NEWS18-IPSOS एग्जिट पोल: चाचा शिवपाल या भतीजा अक्षय, कौन जीत रहा है फिरोजाबाद?

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Updated: May 21, 2019, 3:17 AM IST
NEWS18-IPSOS एग्जिट पोल: चाचा शिवपाल या भतीजा अक्षय, कौन जीत रहा है फिरोजाबाद?
शिवपाल यादव को फिरोजाबाद सीट पर भतीजे अक्षय से कड़ी टक्‍कर मिल रही है.

मतदान संपन्न होने के बाद न्यूज़18-इप्सॉस के एग्ज़िट पोल पर आधारित अनुमान के मुताबिक इस सीट पर कांटे के मुकाबला है. यहां चाचा या भतीजे में से कोई भी जीत सकता है लेकिन फिलहाल किसी के पक्ष में स्पष्ट तौर से कुछ नहीं कह पाने की स्थिति है.

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लोकसभा चुनावों में वोटिंग का दौर समाप्त होने के बाद जो अनुमान सामने आ रहे हैं, उनके मुताबिक उत्तर प्रदेश की दिलचस्प फिरोजाबाद सीट पर कौन आगे है और कौन पीछे? पढ़ें अनुमान और पूरा गणित.

फिरोजाबाद लोकसभा सीट यादव समुदाय बहुल सीट है और यहां इस चुनाव में चाचा भतीजे की सीधी भिड़ंत ने मुकाबला रोचक बना दिया है. पिछले चुनाव में मोदी लहर के बावजूद सपा के अक्षय यादव ने यहां जीत दर्ज की थी लेकिन इस बार अक्षय के सामने सपा से अलग हुए शिवपाल यादव मैदान में हैं. मतदान संपन्न होने के बाद न्यूज़18-इप्सॉस के एग्ज़िट पोल पर आधारित अनुमान के मुताबिक इस सीट पर कांटे के मुकाबला है. यहां चाचा या भतीजे में से कोई भी जीत सकता है लेकिन फिलहाल किसी के पक्ष में स्पष्ट तौर से कुछ नहीं कह पाने की स्थिति है.

ये है दिलचस्प मुकाबले का कारण
लोकसभा चुनाव 2019 में कांच की चूड़ियों के लिए प्रसिद्ध, एटा, इटावा और मैनपुरी से सटे अकबर के जमाने के शहर फिरोजाबाद में दिलचस्‍प मुकाबला देखने को मिल सकता है. इस सीट पर यादव परिवार के चाचा-भतीजा एक-दूसरे के खिलाफ ताल ठोक रहे हैं. मुलायम सिंह यादव के भाई शिवपाल यादव और सपा के मौजूदा सांसद और रामगोपाल यादव के बेटे अक्षय यादव इस सीट पर आमने सामने हैं.

दूसरी तरफ, बीजेपी ने भी अपने पुराने कार्यकर्ता डॉ. चंद्रसेन जादौन को मैदान में उतारा है. चूंकि बीजेपी का मुकाबला यादव परिवार से है लिहाज़ा चुनौती कड़ी है. लोकसभा चुनावों से पहले शिवपाल यादव ने सपा से अलग होकर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी बनाई है. जबकि अक्षय सपा के टिकट पर ही मैदान में हैं.

पिछली बार मोदी लहर के बावजूद जीते थे अक्षय
लोकसभा चुनाव 2014 में पूरे उत्‍तर प्रदेश में मोदी लहर के बावजूद यहां समाजवादी पार्टी के अक्षय यादव ने बाजी मार ली थी. अक्षय यादव को कुल 5 लाख से ज्यादा यानी 48.4% वोट मिले थे, जबकि भाजपा के उम्मीदवार को 38 फीसदी वोट मिले थे. अक्षय यादव ने एसपी सिंह बघेल को शिकस्‍त दी थी. ऐसा नहीं है कि बीजेपी इस सीट पर जीत नहीं पाई है. 1991 के बाद बीजेपी के प्रभु दयाल कठेरिया ने जीत की हैट्रिक लगाई थी.
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ये है वोटरों का ताना-बाना
2014 के आंकड़ों के अनुसार यहां 16 लाख से अधिक वोटर हैं. इनमें 9 लाख से अधिक पुरुष और 7 लाख से अधिक महिला मतदाता हैं. 2019 के चुनाव में भी इस सीट पर मुस्लिम, जाट और यादव वोटरों का समीकरण बड़ी भूमिका निभाएगा. दिलचस्‍प है कि इस संसदीय क्षेत्र की पांच विधानसभा सीटों में से चार पर बीजेपी ने जीत दर्ज की, जबकि सिर्फ एक सिरसागंज सीट पर सपा ने जीत दर्ज की थी.

फिरोजाबाद यादव बहुल सीट है. यहां यादव वोटरों की संख्या 4.31 लाख के करीब है, इसके अलावा 2.10 लाख जाटव, 1.65 लाख ठाकुर, 1.47 लाख ब्राह्मण, 1.56 लाख मुस्लिम और 1.21 लाख लोधी मतदाता हैं.

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First published: May 21, 2019, 3:17 AM IST
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