैलने से रोकने के उपायों पर चर्चा की. डॉक्टरों के एक पैनल को फिरोजाबाद भेजने का भी निर्देश दिया. फिरोजाबाद में मेडिकल टीम गांव-गांव जाकर जांच और दवाएं वितरित करने में लगी हुई हैं.

इनपुट: अलाउद्दीन

CM योगी के निर्देश- आगरा और फिरोजाबाद की स्थिति पर चौबीसों घंटे नजर रखें

UP: सीएम योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम यूपी में डेंगू और वायरल बुखार को लेकर समीक्षा की है. (File Photo)

UP News: सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि फिरोजाबाद में बच्चों के साथ प्रौढ़ लोग भी बीमार हुए हैं. सभी मरीजों को मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट किया जाना उचित होगा. हमें सर्विलांस को और बेहतर करना होगा.

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लखनऊ. कोरोना की तीसरी संभावित लहर (COVID-19 Third Wave) की आशंका के बीच पश्चिम उत्तर प्रदेश में वायरल फीवर (Viral Fever) और डेंगू (Dengue) कहर बरपा रहा है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने मंगलवार को टीम-9 की बैठक में निर्देश दिए कि आगरा (Agra) और फिरोजाबाद (Firozabad) की स्थिति पर शासन स्तर से चौबीसों घंटे नजर रखी जाए. सीएम योगी ने कहा कि फिरोजाबाद में बच्चों के साथ प्रौढ़ लोग भी बीमार हुए हैं. सभी के बेहतर ट्रीटमेंट की व्यवस्था की जा रही है. सभी मरीजों को मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट किया जाना उचित होगा. आवश्यक्तानुसार मेडिकल कॉलेज में बेड की संख्या बढ़ाई जाए. हमें सर्विलांस को और बेहतर करना होगा.

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि विशेषज्ञों की टीम फिरोजाबाद में कैंप करे. जरूरत के अनुसार रेजिडेंट डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ की तुरन्त तैनाती की जाए. दवाओं और अन्य जरूरतों की आपूर्ति सुनिश्चित कराई जाए.

एक सितंबर से खुलेंगे स्कूल, पूरी तैयारी रखें: सीएम

इसके अलावा स्कूलों के खुलने पर सीएम योगी ने कहा कि कल यानि एक सितंबर से कक्षा 1 से 5वीं तक के विद्यालय खुल रहे हैं. स्कूलों में कोविड प्रोटोकॉल का पूरा ध्यान रखा जाए. स्वच्छता, सैनेटाइजेशन का कार्य हर दिन हो. पठन-पाठन के साथ-साथ बच्चों की सुरक्षा पर भी पूरा ध्यान दिया जाए.

वायरल फीवर और डेंगू के चपेट में वेस्ट यूपी के कई जिले, अब तक 40 बच्चों समेत 68 की मौत

बता दें मेरठ, फिरोजाबाद, आगरा, मैनपुरी, मथुरा, एटा और कासगंज में लगातार मरीज सामने आ रहे हैं. सबसे ज्यादा प्रभावित जिला फिरोजाबाद है, जहां पिछले 24 घंटों के अंदर 12 और बच्चों की मौत हो गई. पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में तेज वायरल बुखार ने पिछले एक सप्ताह के अंदर 40 बच्चों सहित 68 लोगों की जान ले ली है.

इस बीच सीएम योगी सोमवार को फिरोजाबाद का दौरा भी किया था, उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों संग बीमारी को फैलने से रोकने के उपायों पर चर्चा की. डॉक्टरों के एक पैनल को फिरोजाबाद भेजने का भी निर्देश दिया. फिरोजाबाद में मेडिकल टीम गांव-गांव जाकर जांच और दवाएं वितरित करने में लगी हुई हैं.

फिरोजाबाद की मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ नीता कुलश्रेष्ठ ने कहा कि 12 बच्चे पिछले 24 घंटों में वायरल बुखार से मरे हैं. इस वायरल और मरने वाले लोगों के सटीक कारणों का अध्ययन किया जा रहा है. जो भी लोग एडमिट हो रहे हैं, वे कोरोना पॉजिटिव नहीं हैं. इस बुखार की तीव्रता चिंताजनक है. वायरल खत्म होने में 10-12 दिन लग रहे हैं. साथ ही 50 फ़ीसदी मरीजों में डेंगू जैसे लक्षण दिख रहे हैं. इतना ही नहीं मरीजों को 102 डिग्री तक तेज बुखार आ रहा है और प्लेटलेट्स भी गिर रहा है.

इनपुट: अनामिका सिंह

वायरल फीवर और डेंगू के चपेट में वेस्ट यूपी के कई जिले, अब तक 40 बच्चों समेत 68 की मौत

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फिरोजाबाद मेडिकल कॉलेज में बीमार बच्चों का हालचाल जाना

Firozabad Viral Fever Menace: फिरोजाबाद की मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ नीता कुलश्रेष्ठ ने बताया कि 12 बच्चे पिछले 24 घंटों में वायरल बुखार से मर गए हैं. डॉक्‍टरों की टीम प्रभावित इलाकों में जाकर दवा वितरित करने में जुटी है.

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फिरोजाबाद. कोरोना की तीसरी संभावित लहर की आशंका के बीच पश्चिम उत्तर प्रदेश (West UP) में वायरल फीवर (Viral Fever) और डेंगू (Dengue) कहर बरपा रहा है. मेरठ, फिरोजाबाद, आगरा, मैनपुरी, मथुरा, एटा और कासगंज में लगातार मरीज सामने आ रहे हैं. सबसे ज्यादा प्रभावित जिला फिरोजाबाद है, जहां पिछले 24 घंटों के अंदर 12 और बच्चों की मौत हो गई. पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में तेज वायरल बुखार ने पिछले एक सप्ताह के अंदर 40 बच्चों सहित 68 लोगों की जान ले ली है.

मुख्यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने फिरोजाबाद में हुई मौतों का संज्ञान लेते हुए सोमवार को जिले का दौरा किया. साथ ही स्वास्थ्य अधिकारियों संग बीमारी को फैलने से रोकने के उपायों पर चर्चा की. इतना ही नहीं डॉक्टरों के एक पैनल को फिरोजाबाद भेजने का भी निर्देश दिया है. सबसे ज्यादा प्रभावित फिरोजाबाद है, जहां मेडिकल टीम गांव-गांव जाकर जांच और दवाएं वितरित करने में लगी हुई है.

मरीजों में डेंगू जैसे लक्षण
फिरोजाबाद की मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ नीता कुलश्रेष्ठ ने कहा कि बारह बच्चे पिछले 24 घंटों में वायरल बुखार से मर गए हैं. इस वायरल और मरनेवाले लोगों के सटीक कारणों का अध्ययन किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि जो भी लोग एडमिट हो रहे हैं, वे कोरोना पॉजिटिव नहीं हैं. इस बुखार की तीव्रता चिंताजनक है. वायरल खत्म होने में 10-12 दिन लग रहे हैं. साथ ही 50 फ़ीसदी मरीजों में डेंगू जैसे लक्षण दिख रहे हैं. इतना ही नहीं मरीजों को 102 डिग्री तक तेज बुखार आ रहा है और प्लेटलेट्स भी गिर रहा है.

सतर्कता बरतने की सलाह
सीएमओ का कहना है कि सर्वाधिक मौतें बच्चों की हुुई हैं. उन्हें बुखार की वजह से डिहाइड्रेशन हो रहा है और मौत हो जा रही है. प्लेटलेट्स भी तेजी से गिर रहा है. इतना ही नहीं कुछ मरीजों को प्लेटलेट्स भी चढ़ाए गए, लेकिन उनका काउंट नहीं बढ़ा. सीएमओ का कहना है कि घर के आस-पास साफ सफाई पर विशेष ध्यान दें. ताजा और सादा खाने का प्रयोग करें और उबला हुआ पानी पीएं. इतना ही नहीं बुखार आने पर सिंपल पैरासिटामोल की टेबलेट और फीवर चार्ट बनाते रहें. बुखार न उतरने की स्थिति में डॉक्टर से संपर्क करें.

मथुरा और फिरोजाबाद में ही डेंगू, मलेरिया और स्क्रब टाइफस से क्यों हो रही बच्चों की मौत?

झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज के चलते बच्चों की तबियत और बिगड़ती गई.

Uttar Pradesh News: मथुरा में पिछले दो-तीन हफ्तों में ही 7-8 बच्चों की मौत हो गई है. फिरोजोबाद में मौतों का आंकड़ा 33 पहुंच गया है. ये सिलसिला कब तक थमेगा ये किसी को पता नहीं है लेकिन, किसी के समझ नहीं आ रहा है कि आखिर डेंगू, मलेरिया और स्क्रब टाइफस के इंफेक्शन से बच्चों की मौत क्यों हो रही है.

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लखनऊ. जानलेवी बीमारियों का कहर ब्रज क्षेत्र के कई जिलों में देखने को मिल रहा है. मथुरा और फिरोजोबाद में तो हाहाकर की स्थिति है. मथुरा में पिछले दो-तीन हफ्तों में ही 7-8 बच्चों की मौत हो गई है. फिरोजोबाद में मौतों का आंकड़ा 33 पहुंच गया है. ये सिलसिला कब तक थमेगा ये किसी को पता नहीं है लेकिन, किसी के समझ नहीं आ रहा है कि आखिर डेंगू, मलेरिया और स्क्रब टाइफस के इंफेक्शन से बच्चों की मौत क्यों हो रही है. आंकड़ों की बात करें तो मथुरा और फिरोजोबाद से ज्यादा संक्रमण के मामले तो दूसरे शहरों में हैं लेकिन, वहां मौतें नहीं हो रही हैं. मथुरा के फरह ब्लॉक के कोंह गांव में 5-6 बच्चों की मौत हुई है. लखनऊ से डॉक्टरों की टीम के साथ पहुंचे वेक्टर बॉर्न डिजीज के जॉइंट डायरेक्टर डॉ. विकास सिंघल ने बताया कि बुखार से पीड़ित लोगों में डेंगू, मलेरिया और स्क्रबटाइफस का संक्रमण पाया जा रहा है. ज्यादातर मामले स्क्रब टाइफस के हैं. फिलहाल पीड़ित लोगों में से सभी की तबीयत बेहतर है.

बच्चों में ये मामले गंभीर
सिंघल का कहना है कि बच्चों की मौत के मामले में गंभीर ये है कि बुखार आने के दूसरे या तीसरे दिन ही उनकी मौत हो गई. जिन तीन बीमारियों से दूसरे लोग संक्रमित हैं उन्हीं से वे बच्चे भी संक्रमित थे जिनकी मौत हुई है. यहां अब स्थिति कंट्रोल में है.

…तो क्या है कारण
आगरा में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष रहे वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. शरद गुप्ता ने बच्चों की मौत के कुछ कारण गिनाए. उन्होंने कहा कि पूरे ब्रज क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टरों का जाल है. जब बच्चों को बुखार हुआ तो गांव में लोगों ने इन्हीं झोलाछाप डॉक्टरों से दवाई ले ली. बुखार कम होने का कई दिनों तक इंतजार किया होगा. कम न होने की सूरत में झोलाछाप डॉक्टर ने और दवायें दी होंगी. झोलाछाप डॉक्टरों को दवाईयों की खुराक की समझ नहीं होती. बच्चों के लिए ये बहुत खतरनाक स्थिति होती है. ऐसे ही बहुत से बच्चों में दवाईयों की ओवरडोज हुई होगी. स्टेरॉयड भी दिए गए होंगे. इसकी वजह से किसी का लीवर तो किसी कि किडनी खराब हुई. हार्टअटैक भी पड़ा होगा. इसी वजह से बीमारी के कुछ ही दिनों में उनकी मौत हो गई. जो सरकारी अस्पताल या किसी प्राइवेट डॉक्टर के पास भी पहुंच गए उनकी तबीयत ठीक हो गई.

पहले 3 से 7 दिन अहम
आगरा के सरोजनी नायडू मेडिकल कॉलेज में बाल रोग विभाग में प्रोफेसर डॉ. नीरज यादव ने बच्चों की हो रही मौतों के बारे में बताया. उन्होंने बताया कि डेंगू, मलेरिया और स्क्रबटाइफस जैसी बीमारियों में 3 से 7 दिन बहुत अहम होते हैं. इस दौरान सही इलाज न मिलने के कारण बच्चे शॉक में चले जाते हैं. यानी शरीर में पानी और दूसरे रसायनों की कमी के कारण हार्ट प्रॉपर काम नहीं कर पा रहा है. इससे शरीर के अंगों तक जरूरी पदार्थ नहीं पहुंच पा रहे हैं. इसीलिए हार्ड अटैक, किडनी, लीवर फेल्यर, सांस लेने में तकलीफ और खून के रिसाव के कारण बच्चों की मौत हो रही है. एस एन मेडिकल कॉलेज में पहुंचने वाले ज्यादातर बच्चे गंभीर हालत में लाए गए हैं.

क्या फॉगिंग न होना वजह
इसमें तो कोई दो राय नहीं कि कोरोना से जारी लड़ाई के दौरान बाकी बीमारियों पर फोकस बहुत कम हो गया था. डेंगू और मलेरिया मच्छर के काटने से होता है. फॉगिंग होने से मच्छर मर जाते हैं लेकिन बात इतनी सी बस नहीं है. डॉ. विकास सिंघल ने बताया कि ऐसी बीमारियों में फॉगिंग से बहुत राहत नहीं मिलती. ये मच्छर ज्यादातर घरों में पनपते हैं. फॉगिंग का असर घर के अंदर प्रभावी नहीं होता है. ऐसे में लोगों को देखना पड़ेगा कि घरों के अंदर कूलर या किसी दूसरी जगह पर बरसात का पानी तो नहीं रुका है. कोंह गांव में घर-घर जाकर हमारी टीम ने जमे पानी की जगह को साफ कराया है. आशा वर्कर्स और ग्राम प्रधानों को इस काम में लगाया गया है कि वे लोगों को सचेत करें.

40 बच्चों की मौत!
वहीं फिरोजाबाद के बीजेपी विधायक मनीष असीजा का कहना है कि जिले में पिछले कुछ दिनों में 40 बच्चों की मौत हुई है. ज्यादातर में बुखार और ब्लड प्लेटलेट्स की कमी कारण रहा. वहीं सीएमओ फिरोजाबाद का कहना है कि हाल ही में हुई बच्चों की मौत डेंगू और वायरल के चलते हुई हैं. ये कोरोना की तीसरी लहर को नहीं दर्शाता है. मेडिकल एक्सपर्ट्स की एक टीम जांच करने के पहुंची है.

BJP MLA मनीष असीजा का दावा- फिरोजाबाद में 7 दिन में 41 लोगों की हुई मौत

उन्होंने बताया कि वह प्रभावित क्षेत्र ऐलान नगर, करबला, महादेवनगर व अन्य स्थानों पर मेडिकल कैंप लगाने के साथ ही लगातार दौरा कर रहे हैं. (सांकेतिक फोटो)

Dengue Fever Havoc: सदर विधायक मनीष असीजा ने बताया कि उनके पास 41 लोगों की डेंगू से मौत की सूचना आ चुकी है, जबकि कई लोग इस जानलेवा बुखार से गंभीर स्थिति में हैं. सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी फिरोजाबाद पहुंचने का आश्वासन दिया है.

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फिरोजाबाद. उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद (Firozabad) जिले में डेंगू बुखार का कहर लगातार जारी है. यहां के विधायक ने दावा किया कि पिछले करीब एक सप्ताह के दौरान अब तक इस जानलेवा बुखार (Fever) से 41 लोगों की मौत की सूचना है. सदर विधायक मनीष असीजा (MLA Manish Asija) ने रविवार को बताया कि उनके पास अब तक 41 लोगों की डेंगू से मौत की सूचना आ चुकी है, जबकि कई लोग गंभीर स्थिति में हैं.

उन्होंने बताया कि वह प्रभावित क्षेत्र ऐलान नगर, करबला, महादेवनगर व अन्य स्थानों पर मेडिकल कैंप लगाने के साथ ही लगातार दौरा कर रहे हैं. और स्वास्थ्य महकमे (Health Department) को डेंगू से प्रभावित लोगों के उपचार में कोई लापरवाही न बरतने का निर्देश दिया. असीजा ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जमीनी हालात भी बताए हैं और मुख्यमंत्री ने 30 अगस्त को फिरोजाबाद आने का आश्वासन दिया है.

मथुरा में भी 8 बच्चों की मौत
इससे पहले मथुरा से 30 किलोमीटर दूर स्थित कोह गांव में पिछले एक सप्ताह में करीब 8 बच्चों की अज्ञात बुखार से मौत हो गई है. सूचना मिलने पर सदर क्षेत्र के उप जिलाधिकारी एवं मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रचना गुप्ता स्वास्थ्य विभाग के दस्ते के साथ सोमवार को गांव पहुंचीं और मरीजों के खून के नमूने लिए. गांव में पहुंची प्रशासन की टीम को ग्रामीणों ने बताया था कि गांव में पिछले आठ-दस दिन से बुखार का प्रकोप है. चार दिन में आठ बच्चों की इस जानलेवा बुखार से मौत हो चुकी है. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सूचना दिए जाने के बावजूद प्रशासन ने समय रहते कदम नहीं उठाया. सीएमओ ने बताया था कि गांव के हर मरीज की जांच की जा रही है और नमूने लिए जा रहे हैं.

Firozabad Viral Fever: 46 बच्चों की मौत पर सीएम योगी ने जताया दुख, आज करेंगे जिले का दौरा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को फिरोजाबाद पहुंचेंगे (फाइल फोटो)

Firozabad Dengue Havoc: फिरोजाबाद में डेंगू बुखार की वजह से एक हफ्ते में कई बच्चों की मौत के बाद आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दौरा. रविवार शाम को जिला प्रशासन को मिली सीएम के आने की सूचना.

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फिरोजाबाद. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के फिरोजाबाद जनपद में वायरल बुखार (Viral Fever) और डेंगू (Dengue) से 46 बच्चों की मौतों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने दुख जताया है और अधिकारियों को अस्पताल में भर्ती बीमार बच्चों को चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए हैं,. मुख्यमंत्री सोमवार को फिरोजाबाद जाएंगे और जमीनी हकीकत का जायजा भी लेंगे. मुख्यमंत्री के दौरे का कार्यक्रम रविवार शाम को जिला प्रशासन को मिला, जिसके बाद अधिकारियों में हड़कंप मच गया. प्रशासन मुख्यमंत्री के आगमन की तैयारियों में जुटा है.

मुख्यमंत्री योगी का हेलीकॉप्टर 13:10 बजे पुलिस लाइन में बनाये गए हैलीपेड पर उतरेगा. पुलिस लाइन से मुख्यमंत्री 13:20 बजे स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय पहुंचेगे और वहां का जायजा लेंगे. 13:20 बजे से 13:35 बजे तक वे अस्पताल में भर्ती मरीजों से मिलेंगे व उनके हांलचल जानेंगे. 13:45 बजे सुदामा नगर पहुंचकर मौहल्ले की समस्या सुनेंगे.. 14.05 बजे वापस पुलिस लाइन पहुंचेगे. 14.10 बजे पुलिस लाइन हैलीपेड से मथुरा के लिए रवाना होंगे.

भर्ती मरीजों के परिजनों से मिलेंगे मुख्यमंत्री
डीएम चंद्र विजय सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर जिला, नगर निगम प्रशासन के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग ने भी पूरी तैयारियां कर ली हैं. विधायक मनीष असीजा ने कहा कि मुख्यमंत्री सोमवार को जिले में आकर भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों से मिलेंगे. इससे पूर्व नगर विधायक से प्रदेश के नगर विकास मंत्री गोपाल टंडन ने बुखार से विभिन्न क्षेत्रों में 46 मौत की जानकारी ली और दुख जाहिर किया था.

UP: फिरोजाबाद में कोरोना की तीसरी लहर की आशंका, बुखार से 5 बच्चों की मौत, कई बीमार

UP: फिरोजाबाद में कोरोना की तीसरी लहर को लेकर सीएमओ ने आशंका जताई है. (सांकेतिक तस्वीर)

Firozabad News: सीएमओ डॉ नीता कुलश्रेष्ठ ने फिरोजाबाद में कोरोना की तीसरी लहर की आशंका जताई है. बुखार से अब तक 5 बच्चों की मौत हो चुकी है, वहीं दर्जनों लोग अभी भी बीमार हैं.

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देवेंद्र सिंह चौहान

फिरोजाबाद. उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद (Ferozabad) में कोरोना (COVID-19) की तीसरी लहर (Third Wave) की आशंका से हड़कंप मचा हुआ है. यहां बुखार से अब तक 5 बच्चों की मौत (5 Children died) हो चुकी है, वहीं दर्जनों लोगों के साथ कई बच्चे अभी भी बीमार हैं. देहाती क्षेत्र में भी बच्चों के मरने का सिलसिला जारी है. आरोप है कि नगर निगम प्रशासन की लापरवाही से गलियों में गंदगी भरी पड़ी है. सीएमओ डॉ. नीता कुलश्रेष्ठ ने फिरोजाबाद में कोरोना की तीसरी लहर की आशंका जताई है.

फ़िरोज़ाबाद में बच्चों की हो रही मौत और बुखार से लोग परेशान हैं. न्यूज़ 18 पर खबर दिखाए जाने के बाद आज खुद सीएमओ ने इन इलाकों का दौरा किया और सीएमओ ने बताया कि हो सकता है ये कोरोना का थर्ड वेव भी हो. इसकी जांच करवाई जा रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2 दिन पहले आदेश दिया था कि कैंप लगाए जाएं, जिस पर आज तक कोई कार्यवाही होती दिखाई नहीं दे रही है

दरअसल फिरोजाबाद के नगर निगम के वार्ड नम्बर 12 में ऐलान नगर में बच्चो के पेट में दर्द, बुखार की शिकायत देखने को मिली है. इसी वार्ड में 5 बच्चो की मौत भी इसी बीमारी के चलते हुई है, जिससे लोग दहशत में हैं. ज्यादतर बच्चों को बुखार और पेट दर्द की शिकायत देखने को मिल रही है. हालांकि स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम द्वारा सफाई नहीं की जा रही है. नालियां गलियां गंदगी से भरी पड़ी हैं. ऐसे में बुखार और डेंगू का सिलसिला बढ़ता ही जा रहा है.

आज खुद सीएमओ मौके पर पहुंची और इलाके का दौरा किया उसके बाद उन्होंने बच्चो की जांच भी करवाई है और बच्चों के माता-पिता से आग्रह किया कि वो साफ-सफाई का ख्याल रखें. कोई भी दिक्कत हो तो तुरंत मेडिकल कॉलेज जाएं. वहां पूरी व्यस्था की गई है.

सीएमओ ने कहा कि पूरे शहर में वायरल और डेंगू का प्रकोप हो रहा है. छोटे बच्चों पर ज्यादा असर कर रहा है. हम सभी को सूचना दे रहे हैं. अगर किसी बच्चे को कोई परेशानी है तो हम तुरंत दवाई दे रहे हैं. कैंप लगा रहे हैं. साफ-सफाई की व्यवस्था की जा रही है. अभी तक फिरोजाबाद में 6 मौतें हो चुकी है.

कोरोना तीसरी लहर के संबंध में सीएमओ मानती हैं कि तीसरी लहर की आशंका है. साथ ही कह रही है कि हम जांच करा रहे हैं. कोविड-19 की भी जांच करा रहे हैं.

उधर जानकारी के अनुसार बच्चों की मौत की सूचना मुख्यमंत्री तक पहुंच चुकी है, जिस पर मुख्यमंत्री ने कैंप लगाने की बात 2 दिन पहले कही थी लेकिन आज भी बीमार इलाकों में स्थानीय लोग कैंप न लगने की बात कह रहे हैं. इस मामले में सीएमएस डॉ आलोक शर्मा ने भी आशंका जताई है. डॉ  आलोक शर्मा कोविड-19 जिला अस्पताल के दोनों कोविड-19 महामारी के प्रभारी रह चुके हैं.

यूपी के 18 जिलों में कोई कोविड केस नहीं

पूरे उत्तर प्रदेश की बता करें तो कोविड की ताजा स्थिति के मुताबिक प्रदेश के 18 जनपदों में एक्टिव केस शून्य हैं. अलीगढ़, बागपत, बांदा, बिजनौर, एटा, फर्रुखाबाद, फतेहपुर, गोंडा, हमीरपुर, हरदोई, कानपुर देहात, महोबा, मऊ, मुजफ्फनगर, रामपुर, संतकबीरनगर, शाहजहांपुर और उन्नाव में कोविड का एक भी मरीज नहीं है.

विगत 24 घंटे में हुई टेस्टिंग में 61 जिलों में संक्रमण का एक भी नया केस नहीं पाया गया, जबकि मात्र 14 जनपदों में इकाई अंक में नए मरीज मिले हैं. वर्तमान में प्रदेश में कुल एक्टिव कोविड केस की संख्या 329 हैं. अब तक 7 करोड़ 15 लाख 21 हजार 631 कोविड सैम्पल की जांच की जा चुकी है.

विगत 24 घंटे में 2 लाख 32 हजार 28 कोविड सैम्पल की जांच की गई और 21 नए मरीजों की पुष्टि हुई. इसी अवधि में 27 मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुए. अब तक 16 लाख 86 हजार 83 प्रदेशवासी कोरोना संक्रमण से मुक्त होकर स्वस्थ हो चुके हैं. प्रदेश में कोरोना की रिकवरी दर 98.6% है. विगत दिवस दैनिक पॉजिटिविटी दर 0.01% रही.

साढ़े 6 करोड़ पार हुआ कोविड वैक्सीनेशन

प्रदेश में कोविड वैक्सीनेशन का आंकड़ा 6 करोड़ 68 लाख 47 हजार के पार हो चुका है. विगत दिवस 7 लाख 41 हजार 523 लोगों ने टीका-कवर प्राप्त किया. अब तक 5 करोड़ 62 लाख से अधिक नागरिकों ने कोविड से बचाव के लिए टीके की कम से कम एक खुराक प्राप्त कर ली है.

फिरोजाबाद: पिता ने अपनी बेटी और उसके प्रेमी की हत्या कर शव नहर में फेंका

UP: यूपी के फिरोजाबाद में एक पिता ने अपनी ही बेटी और उसके प्रेमी की हत्या कर डाली है.

Firozabad News: पुलिस ने प्रेमिका के पिता सहित 5 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है. पता चला कि समझाने के बाद जब प्रेमी युगल नहीं माना तो प्रेमिका के पिता ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस जघन्य घटना को अंजाम दे दिया.

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देवेन्द्र चौहान

फिरोजाबाद. उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद (Firozabad) में ऑनर किलिंग (Honour Killing) का मामला सामने आया है. यहां एक पिता ने अपनी बेटी के प्रेमी को घर बुलाकर दोनों की गला दबाकर हत्या कर डाली. यही नहीं हत्या के बाद सबूत मिटाने के लिए पिता ने दोनों के शव बटेश्वर के पास नहर में फेंक दिए. पता चला कि 10 अगस्त से प्रेमी घर से लापता था, उसी दिन देर रात उसकी हत्या कर दी गई.

पुलिस ने प्रेमिका के पिता सहित 5 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है. जांच में पता चला कि पूर्व में कई बार प्रेमी और प्रेमिका को पकड़ा गया था. समझाने के बाद जब प्रेमी युगल नहीं माना तो प्रेमिका के पिता ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस जघन्य घटना को अंजाम दे दिया. फिलहाल पुलिस टीम और गोताखोर नहर में शव की तलाश में जुटे हैं. मामला थाना सिरसागंज इलाके का है.

UP: अखिलेश के बाद शिवपाल यादव ने ‘अब्बा’ कहने पर जताया विरोध, सीएम योगी को लेकर कही ये बात

UP: अखिलेश के बाद शिवपाल यादव ने ‘अब्बा’ कहने पर जताया विरोध (फाइल फोटो)

उधर, यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह (Siddharth Nath Singh) ने अखिलेश यादव से सवाल किया कि उन्हें अब्बा शब्द से आपत्ति क्यों है?

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फिरोजाबाद. सीएम योगी द्वारा सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए ‘अब्बा जान’ शब्द का इस्तेमाल करने को लेकर दोनों पार्टियों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है. इसी कड़ी में रविवार को शोकसभा में शामिल होने फिरोजाबाद पहुंचे प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव (Shivpal Singh Yadav) ने सीएम योगी को अपनी भाषा शैली पर ध्यान देने की हिदायत दी. शिवपाल ने कहा कि कोई भी राजनीतिक दल उसके हमेशा मुख से सम्मानजनक कोई भी शब्द निकलना चाहिए. जिसे समाज के लोग पसंद करें, आदर्श मानें. क्योंकि राजनीतिक व्यक्ति के मुख से निकली हुई बात सब लोग सुनते और मानते हैं.

वहीं भारतीय जनता पार्टी कहती है कि मुलायम सिंह भी अखिलेश यादव को टीपू कहते हैं तो हमने अब्बा जान कह दिया तो क्या गलत कह दिया. इस सवाल पर शिवपाल यादव ने कहा कि कि हम इस पर नहीं जाना चाहते. हम कुछ नहीं कहेंगे, लेकिन हमने कहा कि भाषा धर्म का ख्याल रखना चाहिए. धर्म भाषा जो भी बातें जाति धर्म से उठकर बात करनी चाहिए. वहीं ओम प्रकाश राजभर के सवाल पर शिवपाल सिंह यादव कोई भी बयान देने से बचते नजर आए.

सपा प्रमुख अखिलेश यादव को ‘अब्बा’ शब्द से इतनी नफरत क्यों: सिद्धार्थनाथ सिंह

उधर, यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने अखिलेश यादव से सवाल किया कि उन्हें अब्बा शब्द से आपत्ति क्यों है? उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह भी तो अखिलेश को ‘टीपू’ कहकर बुलाते हैं. कैबिनेट मंत्री ने कहा कि अब्बा शब्द उर्दू का अच्छा और मीठा शब्द है.

ये था वो बयान
दरअसल अखिलेश यादव ने खुद को बीजेपी के नेताओं से बड़ा हिंदू बताया तो सीएम योगी ने राममंदिर के बहाने उन पर निशाना साधा था. सीएम योगी ने तंज कसते हुए कहा कि उनके अब्बाजान कहते थे कि वहां परिंदे को भी पर नहीं मारने देंगे, लेकिन अब वहां राम मंदिर का निर्माण शुरू हो गया है. अगले तीन साल में वहां एक बड़ा भव्य मंदिर होगा. (रिपोर्ट- देवेंद्र चौहान)

फिरोजाबाद का नाम हो सकता है चन्द्रनगर, जिला पंचायत ने पास किया प्रस्ताव

फिरोजाबाद का नाम बदलने का प्रस्ताव जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में पास किया गया.

जिला पंचायत की बैठक में कहा गया कि फिरोजाबाद शहर को पहले चंद्रनगर के नाम से ही जाना जाता था. इतिहासकारों के मुताबिक मुगल काल में शहंशाह अकबर ने अपने मनसबदार फिरोज शाह को यहां भेजा, जिसके नाम पर इस शहर को फिरोजाबाद के नाम से जाना जाने लगा.

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रिपोर्ट – देवेंद्र चौहान

फिरोजाबाद. उत्तर प्रदेश में अब एक और शहर का नाम बदलने जा रहा है. जी हां, फिरोजाबाद का नाम चंद्रनगर करने का प्रस्ताव यहां जिला पंचायत ने पास कर दिया है. शनिवार को जिला पंचायत कार्यालय सभागार में हुई बोर्ड की बैठक में यह प्रस्ताव रखा गया, जिसे पास कर राज्य सरकार को भेजा गया है. बोर्ड की बैठक जिला पंचायत अध्यक्ष हर्षिता सिंह की अध्यक्षता में हुई. शहर का नाम बदलने के प्रस्ताव का ध्वनिमत से अनुमोदन किया गया.

इससे पहले जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में वित्तीय वर्ष 2021-22 की कार्ययोजना पर विचार-विमर्श किया गया. इसके लिए सभी सदस्यों से आग्रह किया गया कि वह अपने-अपने क्षेत्र के विकास कार्याें के प्रस्ताव बोर्ड को उपलब्ध कराएं. इसके बाद बैठक में ब्लॉक प्रमुख लक्ष्मी नारायण यादव ने फिरोजाबाद शहर का नाम चंद्रनगर रखने का प्रस्ताव रखा. उन्होंने कहा कि पूर्व में जनपद फिरेाजाबाद का नाम चन्द्रनगर था, जिसको बाद में फिरोजाबाद कर दिया था. उन्होंने कहा कि नाम बदलने का प्रस्ताव सदन में पास होकर शासन को विचार के लिए भेजा जाए, जिसे सदन ने ध्वनिमत से पास किया. अब यह प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा.

बैठक के दौरान सदन की सर्वसम्मति से जिला पंचायत में विधिक परामर्श दाता की नियुक्त किए जाने का अधिकार जिला पंचायत अध्यक्षा को दिया गया. जिला पंचायत अध्यक्ष हर्षिता सिंह ने सदन के सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जिला पंचायत जनपद के हर क्षेत्र में गुणवत्ता के साथ मानकों के अनुसार विकास कार्य कराएगी. बैठक शुरू होने से पहले संचालक ने सभी जनप्रतिनिधियों का स्वागत किया और बैठक के एजेंडे को सबके सामने रखा.

नाम बदलने पर क्या कहते हैं इतिहासकार
फिरोजाबाद का नाम चंद्रनगर रखे जाने को लेकर शहर के इतिहासकार अनूप चंद जैन बताते हैं कि इसका नाम प्राचीन नाम चंदवाड़ था. सन् 1566 में मुगल बादशाह अकबर के मनसबदार फिरोज शाह के यहां आने के बाद नाम फिरोजाबाद पड़ा. उन्होंने बताया कि राजा टोडरमल इस शहर से तीर्थयात्रा को गए थे, तब शहर को लूट लिया गया था. उनके अनुरोध पर शहंशाह अकबर ने अपने कारिंदे फिरोज शाह को यहां भेजा, जिसके नाम पर बाद में इस शहर को जाना जाने लगा. यहां नगर निगम के सामने फिरोज शाह का मकबरा भी है.

Firozabad: केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी पर अभद्र टिप्पणी मामले में प्रोफेसर शहरयार अली को जेल, जानें पूरा मामला

प्रोफेसर शहरयार अली ने इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत न मिलने पर कोर्ट में सरेंडर किया था.

Firozabad News: यूपी के फिरोजाबाद कोर्ट ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी (Smriti Irani) के खिलाफ अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने को लेकर एसआरके कॉलेज के प्रोफेसर शहरयार अली (Professor Shahryar Ali) को जेल भेज दिया है. इस मामले में भाजपा युवा मोर्चा और हिंदूवादी संगठनों ने मिलकर पुलिस पर दबाव बनाया था.

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देवेंद्र चौहान 

फिरोजाबाद. यूपी के फिरोजाबाद (Firozabad) में मार्च 2021 को थाना रामगढ़ में भाजपा युवा मोर्चा के नेताओं द्वारा केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी (Union Minister Smriti Irani) के खिलाफ अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने को लेकर एसआरके कॉलेज के प्रोफेसर शहरयार अली (Professor Shahryar Ali) के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी. इसके बाद लगातार हिंदूवादी नेता प्रोफेसर की गिरफ्तारी को लेकर प्रशासन पर दबाब बनाते रहे. यही नहीं, कई बार थाने का घेराव भी किया गया. इसके साथ ही कोर्ट में भी हिंदूवादी संगठनों ने जमकर पैरवी की जिसके चलते फिरोजाबाद न्यायालय से जेल भेज दिया गया.

बता दें कि पूरा मामला 6 मार्च 2021 का है. जब एसआरके कॉलेज के प्रोफेसर शहरयार अली द्वारा फेसबुक पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए टिप्पणियां की गईं थीं. जिसके बाद हिंदूवादी नेताओं में रोष व्याप्त हुआ और फिर दूसरे दिन भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के नेताओं ने थाना रामगढ़ में प्रार्थना पत्र देकर प्रोफेसर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई. हालांकि इस मामले में प्रोफेसर की गिरफ्तारी नहीं की गई जिसके चलते तमाम हिंदूवादी संगठनों ने कई बार थाना रामगढ़ का घेराव किया और अधिकारियों को उनको समझाने में भारी मशक्कत करनी पड़ी. यही नहीं, पुलिस और प्रशासन कानूनी अड़चनों के चलते जेल प्रोफेसर शहरयार अली को भेज पाने में अक्षम बताती रही.

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ऐसे पहुंचा जेल
हालांकि हिंदूवादी संगठन के लोग न्यायालय में पहुंचकर पैरवी करने लगे. इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत न मिल पाने के कारण आरोपी प्रोफेसर शहरयार अली ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया. वहीं, अब इस मामले में न्यायालय ने अगली सुनवाई 26 जुलाई तय कर दी. जबकि न्यायालय ने मंगलवार को सुनवाई के दौरान प्रोफेसर शहरयार अली को जेल भेज दिया है.

हालांकि बवाल होने के बाद प्रोफेसर शहरयार अली ने कहा था कि उसका फेसबुक एकाउंट हैक कर लिया गया था, लेकिन इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 25 मई को अली की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा था कि यहां ऐसा कोई तथ्य दिखाने को नहीं है, जिससे पता चलता हो कि याचिकाकर्ता का फेसबुक एकाउंट हैक कर लिया गया था. वास्तव में उसने अपने फेसबुक एकाउंट पर माफी मांगी, जिससे पता चलता है कि प्रथम दृष्टया वह एकाउंट अब भी उसके द्वारा ही चलाया जा रहा है.

UP Elections: शिवपाल की PSP लोहिया और शेर सिंह राणा की राजपा में हुआ गठजोड़, फिरोजाबाद में आज दिखाएंगे दम

UP: शिवपाल की पीएसपी लोहिया और राजपा की संयुक्त रैली आज फिरोजाबाद में होने जा रही है.  (File Photo)

Etawah News: शिवपाल सिंह यादव लगातार समाजवादी पार्टी से गठबंधन की पैरोकारी करने में जुटे हुए हैं लेकिन अभी तक उनकी सपा के स्तर पर कोई स्पष्ट मत नहीं बन सका है. इसी बीच शिवपाल एकाएक राष्ट्रवादी जनलोक पार्टी सत्य के साथ संपर्क में आ गए हैं.

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इटावा. प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) (PSP Lohia) के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव (Shivpal Singh Yadav) यूपी विधानसभा के चुनावों (UP Assembly Elections 2022) के करीब आते-आते एक नए गठजोड़ में जुट गए हैं. शिवपाल सिंह यादव की कोशिश का असर यह दिखाई दे रहा है कि आज पीएसपी और राष्ट्रवादी जनलोक पार्टी सत्य (राजपा) दोनों दल संयुक्त रूप से फिरोजाबाद (Firozabad) जिले के सिरसागंज में एक रैली का आयोजन करने जा रहे हैं. राजपा संयोजक शेर सिंह राणा कहना है कि उनके दल की शिवपाल सिंह यादव की पार्टी पीएसपी से गठजोड़ के तहत पहली रैली का आज आयोजन किया गया है. इसमें दोनों दलों के प्रमुख नेता शामिल होंगे.

इस रैली में शामिल होने के लिए पीएसपी प्रमुख शिवपाल सिंह यादव लखनऊ से शुक्रवार देर शाम इटावा पहुंच गए हैं. आज 12 बजे के आसपास होने वाली रैली के लिहाज से शिवपाल सिंह यादव अपने आवास से 11 बजे फ़िरोज़ाबाद के लिए निकलेंगे. बता दें शिवपाल सिंह यादव लगातार समाजवादी पार्टी से गठबंधन की पैरोकारी करने में जुटे हुए हैं लेकिन अभी तक उनकी समाजवादी पार्टी स्तर पर कोई स्पष्ट मत नहीं बन सका है. इसी बीच एकाएक शिवपाल सिंह यादव राष्ट्रवादी जनलोक पार्टी सत्य के साथ संपर्क में आ गए हैं.

दोनों दलों के प्रमुखों नेता आज फ़िरोज़ाबाद जिले के सिरसागंज में रामलीला मैदान में अपनी ताकत दिखायेंगे. राष्ट्रवादी जनलोक पार्टी सत्य की ओर से जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति में स्पष्ट किया गया है कि प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया व राष्ट्रवादी जनलोक पार्टी सत्य एक प्रेस वार्ता का आयोजन दोपहर 12 बजे रामलीला मैदान में कर रही है. इसे पीएसपी लोहिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव राजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्यवती राणा मिलकर के संबोधित करेंगे. इसमें देश में बढ़ती महंगाई बेरोजगारी मुख्य मुद्दा होंगे.

फूलन देवी की छोटी बहन भी शेर सिंह राणा के साथ होंगी मंच पर

सिरसागंज विधानसभा की जनता को राजपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्यवती राणा, प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव, क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. शिवराम सिंह गौर, शेर सिंह राणा, पूर्व सांसद फूलन देवी की छोटी बहन मुन्नी देवी, राजपा के संस्थापक सदस्य इमाम मोहम्मद तसनीम, एससी प्रकोष्ठ प्रभारी संजय बाल्मीकि संयुक्त रूप से संबोधित करेंगे.

यूपी में सियासी जमीन की तलाश में हैं दोनों दल

बताते चलें कि चाहे पीएसपी या फिर राजपा दोनों दलों को अभी तक जनमत के तौर पर ना तो संसदीय चुनाव ओर ना ही विधानसभा चुनाव में किसी भी स्तर की कोई कामयाबी मिली है. ना ही दोनों दलों का कोई जनप्रतिनिधि निर्वाचित हुआ है. दोनों दल अपना जमीनी आधार पर खड़ा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं.

Uttar Pradesh में एक शख्‍स को बकरे ने बनाया लखपत‍ि, जानें क्‍या वजह है


उत्‍तर प्रदेश के फिरोजाबाद में एक शख्‍स को उसके बकरे ने रातोंरात लखपत‍ि बना द‍िया

Firozabad goat worth Rs 10 lakh: यह मामला फिरोजाबाद के थाना फरिहा के गांव रखाबली का है, जहां एक गरीब मजदूर सुरेंद्र सिंह अपने परिवार के साथ गांव में रहता है. सुरेंद्र के कुछ जानवर रहते है और उसी में से एक बकरे के ऊपर शरीर पर अल्लाह लिखा हुआ पाया गया, जिसकी जानकारी लोगों को हुई तो वो बकरे को देखने के लिए दूर-दूर से आने लगे.

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देवेंद्र चौहान

उत्‍तर प्रदेश के फिरोजाबाद में एक शख्‍स को उसके बकरे ने रातोंरात लखपत‍ि बना द‍िया. हां, यह सुनकर आपको भी हैरानी हो रही होगी लेक‍िन ये सच्‍चाई है. असल में इसे विश्वास कहा जाए या अंधविश्वास, क्‍योंक‍ि हद जब पार हो जाती है जब किसी जानवर पर कोई विशेष नाम लिखा होने से किस्मत बदलने का काम करने लगता है और लोग धर्म से जोड़ देते हैं.

यह मामला फिरोजाबाद के थाना फरिहा के गांव रखाबली का है, जहां एक गरीब मजदूर सुरेंद्र सिंह अपने परिवार के साथ गांव में रहता है. सुरेंद्र के कुछ जानवर रहते है और उसी में से एक बकरे के ऊपर शरीर पर अल्लाह लिखा हुआ पाया गया, जिसकी जानकारी लोगों को हुई तो वो बकरे को देखने के लिए दूर-दूर से आने लगे.

धीरे-धीरे बकरे की कीमत बढ़ती गई और आज मजदूर परिवार उस बकरे की कीमत से अपनी किस्मत बदलने की उम्मीद कर रहा है. अब पर‍िवार उस बकरे को 10 लाख की कीमत पर बेचने की बात कर रहा है हालांक‍ि बकरे की कीमत 5 लाख रुपये लग चुकी है.

बकरा मालिक सुरेंद्र सिंह ने बताया क‍ि वह मनरेगा में काम करने वाला मजदूर है. जब जानकारी हुई क‍ि उसके यहां रह रहे बकरे के ऊपर अल्लाह लिखा है और इसकी बाजार में कीमत अनमोल है तो उसकी खुशी का इजहार ना रहा और वह इस बकरे को बेचने के लिए लाखों रुपए की कीमत बता रहा है. अब जो भी हो लेकिन वह बकरा सुरेंद्र सिंह की किस्मत बदलने के लिए तो खास बनता जा रहा है.

उन्‍होंने कहा क‍ि इस पर अल्‍लाह ल‍िखा है और यह कुर्बानी का बच्‍चा है. इसल‍िए इसे देखने के ल‍िए लोगों की भीड़ यहां इक्‍ट्ठा हुई है. उन्‍होंने कहा हे क‍ि बकरे की कीमत 10 लाख रुपये रखी गई है और अभी तक उन्‍हें 5 लाख रुपये तक कीमत लगाई जा चुकी है.

Firozabad News: आगरा एक्सप्रेसवे पर खड़ी डबल डेकर बस को डीसीएम ने मारी टक्कर, पांच की मौत

फ़िरोज़ाबाद में सड़क हादसा

Agra-Lucknow Expressway Accident: राजस्थान से लखनऊ जा रही बस थाना नगला खंगार क्षेत्र में आगरा एक्सप्रेसवे के 61 किलोमीटर माइलस्टोन के पास खराब हो गई. इसमें बीच पीछे से आ रही तेज रफ़्तार डीसीएम बस में जा घुसी. इस वजह से 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई.

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फिरोजाबाद. आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे (Agra-Lucknow Expressway) पर मंगलवार तड़के एक बड़ा सड़क हादसा (Road Accident) हुआ, जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई. जबकि दो अन्य घायल हो गए. फिरोजाबाद (Firozabad) जनपद के थाना नगला खंगार क्षेत्र में खराब होने की वजह से सड़क किनारे खड़ी डबल डेकर बस में एक डीसीएम ने पीछे से टक्कर मार दी. इस हादसे में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. जबकि दो यात्री घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में एडमिट कराया गया है.

जानकारी के मुताबिक, राजस्थान से लखनऊ जा रही बस थाना नगला खंगार क्षेत्र में आगरा एक्सप्रेसवे के 61 किलोमीटर माइलस्टोन के पास खराब हो गई. इसमें बीच पीछे से आ रही तेज रफ़्तार डीसीएम बस में जा घुसी. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस में सवार पांच यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई. बताया जा रहा है कि डीसीएम के ड्राइवर को झपकी आने की वजह से यह हादसा हुआ.

इनकी हुई मौत
डीसीएम के ड्राइवर रेशम थापा, निवासी नेपाल, परिचालक आनंद की मृत्यु हो गई. इसके अलावा बस ड्राइवर रामसेवक जो अलीनगर दरभंगा का रहने वाला है उसकी भी मौत हो गई है. दो मृतक अज्ञात हैं, जो बस में सवार थे. दो घायलों में एक बस का परिचालक प्रकाश है जो मूलतः झंझारपुर थाना बीजा जनपद मधुबनी का रहने वाला है और दूसरा घायल आरिफ खान निवासी ग्राम हिम्मतपुर थाना ठठिया जनपद कन्नौज का रहने वाला है. दोनों घयलों को सैफई भेजा गया है.

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सीएम योगी ने जताया दुःख
फिरोजाबाद में हुई मार्ग दुर्घटना पर सीएम योगी आदित्यनाथ दुख जताया है. साथ ही जिले के वरिष्ठ अधिकारियों को घटनास्थल पर तत्काल पहुंच कर पीड़ितों की सहायता करने के निर्देश दिए. घायलों को भी बेहतर चिकित्सा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए.

(रिपोर्ट: देवेंद्र चौहान)
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