Covid 19: तब चेचक खत्म कराने को कानून बनवाने में AMU के सर सैय्यद अहमद का था यह रोल
Aligarh News in Hindi

Covid 19: तब चेचक खत्म कराने को कानून बनवाने में AMU के सर सैय्यद अहमद का था यह रोल
कोरोना वायरस के चलते भारत में 1000 से अधिक लोगों की जान चली गई.

पोलियों (Polio) के लिए भी एएमयू (AMU) से जगह-जगह शहरों में टीमें भेजी गईं थी. मस्जिदों में जाकर लोगों को जागरुक किया गया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 14, 2020, 7:53 AM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. चेचक (Smallpox) हो या पोलियो (Polio) उसे खत्म कराने में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) और उसके संस्थापक सर सैय्यद का अहम रोल रहा है. अब जब कोरोना (Corona) से जंग लड़ी जा रही है तब भी एएमयू के छात्र और उसका मेडिकल कॉलेज रात-दिन काम में जुटा हुआ है. चेचक को खत्म कराने के लिए तो सर सैय्यद अहमद ने कानून तक बनवाया था. तब कहीं जाकर चेचक का टीका लगवाना अनिवार्य हुआ था. पोलियों के लिए भी एएमयू से जगह-जगह शहरों में टीमें भेजी गईं थी. मस्जिदों (Masjid) में जाकर लोगों को जागरुक किया गया था.

चेचक के टीके के लिए ऐसे बनवाया था कानून

एएमयू में उर्दू विभाग के चैयरमेन डॉ. राहत अबरार का कहना है कि यह वाक्या 1879 का है. उस वक्त सर सैय्यद अहमद खां वायसराय काउंसिल के सदस्य थे. देश में चेचक फैली हुई थी. उस वक्त भी देश महामारी के ऐसे ही बुरे वक्त से गुजर रहा था. चेचक का टीका बन चुका था. लेकिन उसे लगवाने को लेकर तमाम तरह की अफवाहें फैल चुकी थीं. तभी सर सैय्यद ने काउंसिल में एक बिल पेश किया. यह बिल चेचक के टीके को अनिवार्य किए जाने के संबंध में था. बिल काउंसिल में पास हो गया. सर सैय्यद ने 1867 में बनारस में होम्योपैथक अस्पताल की स्थापना भी की थी.



पोलियो से निपटने को भी आगे आया था एएमयू
पोलियों को जड़ से मिटाने के लिए देश ही नहीं दुनियाभर में अभियान चल चुका है. लेकिन भारत में पोलियो ड्रॉप को लेकर कई तरह की अफवाहें फैल चुकी हैं. देश में एक तबके ने बच्चों को पोलियों की दवा पिलवाने से इंकार कर दिया था. उस वक्त भी ऐसे हालात में एएमयू आगे आया था. एएमयू के पूर्व वीसी प्रोफेसर नसीम अहमद ने तुरंत ही इस तरह की अफवाहों पर रोकथाम लगाने के लिए एएमयू के कई प्रोफेसर की टीम तैयार की थी. यह टीम अलग-अलग मस्जिदों में जाकर लोगों को जागरुक करती थीं.

खाने और दवाई के जरिए कोरोना से लड़ रहे हैंं जंग

देश में जब कोरोना वायरस के चलते हालात बिगड़े हुए हैं तो ऐसे वक्त में भी एएमयू देशवासियों की खिदमत के लिए आगे खड़ा दिखाई दे रहा है. एक ओर तो एएमयू के कई पूर्व और मौजूदा छात्र एएमयू परिसर में जरूरतमंदों के लिए बने हुए खाने का और सूखे राशन का इंतज़ाम करते हैं. फोन पर मिली डिमांग के हिसाब से उसे जरूरतमंद के दरवाज़े तक पहुंचाते हैं. वहीं एएमयू का जेएन मेडिकल कॉलेज अलीगढ़ समेत और भी दूसरे ज़िलों से आ रहे सैंपल की जांच कर रहा है. अभी तक 12 सौं से ज़्यादा सैंपल की जांच हो चुकी है. आइसोलेशन वार्ड तैयार किए हैं. किसी भी दूसरे हालात से निपटने के लिए वैंटीलेटर तैयार कर लिए हैं.

ये भी पढ़ें-

Lockdown: चोटिल जूनियर छात्र को खुद रिक्शा चलाकर अस्पताल ले गया सीनियर

 

Covid 19: महाराष्ट्र-पटना के गुरुद्वारों में Lockdown के चलते फंसे हैं 5 हज़ार तीर्थयात्री
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading