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गाजियाबाद लोकसभा सीट: क्या 2019 में जीत की हैट्रिक लगा पाएगी बीजेपी?

गाजियाबाद रेलवे स्टेशन 
(फाइल फोटो)

गाजियाबाद रेलवे स्टेशन (फाइल फोटो)

पश्चिमी उत्तर प्रदेश का ये जिला दिल्ली से सटा होने की वजह से बेहद अहम है. सभी प्रमुख पार्टियां इस सीट पर अपना मजबूत दाव ...अधिक पढ़ें

    देश की राजधानी दिल्ली से सटी उत्तर प्रदेश की गाजियाबाद लोकसभा सीट हॉट सीट मानी जाती है. गाजियाबाद का इतिहास 2500 ईसा पूर्व का है. इसे मोहम्मद शाह के मंत्री वजीर गाजी-उद-दीन ने स्थापित किया था. इनके नाम से इस शहर को नाम 'गाजियाबाद' मिला. 1857 विद्रोह के दौरान ब्रिटिश सेना और भारतीय विद्रोहियों के बीच भिड़ंत यहीं हुई थी. गाजियाबाद लोकसभा सीट की गिनती उत्तर प्रदेश की वीआईपी सीटों में होती है.

    5 विधानसभा क्षेत्र

    गाजियाबाद लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत 5 विधानसभा क्षेत्र गाजियाबाद, साहिबाबाद, लोनी, मुरादनगर और धौलाना आते हैं. 2009 लोकसभा चुनाव से पहले ये सीट हापुड़ लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत थी. साल 2009 में हुए परिसीमन के बाद हापुड़ लोकसभा सीट को समाप्त कर दिया गया. 'यूपी का डोर' कहे जाने वाले गाजियाबाद 133.3 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है.

    ये रहा इतिहास

    गाजियाबाद में पहली बार साल 2009 में चुनाव हुए थे. साल 2009 में पहली बार कांग्रेस के सुरेंद्र प्रकाश गोयल और भारतीय जनता पार्टी के राजनाथ सिंह के बीच टक्कर हुई थी. कड़ी टक्कर में राजनाथ सिंह ने कांग्रेस को पटखनी दी और गाजियाबाद से सांसद बने.

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    केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह (File Photo)


    दूसरी बार यानी साल 2014 के लोकसभा चुनाव में गाजियाबाद की हाईप्रोफाइल सीट से फिर कांटे की टक्कर हुई. बीजेपी ने जहां जनरल वीके सिंह, कांग्रेस ने के राज बब्बर, सपा ने सुधन रावत, बसपा ने मुकुल उपाध्याय और आम आदमी पार्टी ने शाजिया इल्मी को चुनावी रण में उतारा. 2014 के इस रण में बीजेपी के जनरल वीके सिंह और कांग्रेस के राज बब्बर के बीच कांटे की टक्कर में वीके सिंह सांसद बनें.

    जातिगत समीकरण

    पश्चिमी उत्तर प्रदेश का ये जिला दिल्ली से सटा होने की वजह से बेहद अहम है. सभी प्रमुख पार्टियां इस सीट पर अपना मजबूत दावेदार उतारने की कोशिश करती हैं. इस सीट पर जीत के लिए दलित-मुस्लिम समीकरण का रोल अहम होता है. 2014 में यहां करीब 23 लाख से अधिक वोटर थे. वहीं गाजियाबाद में 72 प्रतिशत आबादी हिंदू और 25 प्रतिशत जनसंख्या मुस्लिम है. साल 2014 के चुनाव आकड़ों के मुताबिक, 23,58,553 वोटरों ने हिस्सा लिया थी. इसमें 56 प्रतिशत पुरुष और 43 प्रतिशत महिलाएं शामिल थीं.

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    रिटायर्ड जनरल वीके सिंह. (File Photo)


    बीजेपी का कब्जा

    2017 में हुए विधानसभा चुनाव में इनमें से सिर्फ धौलाना सीट बहुजन समाज पार्टी के खाते में गई थी, जबकि अन्य सभी 4 सीटों पर भारतीय जनता पार्टी का कब्जा था. बता दें कि सेना प्रमुख रह चुके वीके सिंह ने 2014 में लोकसभा चुनाव से पहले ही भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए थे. 2010 से लेकर 2012 तक वह सेना प्रमुख रहे, हालांकि यूपीए सरकार के आखिरी दिनों में उनकी उम्र को लेकर काफी बड़ा विवाद छिड़ा था. 2014 में गाजियाबाद से बड़ी जीत हासिल करने का ईनाम वीके सिंह को केंद्र सरकार में मंत्री बनकर मिला.

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    Tags: BJP, Ghaziabad News, Lok Sabha Election 2019, Pm narendra modi, RSS, Uttar Pradesh Lok Sabha Constituencies Profile, Uttar pradesh news, Uttar Pradesh Politics, VHP, Yogi adityanath

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