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flatted factories will be built in agra kanpur and gorakhpur on the lines of noida dlnh

नोएडा-ग्रेटर नोएडा की तर्ज पर आगरा, कानपुर और गोरखपुर में बनेंगी फ्लैटेड फैक्ट्रियां, जानें प्लान

नोएडा-ग्रेटर नोएडा की तर्ज पर फ्लैटेड फैक्ट्री सिस्टम के तहत नई यूनिट तैयार की जाएंगी.

नोएडा-ग्रेटर नोएडा की तर्ज पर फ्लैटेड फैक्ट्री सिस्टम के तहत नई यूनिट तैयार की जाएंगी.

उत्तर प्रदेश सरकार (UP Government) अगले 100 दिनों में आगरा (Agra), कानपुर और गोरखपुर (Gorakhpur) में तीन फ्लैटेड फैक्ट्री परिसरों, अलीगढ़ (Aligarh) में एक मिनी औद्योगिक क्षेत्र के साथ-साथ संत कबीरदास नगर और चंदौली में जनसुविधा केंद्रों का शिलान्यास करने जा रही है. इसके अलावा फर्रुखाबाद और तालकटोरा, लखनऊ (Lucknow) में औद्योगिक बुनियादी ढांचे में सुधार कार्य भी शुरू किया जाएगा. मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना की लागत 25 लाख रुपये से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये की जा रही है.

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    नोएडा. जिलों में फैक्ट्रियों बनाने के संबंध में यूपी की योगी सरकार (Yogi Government) ने एक बड़ा ऐलान किया है. नई योजना के तहत अब नोएडा (Noida)-ग्रेटर नोएडा की तर्ज पर फ्लैटेड फैक्ट्री सिस्टम (Flatted Factory System) के तहत नई यूनिट तैयार की जाएंगी. नोएडा-ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) के बाद अब आगरा (Agra), कानपुर और गोरखपुर (Gorakhpur) में इसकी शुरुआत होने जा रही है. नोएडा-ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) में इसकी शुरुआत मेडिकल डिवाइस पार्क, टैक्सटाइल और टॉय पार्क आदि से हो चुकी है. इस योजना का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसके तहत न तो लम्बी-चौड़ी जमीन की जरूरत पड़ती है और न ही जमीन खरीदकर फैक्ट्री बनवाने का झंझट, मतलब अपने कारोबार के हिसाब से सभी संसाधन वाली फैक्ट्री किराए पर लोग और काम शुरू कर दो.

    इस तरह के कारोबार में होता हैड फ्लैटे फैक्ट्री का इलस्तेमा

    जानकारों की मानें तो फ्लैटेड फैक्ट्री का कॅन्सेप्ट विदेशी है. इसके तहत फ्लैटनुमा बहुमंजिला इमारतों का निर्माण किया जाता है. इमारत के हर फ्लोर पर काम के हिसाब से स्ट्राक्चर तैयार किया जाता है. जैसे जूता सिलाई, रेडीमेड गारमेंट, इलेक्ट्रॉनिक-इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट, हैंडीक्राफ्ट, फैशन डिजाइन, आईटी सेक्टर से जुड़े केपीओ, बीपीओ, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, डिजाइनिंग, असेंबलिंग की छोटी फैक्ट्रियां आदि. खास बात यह है कि फ्लैटेड फैक्ट्रियों में काम से जुड़े जरूरी संसाधन पहले से ही स्थापित होते हैं.

    संसाधनों के साथ किराए पर मिल जाती है फैक्ट्री

    जानकारों की मानें तो फ्लैटेड फैक्ट्री कॉन्सेप्ट से ऐसे कारोबारी भी कारोबार शुरु कर सकते हैं जिनके पास कम पूंजी है. ज़मीन खरीदने और फैक्ट्री बनवाने से लेकर उसका स्ट्राक्चर तक तैयार कराने लायक लागत नहीं है.ऐसे में फ्लैटेड फैक्ट्री कॅन्सेप्ट बहुत ही काम आता है.

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    इसके तहत अपने काम के हिसाब से फैक्ट्री में पहले से तैयार फ्लोर किराए पर लेकर काम शुरु किया जा सकता है.इस कॅन्सेप्ट से ज़मीन और फैक्ट्री के लिए मोटी रकम का इंवेस्टमेंट नहीं करना होता है. प्रोजेक्ट के हिसाब से फ्लैटेड फैक्ट्री में स्ट्राक्चर तैयार मिल जाता है. अच्छी बात यह भी है कि इस तरह की फैक्ट्री किराए पर भी मिल जाती हैं.

    Tags: Agra news, Gorakhpur news, Noida news, UP Government cabinet

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