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गौतम बुद्ध नगर को 3 बड़ी वजह से पीएम मोदी ने बताया गेटवे ऑफ लॉजिस्टिक, जानें सब कुछ

गौतम बुद्ध नगर को 3 बड़ी वजह से पीएम मोदी ने बताया गेटवे ऑफ लॉजिस्टिक, जानें सब कुछ

दादरी रेलवे स्टेशन के पास बनने वाला यह फ्रेट विलेज एनआईसीडीसी बना रहा है.

दादरी रेलवे स्टेशन के पास बनने वाला यह फ्रेट विलेज एनआईसीडीसी बना रहा है.

लॉजिस्टिक और वेयरहाउसिंग हब (Logistics and Warehousing Hub) के साथ ही मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब नए शहर में बसाया जाएगा. नए शहर में यमुना अथॉरिटी (Yamuna Authority) की योजना स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने की है. स्वच्छ पर्यावरण बनाए रखने और बेहतर ट्रांसपोर्ट सुविधा देने के लिए सड़कों पर निजी और कमर्शियल वाहनों (Commercial Vehicle) के लिए अलग लेन बनाई जाएगी. वहीं शहर में कोई ट्रैफिक सिग्नल भी नहीं होगा. इतना ही नहीं नए शहरों से निकलने वाले सीवर के पानी को यमुना नदी (Yamuna River) में नहीं छोड़ा जाएगा. इस योजना को अंजाम देने के लिए सीवर के पानी को रिसाइकल किया जाएगा. वहीं रिसाइकल किए गए पानी को शहर की बागवानी के काम में लिया जाएगा. 

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    नोएडा. आने वाले वक्त में गौतम बुद्ध नगर (Gautam Budh Nagar) नॉर्थ इंडिया का गेटवे ऑफ लॉजिस्टिक बनेगा. जेवर एयरपोर्ट (Jewar Airport) का शिलान्यास करते वक्त पीएम नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) ने ये बात कही थी. चंद घंटों में यहां से देश के किसी भी कोने में सामान पहुंच जाएगा. लेकिन पीएम के ऐसा कहने के पीछे भी केन्द्र सरकार की ही तीन बड़ी परियोजनाएं ही हैं. बेशक इन पर काम ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) और यमुना अथॉरिटी, यूपी में हो रहा है, लेकिन इसका बड़ा फायदा खासतौर पर यूपी के साथ ही दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) को भी मिलेगा. लॉजिस्टिक और वेयरिंग हब के बराबर में ही बनने वाला मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब भी इसमे खासा मददगार साबित होगा.

    अलीगढ़ के टप्पल में बन रहा है लॉजिस्टिक हब

    यमुना अथॉरिटी के अफसरों की मानें तो टप्पल-बाजना अर्बन सेंटर को कुल 11104 हेक्टेयर जगह में बसाया जाएगा. लेकिन इसमें से 1794.4 हेक्टेयर ज़मीन बिजनेस करने के लिए छोड़ी जाएगी. यहां लॉजिस्टिक और वेयर हाउसिंग कलस्टर विकसित किया जाएगा. वहीं 1608.3 हेक्टेयर ज़मीन आवासीय होगी. यह नया शहर सेक्टर 35 के पास बसाया जाएगा.

    मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब बनने के बाद वेयर हाउसिंग का पूरा सिस्टम विकसित किया जाएगा. वेयर हाउसिंग में 1500 से 2000 करोड़ रुपये का निवेश ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी करेगी. बाकी का पैसा सरकार लगाएगी. सीईओ का कहना है कि ग्रेटर नोएडा शहर की कनेक्टिविटी देश के दूसरे शहरों से कहीं बेहतर है. जिसके जरिए कोई भी सामान भारत के किसी भी हिस्से में चंद घंटों में पहुंच जाएगा. ऐसा होने के बाद ट्रांसपोर्ट पर लागत भी कम आएगी.

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    इस तरह मददगार साबित होगा मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब

    ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के सीईओ के मुताबिक मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब बन जाने से ग्रेटर नोएडा में कंपनियों की बाढ़ आ जाएगी. ट्रांसपोर्ट हब जिले में पहले से मौजूद बोड़ाकी रेलवे स्टेशन पर बनेगा. इसके साथ ही दुबई और सिंगापुर जैसे पोर्ट की तरह इनलैंड कंटेनर डिपो बनाया जाएगा.

    इसी स्टेशन के दूसरी तरफ इंटर स्टेट बस टर्मिनल (आईएसबीटी) का निर्माण भी किया जाएगा. साथ में एक मेट्रो स्टेशन भी बनाया जाएगा. इसमें भी 1500 से 2000 करोड़ का निवेश अथॉरिटी की तरफ से किया जाएगा. बाकी निवेश भारत सरकार करेगी. वहीं 12 हजार करोड़ का निवेश कुछ समय बीत जाने के बाद प्राइवेट सेक्टर करेगा. इन दो प्रोजेक्टों से हजारों लोगों को रोजगार भी मिलेगा.

    लॉजिस्टिक गेटवे में सोने पर सुहागा होगा ईस्टर्न-वेस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर

    जानकारों की मानें तो जेवर एयरपोर्ट से 15 किमी की दूरी पर दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग का चोला रेलवे स्टेशन है. चोला स्टेशन के पास ही ईस्टर्न और वेस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर आपस में मिलते हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए चोला स्टेशन से जेवर एयरपोर्ट तक 15 किमी की रेलवे लाइन बिछाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है. इस लाइन के शुरू होते ही जेवर एयरपोर्ट सीधे ईस्टर्न और वेस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर से जुड़ जाएगा. लेकिन यह लाइन पूरी तरह से सिर्फ माल ढुलाई के लिए ही होगी.

    Tags: Gautam Buddha Nagar, Jewar airport, Pm narendra modi

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