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ग्राउंड रिपोर्ट: सिर्फ फिरोजाबाद सीट पर ही टक्कर देती दिख रही है शिवपाल यादव की प्रसपा
Firozabad News in Hindi

Amit Tiwari | News18 Uttar Pradesh
Updated: April 10, 2019, 12:13 PM IST
ग्राउंड रिपोर्ट: सिर्फ फिरोजाबाद सीट पर ही टक्कर देती दिख रही है शिवपाल यादव की प्रसपा
फाइल फोटो

वैसे तो शिवपाल यादव की प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (प्रसपा) कन्नौज और मैनपुरी छोड़कर सभी सीटों पर चुनाव लड़ रही है, लेकिन वह सिर्फ फिरोजाबाद में ही टक्कर देती दिख रही है.

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सुहाग का शहर फिरोजाबाद इस बार यूपी की हाईप्रोफाइल सीट में से एक हो गया है. इस सीट से इस बार यादव कुनबे के दो दिग्गज आमने-सामने हैं. समाजवादी पार्टी से अलग होकर नई पार्टी बनाने वाले शिवपाल यादव अपने भतीजे और मौजूदा सांसद अक्षय यादव को टक्कर दे रहे हैं. इस सीट से बीजेपी ने चंद्रसेन जादौन को प्रत्याशी बनाया है.

वैसे तो शिवपाल यादव की प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (प्रसपा) कन्नौज और मैनपुरी छोड़कर सभी सीटों पर चुनाव लड़ रही है, लेकिन वह सिर्फ फिरोजाबाद में ही टक्कर देती दिख रही है. क्योंकि इस सीट से खुद शिवपाल यादव मैदान में हैं. शिवपाल के मैदान में उतरने से यह सीट सपा के लिए इतनी आसान नहीं रह गई है. हालांकि गठबंधन की तरफ से सपा प्रत्याशी अक्षय यादव शिवपाल फैक्टर को मानने से इंकार करते हैं. उनका कहना है कि पिछली बार से भी बड़ी जीत दर्ज होगी.

शिवपाल व अक्षय दोनों ने झोंक दी है ताकत

प्रतिष्ठा का सवाल बनी फिरोजाबाद सीट पर शिवपाल और अक्षय दोनों ने अपनी ताकत झोंक दी है. शिवपाल यहां छोटी-छोटी सभाएं कर रहे हैं. सभाओं में वे भीड़ भी जुटा रहे हैं. लेकिन समाजवादी पार्टी का कहना है कि जो भी भीड़ उनकी सभा में जुट रही है, वह उनके विधानसभा क्षेत्र जसवंतनगर की है. अक्षय यादव कहते हैं कि जो भी लोग जुट रहे हैं, वह फिरोजाबाद के वोटर नहीं हैं. वे बाहरी हैं. उधर अक्षय भी देर रात तक सपा दफ्तर पर कार्यकर्ताओं से मीटिंग करते दिखे. उन्होंने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव जाने का भी निर्देश दिया.



संगठन में शिवपाल की पकड़

मुलायम सिंह यादव से राजनीति का ककहरा सिखने वाले शिवपाल यादव संगठन की राजनीति में माहिर माने जाते हैं. कहा जाता है कि सपा के पुराने कार्यकर्ताओं में उनकी आज भी पकड़ है. वह विपक्ष के नेता भी रहे. साथ ही अलग-अलग सरकारों में मंत्री भी रहे. जिसकी वजह से आज भी कई लोग शिवपाल के समर्थन और विरोध दोनों में हैं.फिरोजाबाद में जातीय समीकरण

यादव वोटर की बात करें तो फिरोजाबाद में उनकी संख्या 4.31 लाख के करीब है, इसके अलावा 2.10 लाख जाटव, 1.65 लाख ठाकुर, 1.47 लाख ब्राह्मण, 1.56 लाख मुस्लिम और 1.21 लाख लोधी मतदाता हैं.

सपा के बागियों का मिल रहा शिवपाल को साथ

फिरोजाबाद जिले के सिरसागंज से बागी सपा विधायक हरिओम यादव शिवपाल के पक्ष में वोट मांग रहे हैं. हरिओम यादव तीन बार से विधायक हैं. वो सपा में रहते हुए भी अक्षय यादव का पुरजोर विरोध कर रहे हैं. फिरोजाबाद के अंतर्गत पांच विधानसभा सीटें हैं, जिसमें चार पर बीजेपी विधायक हैं. बीजेपी की बंपर लहर के बाद भी हरिओम 2017 में विधानसभा चुनाव जीतने में सफल रहे थे. हालांकि सपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि शिवपाल ज्यादा नुकसान नहीं कर पाएंगे. जसवंतनगर निवासी सुबोध यादव का कहना है कि शिवपाल को ज्यादा से ज्यादा 25 फ़ीसदी यादवों का वोट मिल सकता है.

जाटव और मुस्लिम वोटर होंगे निर्णायक

अक्षय यादव को इस बार गठबंधन का प्रत्याशी होने का फायदा मिल सकता है क्योंकि मायावती और शिवपाल की अदावत पुरानी है. गेस्ट हाउस कांड में शिवपाल ही थे. लिहाजा जब 20 अप्रैल को वह यहां रैली करेंगी तो एकमुश्त जाटव वोट अक्षय को देने की अपील भी करेंगी. उधर मुस्लिम मतदाताओं में भी शिवपाल चेहरा तो हैं, लेकिन कितना वोट हासिल कर पाएंगे? यह एक सवाल ही है. पूर्व सपा विधायक अजीम भाई इस बार शिवपाल का साथ दे रहे हैं. उनकी शहर के मुसलामानों में अच्छी पकड़ मानी जाती है. लिहाजा हो सकता है कि मुसलामानों के वोट का एक हिस्सा शिवपाल को भी मिल जाए.

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First published: April 10, 2019, 11:56 AM IST
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